शेर-ए-पंजाब टी20 – 125 रन की नाबाद पारी से प्रभसिमरन का धमाका, अभिषेक-नमन के 199 रन पर भारी पड़ा कप्तान का शतक; जालंधर की बड़ी जीत

शेर-ए-पंजाब टी20 – 125 रन की नाबाद पारी से प्रभसिमरन का धमाका, अभिषेक-नमन के 199 रन पर भारी पड़ा कप्तान का शतक; जालंधर की बड़ी जीत

शेर-ए-पंजाब टी20 लीग 2026 में बल्लेबाजों का ऐसा तूफान देखने को मिला, जिसमें गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। मोहाली में खेले गए टूर्नामेंट के पांचवें मुकाबले में अमृतसर सूरमास और जालंधर वॉरियर्स के बीच रनों की जमकर बारिश हुई। दोनों टीमों ने मिलकर 500 से ज्यादा रन बनाए और मुकाबला लंबे समय तक रोमांच से भरपूर रहा। आखिरकार जालंधर वॉरियर्स ने 265 रनों के विशाल लक्ष्य को महज 16.5 ओवर में हासिल कर आठ विकेट से शानदार जीत दर्ज कर ली।

इस मुकाबले की सबसे बड़ी कहानी जालंधर के कप्तान प्रभसिमरन सिंह की रही। उन्होंने ऐसी विस्फोटक पारी खेली कि अमृतसर की ओर से कप्तान अभिषेक शर्मा और नमन धीर के बल्ले से निकले बड़े स्कोर भी फीके पड़ गए। प्रभसिमरन ने सिर्फ 47 गेंदों में नाबाद 125 रन ठोककर अपनी टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। उनकी पारी में चौकों और छक्कों की ऐसी बरसात हुई कि अमृतसर के गेंदबाजों के पास उन्हें रोकने का कोई जवाब नजर नहीं आया।

अमृतसर सूरमास की कप्तानी कर रहे अभिषेक शर्मा ने भी बल्ले से जोरदार जवाब दिया था। उन्होंने केवल 26 गेंदों में 82 रन बनाकर अपनी टीम को तेज शुरुआत दिलाई। उनके बाद नमन धीर ने शतकीय पारी खेलते हुए स्कोर को 264 रन तक पहुंचाया। इसके बावजूद अमृतसर की टीम अपने विशाल स्कोर का बचाव नहीं कर सकी। यह अभिषेक शर्मा की कप्तानी वाली टीम की लगातार दूसरी हार है।

शुरुआत में लगा अमृतसर के लिए मुश्किल होगा मैच

अमृतसर सूरमास को टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी का मौका मिला, लेकिन पारी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई। टीम को शुरुआती झटका विकेटकीपर बल्लेबाज सहज धवन के रूप में लगा। वह केवल 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। ऐसे समय में टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी और कप्तान अभिषेक शर्मा ने खुद जिम्मेदारी संभाल ली।

अभिषेक के साथ नमन धीर क्रीज पर आए और दोनों ने जालंधर के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। शुरुआत में संभलकर खेलने के बाद दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाने शुरू किए। मैदान के चारों तरफ शॉट लगने लगे और जालंधर के गेंदबाज लगातार दबाव में आते गए।

अभिषेक शर्मा ने खास तौर पर आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने केवल 26 गेंदों का सामना करते हुए 82 रन बना डाले। उनकी पारी में पांच चौके और सात छक्के शामिल रहे। यानी अभिषेक ने अपनी पारी के दौरान 12 गेंदों को बाउंड्री के पार पहुंचाया। उनकी बल्लेबाजी से साफ हो गया था कि अमृतसर बड़ा स्कोर बनाने की कोशिश में है।

नमन धीर ने संभाला मोर्चा और ठोक दिया शतक

अभिषेक शर्मा के आउट होने के बाद भी अमृतसर की रन बनाने की रफ्तार कम नहीं हुई। नमन धीर ने पारी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली। उन्होंने जालंधर के गेंदबाजों पर लगातार प्रहार किया और देखते ही देखते अपना शतक पूरा कर लिया।

नमन ने 56 गेंदों में 117 रन की शानदार पारी खेली। उनके बल्ले से सात चौके और 10 छक्के निकले। उनकी पारी की बदौलत अमृतसर की टीम ने निर्धारित पारी में 5 विकेट खोकर 264 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।

अमृतसर की पारी खत्म होने के बाद मुकाबला एकतरफा नजर आने लगा था। 265 रन का लक्ष्य टी20 क्रिकेट में भी आसान नहीं माना जाता। ऐसे स्कोर का पीछा करने के लिए जालंधर को शुरुआत से ही तेज रन बनाने की जरूरत थी। हालांकि, किसी को अंदाजा नहीं था कि लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान प्रभसिमरन सिंह इतनी विस्फोटक पारी खेल देंगे।

जालंधर ने पहले ही ओवरों से दिखाए इरादे

265 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जालंधर वॉरियर्स ने रक्षात्मक रवैया अपनाने के बजाय शुरुआत से ही आक्रामक क्रिकेट खेली। कप्तान प्रभसिमरन सिंह ने पारी की कमान संभाली और दूसरे छोर पर विश्वनाथ सिंह उनका साथ देने उतरे।

दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बटोरे। अमृतसर के गेंदबाजों पर दबाव बनाने में जालंधर की सलामी जोड़ी कामयाब रही और पहले विकेट के लिए 64 रन की साझेदारी हुई। विश्वनाथ सिंह ने महज 12 गेंदों में 31 रन बनाए। हालांकि, वह अपनी पारी को ज्यादा लंबा नहीं खींच सके और आउट होकर पवेलियन लौट गए।

विश्वनाथ के आउट होने के बावजूद जालंधर की रनगति पर कोई असर नहीं पड़ा। प्रभसिमरन लगातार बड़े शॉट लगाते रहे और उन्होंने गेंदबाजों को वापसी का मौका नहीं दिया।

हरजस सिंह ने भी तेज पारी खेली

विश्वनाथ के आउट होने के बाद हरजस सिंह क्रीज पर पहुंचे। उन्होंने प्रभसिमरन के साथ मिलकर जालंधर की पारी को आगे बढ़ाया। हरजस ने भी आते ही तेजी से रन बनाने शुरू किए और अमृतसर के गेंदबाजों को दबाव में रखा।

हरजस सिंह ने 21 गेंदों पर 42 रन की उपयोगी पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता साफ दिखाई दी। हालांकि, 42 रन बनाने के बाद वह आउट हो गए। उस समय जालंधर को अभी भी काफी रन बनाने थे, लेकिन टीम के कप्तान प्रभसिमरन सिंह पूरी तरह सेट हो चुके थे।

दो विकेट गिरने के बाद भी जालंधर के खेमे में किसी तरह की घबराहट नजर नहीं आई। इसका सबसे बड़ा कारण प्रभसिमरन का क्रीज पर मौजूद रहना था। उन्होंने न सिर्फ रन बनाना जारी रखा बल्कि लक्ष्य को लगातार छोटा करते गए।

प्रभसिमरन ने अकेले बदल दिया मैच का रुख

जालंधर वॉरियर्स के कप्तान प्रभसिमरन सिंह ने इस मुकाबले में अपनी बल्लेबाजी का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरे मैच का रुख बदल दिया। अमृतसर ने 264 रन का बड़ा स्कोर बनाया था, लेकिन प्रभसिमरन के सामने यह लक्ष्य भी छोटा साबित हुआ।

उन्होंने महज 47 गेंदों पर नाबाद 125 रन की पारी खेली। उनकी पारी में 14 चौके और आठ छक्के शामिल रहे। यानी प्रभसिमरन ने अकेले ही 22 बाउंड्री लगाईं। उनकी बल्लेबाजी इतनी तेज थी कि जालंधर लगातार रन रेट की जरूरत से आगे निकलता गया।

प्रभसिमरन ने शुरुआत में रन बनाने के साथ विकेट भी बचाए और जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, उनके शॉट्स और ज्यादा आक्रामक होते चले गए। उन्होंने अमृतसर के लगभग हर गेंदबाज के खिलाफ बड़े शॉट लगाए। उनकी नाबाद पारी ने न सिर्फ जालंधर को जीत दिलाई बल्कि उन्हें इस मुकाबले का सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी भी बना दिया।

अनमोल मल्होत्रा ने भी दिया कप्तान का साथ

जालंधर की जीत में प्रभसिमरन सिंह के साथ अनमोल मल्होत्रा का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा। दो विकेट गिरने के बाद उन्होंने कप्तान के साथ मिलकर पारी को संभाला और लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ते रहे।

अनमोल ने केवल 23 गेंदों में नाबाद 53 रन बनाए। उन्होंने प्रभसिमरन पर से दबाव कम किया और तेजी से रन बनाकर मुकाबले को अमृतसर की पकड़ से बाहर कर दिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच शानदार तालमेल देखने को मिला।

आखिरी ओवरों में जालंधर को जीत के लिए ज्यादा रन की जरूरत नहीं रह गई थी। प्रभसिमरन और अनमोल ने बिना कोई और विकेट गंवाए टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया।

16.5 ओवर में हासिल किया 265 रन का लक्ष्य

जालंधर वॉरियर्स ने 265 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए केवल 16.5 ओवर में दो विकेट खोकर जीत हासिल कर ली। टीम ने आठ विकेट से मुकाबला अपने नाम किया। इस जीत की सबसे खास बात यह रही कि जालंधर ने 265 रन जैसे विशाल लक्ष्य को भी काफी आसानी से हासिल कर लिया।

अमृतसर की ओर से अभिषेक शर्मा ने 82 और नमन धीर ने 117 रन बनाकर अपनी टीम के लिए मजबूत आधार तैयार किया था। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 199 रन बनाए, लेकिन इसके बावजूद टीम जीत दर्ज नहीं कर सकी। दूसरी तरफ प्रभसिमरन सिंह ने अकेले 125 रन की नाबाद पारी खेलकर पूरे मुकाबले की कहानी बदल दी।

अभिषेक की टीम को लगातार दूसरी हार

इस हार के साथ अमृतसर सूरमास के लिए टूर्नामेंट की शुरुआत चिंता बढ़ाने वाली हो गई है। अभिषेक शर्मा की कप्तानी वाली टीम को लगातार दूसरे मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है। टीम ने अपने पहले मुकाबले में भी जीत हासिल नहीं की थी।

अमृतसर के लिए सबसे बड़ी चिंता यह होगी कि बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद टीम मैच नहीं जीत सकी। 264 रन का स्कोर टी20 मुकाबले में आम तौर पर मजबूत माना जाता है, लेकिन जालंधर ने जिस अंदाज में उसका पीछा किया, उसने अमृतसर की गेंदबाजी पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

वहीं जालंधर वॉरियर्स के लिए यह जीत आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हुई है। टीम के कप्तान प्रभसिमरन सिंह ने न सिर्फ बल्ले से रिकॉर्ड जैसी पारी खेली बल्कि अपनी कप्तानी में भी टीम को मुश्किल स्थिति से निकालकर शानदार जीत दिलाई।

मोहाली में खेला गया यह मुकाबला शेर-ए-पंजाब टी20 लीग के सबसे रोमांचक मुकाबलों में शामिल हो गया। 529 रन के कुल स्कोर, अभिषेक शर्मा और नमन धीर की विस्फोटक बल्लेबाजी तथा प्रभसिमरन सिंह की नाबाद 125 रन की पारी ने मुकाबले को यादगार बना दिया। अमृतसर ने जहां 264 रन बनाकर चुनौती पेश की, वहीं जालंधर ने कप्तान प्रभसिमरन की अगुवाई में महज 16.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। अब अमृतसर सूरमास के सामने सबसे बड़ी चुनौती लगातार दूसरी हार से उबरकर टूर्नामेंट में वापसी करने की होगी।