कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में सड़क सुरक्षा, राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति, स्ट्रीट लाइट, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, बिजली योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सांसद ने विशेष रूप से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को शाहपुर बस अड्डे के समीप चिन्हित ब्लैक स्पॉट को जल्द से जल्द ठीक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस स्थान को सुरक्षित बनाने के निर्देश पिछली दिशा बैठक में भी दिए गए थे, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी प्रकार की प्रशासनिक या अन्य सहायता की आवश्यकता है तो वह अपने स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार हैं।
डॉ. भारद्वाज ने नागाबाड़ी में मौजूद ब्लैक स्पॉट को भी प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों से लंबित कार्यों की स्पष्ट प्रगति रिपोर्ट मांगी। बैठक में जब किसी मुद्दे पर अपेक्षित जानकारी उपलब्ध नहीं थी तो सांसद ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि बैठक में पूरी तैयारी के साथ और अपडेट होकर आएं। उन्होंने कहा कि दिशा की बैठक केवल औपचारिकता निभाने या बैठकर चर्चा करने के लिए नहीं होती, बल्कि यहां विकास कार्यों से जुड़े ठोस निर्णय लिए जाने चाहिए।
32 मील जंक्शन समेत प्रमुख स्थानों पर हाई मास्ट लाइट लगाने के निर्देश
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख चौराहों पर रोशनी की व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। सांसद ने 32 मील जंक्शन पर अंधेरे की समस्या का उल्लेख करते हुए एनएचएआई अधिकारियों को वहां हाई मास्ट लाइट लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भंडवार सहित अन्य महत्वपूर्ण जंक्शनों पर भी पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि रात के समय वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी न हो तथा दुर्घटनाओं का जोखिम कम किया जा सके। सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले 15 दिनों के भीतर इन कार्यों की प्रगति दिखाई देनी चाहिए।
बैठक में मैक्लोडगंज-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह बने गड्ढों का मामला भी सामने आया। सांसद ने सड़क की स्थिति सुधारने और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही जसूर में सीवरेज से जुड़ी समस्या पर भी चर्चा हुई।
ठानपुरी जंक्शन की बदहाली पर जताई चिंता
सांसद ने ठानपुरी जंक्शन में पहले करवाए गए पौधारोपण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एनएचएआई की ओर से इस स्थान पर पौधारोपण करवाया गया था, लेकिन वर्तमान में वहां की स्थिति संतोषजनक नहीं है। पौधों और आसपास के क्षेत्र के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने एसडीएम नगरोटा बगवां को मौके का निरीक्षण करने और स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि विकास कार्य केवल शुरू कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित निगरानी और रखरखाव भी जरूरी है। सार्वजनिक स्थानों पर किए गए पौधारोपण को संरक्षित करने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
बैठक में कांगड़ा क्षेत्र में चल रही स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सांसद को विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति और अब तक हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी।
टांडा अस्पताल में हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड को लेकर सवाल
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में हिमकेयर और आयुष्मान भारत कार्ड के इस्तेमाल को लेकर उठा। सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने अधिकारियों से पूछा कि क्या अस्पताल में वास्तव में दोनों योजनाओं के कार्ड स्वीकार किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनके पास रोजाना ऐसे लोग आते हैं, जो शिकायत करते हैं कि अस्पताल में इन कार्डों का लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल में हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड की सुविधा उपलब्ध है तो इसे सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाना चाहिए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों में किसी तरह का भ्रम न रहे।
सांसद ने टांडा मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सुझाव दिया कि अस्पताल की ओर से इस संबंध में स्पष्ट जानकारी जारी की जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता को यह पता होना चाहिए कि किन उपचारों और सेवाओं के लिए योजनाओं का लाभ मिल सकता है। इससे मरीजों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।
बैठक में टांडा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने जानकारी दी कि वर्तमान में अस्पताल में हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने अस्पताल परिसर से सटी जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू किए जाने की भी जानकारी दी। प्राचार्य के अनुसार, यदि यह जमीन मेडिकल कॉलेज को उपलब्ध हो जाती है तो भविष्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में इसका लाभ मिलेगा।
टांडा में मल्टी स्टोरी पार्किंग का प्रस्ताव
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने अस्पताल परिसर में पार्किंग की समस्या का समाधान करने के लिए मल्टी स्टोरी पार्किंग बनाने का आग्रह सांसद के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल आने वाले अन्य लोगों की संख्या अधिक होने के कारण पार्किंग की जरूरत लगातार बढ़ रही है।
प्राचार्य ने सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ की प्रगति की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि यदि प्रस्तावित फर्नीचर उपलब्ध हो जाता है तो केंद्र में आईपीडी यानी इन-पेशेंट विभाग शुरू किया जा सकेगा। इससे मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की उपलब्धि भी साझा की। प्राचार्य के अनुसार, संस्थान में अब तक 245 रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं। सांसद ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
रणवीर निक्का ने उठाया नूरपुर अस्पताल का मुद्दा
बैठक में नूरपुर के विधायक रणवीर निक्का ने मदर एंड चाइल्ड अस्पताल से संबंधित मुद्दा उठाया। उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
इसी दौरान टांडा मेडिकल कॉलेज में हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड के इस्तेमाल को लेकर भी चर्चा हुई। विधायक पवन काजल ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए संबंधित समस्या का समर्थन किया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से कार्ड की सुविधा वर्तमान में उपलब्ध होने की जानकारी दी गई।
बैठक में सांसद ने कहा कि केंद्र और राज्य की स्वास्थ्य योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना जरूरी है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन को मरीजों को स्पष्ट और सही जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री को टांडा बुलाने का सुझाव
सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने टांडा मेडिकल कॉलेज में किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव राणा के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से सुझाव दिया कि टांडा में स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाए।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में उन्हें स्वयं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी आमंत्रित किया जा सकता है। सांसद के अनुसार, इस तरह के आयोजन से टांडा मेडिकल कॉलेज की उपलब्धियों और आवश्यकताओं को बड़े स्तर पर सामने रखने में मदद मिलेगी तथा संस्थान के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
विकास कार्यों के उद्घाटन को लेकर सांसद ने दिए निर्देश
बैठक में आरडीएसएस योजना के तहत पावर हाउस के उद्घाटन का मामला भी सामने आया। इस परियोजना का उद्घाटन नूरपुर के पूर्व विधायक से करवाए जाने पर चर्चा हुई।
इस पर सांसद डॉ. भारद्वाज ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में सरकारी योजनाओं के तहत होने वाले उद्घाटन कार्यक्रमों में वर्तमान में चुने हुए जनप्रतिनिधियों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्र के विधायक और सांसद को विकास कार्यों की जानकारी होनी चाहिए तथा उन्हें कार्यक्रमों से जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिया कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं आनी चाहिए। सांसद ने कहा कि वह कांगड़ा जिले में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, इसलिए केंद्र से संबंधित विकास योजनाओं और परियोजनाओं की जानकारी जनप्रतिनिधियों के साथ साझा की जानी चाहिए।
टीबी उन्मूलन समेत जन अभियानों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
दिशा बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान सहित विभिन्न सरकारी अभियानों की भी समीक्षा की गई। सांसद ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में चुने हुए जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाई जाए।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल विभागीय स्तर पर किए गए प्रयासों से संभव नहीं है। पंचायतों, नगर निकायों और अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ने पर योजनाओं की जानकारी अधिक लोगों तक पहुंचाई जा सकती है और जमीनी स्तर पर परिणाम भी बेहतर मिलेंगे।
बैठक के दौरान सांसद ने अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं की लगातार निगरानी करने, तय समय सीमा में कार्य पूरा करने और जनता से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की समीक्षा केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अधिकारियों को मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेना होगा।
दिशा बैठक में सड़क सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं और बिजली परियोजनाओं तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। सांसद ने अधिकारियों से जवाबदेही के साथ काम करने और तय समयसीमा में प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने दोहराया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाना ही विकास कार्यों का अंतिम उद्देश्य होना चाहिए।




