हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों को राहत की तैयारी, आठ घंटे बाद मिलेगा ओवरटाइम; वर्दी और जूता भत्ता भी बढ़ेगा

हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों को राहत की तैयारी, आठ घंटे बाद मिलेगा ओवरटाइम; वर्दी और जूता भत्ता भी बढ़ेगा

हरियाणा रोडवेज के चालकों और परिचालकों के लिए सरकार ने कई अहम फैसलों पर सहमति जताई है। परिवहन मंत्री अनिल विज के साथ मंगलवार को रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा की बैठक में कर्मचारियों की अधिकांश मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक में करीब 80 से 90 प्रतिशत मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई है। इनमें आठ घंटे की ड्यूटी पूरी करने के बाद ओवरटाइम का लाभ, वर्दी और जूता भत्ते में बढ़ोतरी, नए परिचालकों की भर्ती तथा ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं।

बैठक के दौरान कर्मचारियों से जुड़े कई लंबित मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सरकार की ओर से कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने के साथ-साथ रोडवेज के संचालन को अधिक व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया। परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को यात्रियों की सुविधा और कर्मचारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम जल्द उठाने के निर्देश दिए।

आठ घंटे के बाद ओवरटाइम का रास्ता साफ

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय चालकों और परिचालकों की ड्यूटी से संबंधित रहा। प्रस्ताव के अनुसार अब आठ घंटे की नियमित ड्यूटी पूरी करने के बाद कर्मचारियों को अतिरिक्त काम के लिए ओवरटाइम का लाभ दिया जाएगा। लंबे समय से ड्यूटी के घंटों और अतिरिक्त कार्य के भुगतान को लेकर कर्मचारियों की ओर से मांग उठाई जाती रही है।

इस व्यवस्था के लागू होने से निर्धारित समय से अधिक काम करने वाले चालकों और परिचालकों को अतिरिक्त मेहनत का वित्तीय लाभ मिलने की उम्मीद है। रोडवेज कर्मचारी संगठनों ने इसे अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया था।

सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत में यह भी प्रयास किया गया कि ड्यूटी की व्यवस्था को स्पष्ट और व्यावहारिक बनाया जाए, ताकि कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्य का बोझ पड़ने की स्थिति में उन्हें नियमानुसार भुगतान मिल सके।

गर्मी-सर्दी की वर्दी का भत्ता बढ़ेगा

कर्मचारियों को मिलने वाले वर्दी भत्ते में भी बदलाव प्रस्तावित किया गया है। गर्मी की वर्दी के लिए मौजूदा 1,350 रुपये के भत्ते को बढ़ाकर 2,000 रुपये करने पर सहमति बनी है। इसी तरह सर्दी की वर्दी के लिए मिलने वाला 1,450 रुपये का भत्ता बढ़ाकर 1,780 रुपये किया जाएगा।

वर्दी भत्ते में संशोधन का उद्देश्य कर्मचारियों को वर्तमान कीमतों के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराना है। रोडवेज चालक और परिचालक लंबे समय तक ड्यूटी के दौरान वर्दी में रहते हैं, ऐसे में कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से भत्ते में बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी।

जूता भत्ता भी 1600 रुपये होगा

वर्दी के साथ कर्मचारियों के जूता भत्ते में भी बढ़ोतरी की जाएगी। वर्तमान में मिलने वाले 1,000 रुपये के जूता भत्ते को बढ़ाकर 1,600 रुपये करने का प्रस्ताव है।

सरकार की ओर से इन भत्तों में संशोधन को कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे चालकों और परिचालकों को अपनी ड्यूटी से जुड़े आवश्यक सामान पर बढ़ी हुई लागत के बीच कुछ अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

700 परिचालकों की भर्ती जल्द

हरियाणा रोडवेज में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए भी बैठक में महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही 700 परिचालकों के पद भरे जाएंगे। इसके अलावा 2,072 नियमित परिचालकों की नियुक्ति से संबंधित प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास भेजा जा चुका है।

कर्मचारियों की कमी का सीधा असर बसों के संचालन और ड्यूटी व्यवस्था पर पड़ता है। नए परिचालकों की भर्ती से कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का दबाव कम होने और बसों के संचालन को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

नियमित पदों पर नियुक्ति से लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों की मांगों और विभाग की मानव संसाधन जरूरतों को भी संबोधित करने की दिशा में कदम आगे बढ़ेगा।

ड्यूटी के दौरान विवाद से निपटने के लिए हर जिले में नोडल अधिकारी

बैठक में चालकों और परिचालकों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। बस संचालन के दौरान यात्रियों या अन्य लोगों के साथ विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आने पर कर्मचारियों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इस समस्या से निपटने के लिए अब प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। यह अधिकारी ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के साथ होने वाली झड़प, मारपीट या अन्य विवाद की स्थिति में समन्वय और आवश्यक कार्रवाई में भूमिका निभाएगा।

कर्मचारी संगठनों की ओर से लंबे समय से मांग की जाती रही है कि ड्यूटी के दौरान किसी अप्रिय घटना की स्थिति में कर्मचारियों को तत्काल प्रशासनिक और कानूनी सहायता उपलब्ध हो। नोडल अधिकारी की नियुक्ति इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

परिचालकों के ग्रेड पे पर दूसरे राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन

परिचालकों के ग्रेड पे में बढ़ोतरी की मांग पर भी बैठक में चर्चा हुई। सरकार अब पड़ोसी राज्यों में रोडवेज परिचालकों के लिए लागू वेतन और ग्रेड पे व्यवस्था का अध्ययन करेगी।

इस अध्ययन के बाद हरियाणा में परिचालकों के ग्रेड पे को लेकर आगे निर्णय लिया जा सकता है। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि जिम्मेदारियों और कार्यभार के अनुरूप वेतन ढांचे में सुधार किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही चालकों को हैवी पे ग्रेड देने की मांग पर भी पुनर्विचार किया जाएगा। स्टैंड इंचार्ज के पद सृजित करने से संबंधित मांग को भी दोबारा देखने पर सहमति बनी है।

अवकाश और पदोन्नति से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में

बैठक में कर्मचारियों के सेवा संबंधी मामलों को भी एजेंडे में शामिल किया गया। कर्मचारियों को अर्जित अवकाश देने, ग्रुप-डी कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति का अवसर देने तथा कैलेंडर अवकाश से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई।

कर्मचारी संगठनों ने कहा कि अवकाश और पदोन्नति से जुड़े मामलों का समाधान कर्मचारियों की सेवा शर्तों को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है। बैठक में इन मुद्दों पर संबंधित विभागीय प्रक्रिया के अनुसार आगे कार्रवाई करने की बात कही गई।

बसों की समय-सारिणी में बदलाव के निर्देश

परिवहन मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को हरियाणा रोडवेज की बसों के टाइम टेबल की समीक्षा कर उसमें जल्द बदलाव करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बसों की समय-सारिणी यात्रियों की जरूरत और मौजूदा परिवहन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए तय की जानी चाहिए।

नई समय-सारिणी तैयार करते समय ऐसे रूट और समय भी देखे जाएंगे, जहां यात्रियों की मांग अधिक है या वर्तमान व्यवस्था में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समय-सारिणी में बदलाव का उद्देश्य बस सेवाओं को अधिक उपयोगी और प्रभावी बनाना है।

एक महीने के वेतन के बराबर बोनस का प्रस्ताव

कर्मचारियों के लिए बोनस का मुद्दा भी बैठक में उठा। साझा मोर्चा की ओर से एक महीने के वेतन के बराबर बोनस देने की मांग रखी गई। इस मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष भेजने का निर्णय लिया गया है।

अब इस मामले में अंतिम फैसला मुख्यमंत्री स्तर पर लिया जाएगा। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय होगा और उन्हें बोनस का लाभ मिल सकेगा।

अधिकांश मांगों पर बनी सहमति

मंगलवार की बैठक को रोडवेज कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कर्मचारी साझा मोर्चा और परिवहन विभाग के बीच हुई बातचीत में करीब 80 से 90 प्रतिशत मांगों पर सहमति बनने की बात कही गई है।

बैठक में एक तरफ कर्मचारियों की आर्थिक और सेवा संबंधी मांगों पर चर्चा हुई, वहीं दूसरी ओर रोडवेज के संचालन और यात्रियों की सुविधा से जुड़े विषयों पर भी निर्णय लिए गए। आठ घंटे बाद ओवरटाइम, भत्तों में बढ़ोतरी, परिचालकों की भर्ती और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति जैसे फैसले कर्मचारियों के लिए सीधे तौर पर महत्वपूर्ण हैं।

सरकार की ओर से प्रस्तावित कदमों के लागू होने के बाद रोडवेज कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों में सुधार की उम्मीद है। वहीं, नए परिचालकों की नियुक्ति और बसों की समय-सारिणी में बदलाव से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। अब कर्मचारियों की नजर लंबित मांगों पर होने वाले अंतिम आदेशों और मुख्यमंत्री स्तर पर लिए जाने वाले फैसलों पर रहेगी।