अजय देवगन की चर्चित फिल्म फ्रेंचाइजी ‘दृश्यम’ का तीसरा और अंतिम अध्याय दर्शकों के बीच पहुंचने के लिए तैयार है। फिल्म को लेकर पहले से ही काफी उत्सुकता बनी हुई थी, लेकिन ट्रेलर सामने आने के बाद एक सवाल ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है। दूसरे पार्ट में पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाने वाले अक्षय खन्ना तीसरे पार्ट में नजर नहीं आ रहे हैं, जबकि उनकी जगह जांच की कमान जयदीप अहलावत के किरदार के हाथों में दिखाई दे रही है। ऐसे में सोशल मीडिया से लेकर फिल्म के प्रशंसकों के बीच यह चर्चा तेज थी कि क्या जयदीप ने अक्षय खन्ना को फिल्म में रिप्लेस किया है?
अब इस सवाल पर खुद अजय देवगन और जयदीप अहलावत ने स्थिति साफ कर दी है। गोवा में आयोजित ‘दृश्यम 3’ के ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम में जब कलाकारों से इस बदलाव के बारे में पूछा गया, तो अजय देवगन ने साफ तौर पर बताया कि दोनों किरदारों को एक-दूसरे का विकल्प समझना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक कहानी जिस मुकाम पर पहुंच चुकी है, वहां जांच का स्तर भी बदलना जरूरी था।
अजय देवगन ने समझाया कि ‘दृश्यम’ की पिछली कहानी में जिस पुलिस व्यवस्था के जरिए केस को सुलझाने की कोशिश की गई थी, वह अपने स्तर पर आगे बढ़ चुकी है। अब कहानी में खतरा पहले से ज्यादा बड़ा हो चुका है और इसी वजह से जांच की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच के अधिकारी को दी गई है। यही कारण है कि तीसरी फिल्म में एक नया पुलिस किरदार दिखाई देता है।
अजय के अनुसार, फिल्म में किसी पुराने किरदार को दोहराने के बजाय कहानी को अगले स्तर तक ले जाने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि जब किसी मामले की जांच क्राइम ब्रांच के पास पहुंचती है, तो उसका नजरिया और तरीका दोनों बदल जाते हैं। उनके मुताबिक ‘दृश्यम 3’ की कहानी जिस दिशा में जा रही है, उसके लिए इसी तरह के बदलाव की जरूरत थी।
कहानी के हिसाब से बदला गया जांच का तरीका
‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी की खासियत हमेशा से यह रही है कि इसमें पुलिस और विजय सलगांवकर के परिवार के बीच चलने वाली दिमागी जंग कहानी का अहम हिस्सा रही है। पहले भाग में पुलिस के सामने एक रहस्यमयी मामला था, जबकि दूसरे भाग में इस केस की परतें और भी गहरी होती दिखाई दी थीं। अक्षय खन्ना ने दूसरे पार्ट में पुलिस अधिकारी के तौर पर कहानी में एक नया तनाव पैदा किया था।
अब तीसरी फिल्म में मामला एक और बड़े स्तर पर पहुंचता नजर आ रहा है। ट्रेलर में जयदीप अहलावत के किरदार को जांच के मोर्चे पर उतारा गया है। उनका अंदाज भी पहले नजर आए पुलिस अधिकारियों से अलग दिखाई देता है। यही वजह है कि दर्शकों ने तुरंत दोनों कलाकारों के किरदारों के बीच तुलना शुरू कर दी।
हालांकि जयदीप अहलावत खुद इस तुलना को ज्यादा महत्व नहीं देते। उनका कहना है कि जब उन्हें फिल्म की कहानी सुनाई गई थी, तब उनके सामने यह सोचने की कोई वजह नहीं थी कि वह अक्षय खन्ना की जगह ले रहे हैं। उनके लिए यह एक बिल्कुल नया किरदार और उसकी अपनी अलग कहानी थी।
जयदीप अहलावत ने क्यों नहीं माना खुद को रिप्लेसमेंट?
ट्रेलर लॉन्च के दौरान जयदीप से सीधे पूछा गया कि क्या उन्हें अक्षय खन्ना के किरदार की जगह लाया गया है। इस पर अभिनेता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने किरदार को कभी रिप्लेसमेंट के नजरिए से नहीं देखा।
जयदीप के मुताबिक एक अभिनेता के लिए यह ज्यादा जरूरी होता है कि वह अपने किरदार की यात्रा को समझे। अगर वह लगातार यह सोचता रहे कि उससे पहले इसी जगह कोई दूसरा कलाकार क्या कर चुका है, तो उसके अपने अभिनय पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए उन्होंने शुरुआत से ही अपने किरदार को अलग तरीके से समझने की कोशिश की।
उन्होंने बताया कि कहानी सुनते समय कहीं भी उन्हें ऐसा महसूस नहीं हुआ कि उनका किरदार किसी पुराने किरदार की कमी पूरी करने के लिए जोड़ा गया है। उनके सामने जो कहानी रखी गई, उसमें उनका चरित्र अपनी स्वतंत्र यात्रा के साथ मौजूद था।
जयदीप ने यह भी कहा कि दोनों किरदारों के सफर अलग हैं। एक पात्र की कहानी जहां खत्म होती है, वहीं से दूसरे पात्र की एंट्री होती है। इसलिए दोनों को एक ही नजरिए से देखना उचित नहीं होगा।
निर्देशक ने पहले ही तय कर दी थी किरदार की बारीकियां
जयदीप अहलावत ने फिल्म के निर्देशक अभिषेक पाठक और उनकी टीम की तैयारी की भी तारीफ की। अभिनेता के मुताबिक उन्हें अपने किरदार को समझने में इसलिए भी आसानी हुई क्योंकि निर्देशक ने उसके बारे में काफी पहले से विस्तार से काम किया हुआ था।
किसी भी अभिनेता के लिए नए किरदार को पर्दे पर उतारने से पहले उसके स्वभाव, सोच, व्यवहार और काम करने के तरीके को समझना बेहद महत्वपूर्ण होता है। जयदीप के मुताबिक उनके मामले में ये बुनियादी चीजें पहले से स्पष्ट थीं। इससे उन्हें अपने किरदार की मानसिकता पकड़ने और उसे पर्दे पर स्वाभाविक ढंग से पेश करने में मदद मिली।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि फिल्म में उनका किरदार केवल जांच करने वाला अधिकारी भर नहीं है। कहानी में उसकी अपनी सोच और अपना नजरिया है, जो उसे पहले दिखाई दे चुके पुलिस पात्रों से अलग बनाता है।
‘दृश्यम 3’ में फिर बढ़ेगा पुलिस और विजय का टकराव
फिल्म की कहानी को लेकर ज्यादा जानकारी अभी निर्माताओं ने सामने नहीं रखी है, लेकिन ट्रेलर ने यह जरूर संकेत दिया है कि विजय सलगांवकर और उसके परिवार के सामने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। अजय देवगन एक बार फिर विजय के किरदार में दिखाई देंगे, जबकि तब्बू और श्रिया सरन भी इस कहानी का अहम हिस्सा हैं।
‘दृश्यम’ की दोनों पिछली फिल्मों में कहानी का बड़ा हिस्सा इस बात पर केंद्रित रहा कि विजय अपने परिवार को बचाने के लिए किस तरह पुलिस की जांच से एक कदम आगे रहने की कोशिश करता है। यही सस्पेंस इस सीरीज की सबसे बड़ी ताकत रहा है। तीसरी फिल्म में जब जांच की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच तक पहुंचती है, तो जाहिर है कि परिवार के लिए चुनौतियां पहले से ज्यादा गंभीर हो सकती हैं।
जयदीप अहलावत का किरदार इसी बढ़े हुए खतरे का प्रतिनिधित्व करता नजर आ रहा है। ट्रेलर में उनकी मौजूदगी ने दर्शकों के बीच कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या विजय इस बार भी पुलिस से आगे निकल पाएगा? क्या पुरानी कहानी से जुड़े राज आखिरकार सामने आएंगे? और सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार ‘दृश्यम’ की कहानी का अंत हो जाएगा?
इन सवालों के जवाब फिल्म की रिलीज के बाद ही मिलेंगे।
अजय देवगन ने क्यों कहा कि कहानी को यहीं खत्म करना सही है?
‘दृश्यम 3’ को इस फ्रेंचाइजी की अंतिम फिल्म के तौर पर पेश किया जा रहा है। इसका पूरा नाम ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ बताया गया है, जिससे भी साफ संकेत मिलता है कि कहानी को किसी निर्णायक मुकाम तक ले जाने की तैयारी है।
अजय देवगन ने फिल्म के आखिरी अध्याय को लेकर अपनी राय जाहिर करते हुए कहा कि किसी अच्छी चीज को उसके सबसे मजबूत मुकाम पर जाकर खत्म करना बेहतर होता है। उनका मानना है कि कहानी को केवल फ्रेंचाइजी आगे बढ़ाने के लिए खींचते रहना जरूरी नहीं है। अगर किसी कहानी को सही जगह पर निष्कर्ष दिया जाए, तो उसका असर दर्शकों पर लंबे समय तक बना रह सकता है।
यही वजह है कि ‘दृश्यम 3’ को लेकर दर्शकों में उत्सुकता और बढ़ गई है। एक तरफ उन्हें यह जानने की बेचैनी है कि विजय और उसके परिवार का क्या होगा, वहीं दूसरी तरफ यह भी देखना दिलचस्प होगा कि जयदीप अहलावत का नया पुलिस किरदार इस पूरी कहानी को किस दिशा में ले जाता है।
अक्षय खन्ना की गैरमौजूदगी से बढ़ी उत्सुकता
दूसरे पार्ट में अक्षय खन्ना ने पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाकर कहानी में अलग तरह का तनाव पैदा किया था। उनका किरदार विजय की कहानी को समझने और उसके खिलाफ सबूत जुटाने की कोशिश करता नजर आया था। इसलिए तीसरे पार्ट में उनके न होने को दर्शकों ने तुरंत नोटिस किया।
लेकिन अजय देवगन और जयदीप अहलावत की बातों से अब यह स्पष्ट है कि फिल्म में इसे महज कास्ट रिप्लेसमेंट के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। कहानी के स्तर पर जांच की जिम्मेदारी को एक नए चरण में ले जाने के लिए नए अधिकारी को पेश किया गया है।
इस बदलाव का असली असर फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा। संभव है कि जयदीप का किरदार पिछली फिल्मों के पुलिस अधिकारियों से बिल्कुल अलग रणनीति अपनाए और विजय के सामने पहले से ज्यादा कठिन चुनौती खड़ी करे।
2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आएगी फिल्म
अभिषेक पाठक के निर्देशन में तैयार ‘दृश्यम 3’ अब रिलीज के लिए तैयार है। फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के साथ ही इसके अंतिम अध्याय को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी काफी बढ़ गई है। अजय देवगन, तब्बू, श्रिया सरन और जयदीप अहलावत जैसे कलाकारों की मौजूदगी फिल्म को लेकर उम्मीदें और मजबूत करती है।
सबसे खास बात यह है कि इस बार कहानी केवल पुराने घटनाक्रम को दोहराने के बजाय उसे एक नए स्तर तक ले जाने की कोशिश करती दिखाई दे रही है। क्राइम ब्रांच की एंट्री, जयदीप अहलावत का नया किरदार और विजय के सामने बढ़ता खतरा फिल्म के सस्पेंस को और मजबूत कर सकता है।
अब दर्शकों को 2 अक्टूबर का इंतजार है, जब ‘दृश्यम 3’ सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इसके साथ यह भी तय होगा कि विजय सलगांवकर की कहानी किस निष्कर्ष तक पहुंचती है और क्या वह एक बार फिर जांच एजेंसियों को मात देने में कामयाब होता है या इस बार उसके बनाए सारे राज खुल जाते हैं।




