जननायक जनता पार्टी ने पूर्व उपप्रधानमंत्री और किसान नेता जननायक चौधरी देवीलाल की 113वीं जयंती को व्यापक स्तर पर मनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी की ओर से 25 सितंबर को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान चौधरी देवीलाल के विचारों और उनके संघर्ष को याद करते हुए किसान, मजदूर, गरीब और कमेरे वर्ग के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
जेजेपी की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार ऐलनाबाद में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला चौधरी देवीलाल की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। इसके अलावा सिरसा में जेजेपी के जिला कार्यालय का उद्घाटन भी देवीलाल जयंती के अवसर पर किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व ने दोनों कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां शुरू करने के निर्देश पदाधिकारियों को दिए हैं।
देवीलाल जयंती के कार्यक्रमों को लेकर यह फैसला बुधवार को दिल्ली में हुई जेजेपी की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला ने की। इसमें पार्टी के आगामी कार्यक्रमों, संगठन को मजबूत करने की रणनीति और प्रदेशभर में कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक में डॉ. अजय सिंह चौटाला ने पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि मौजूदा समय में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए लगातार सक्रिय रहना जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक लोगों के बीच जाकर पार्टी की विचारधारा और जननायक चौधरी देवीलाल के विचारों को पहुंचाने का आह्वान किया।
डॉ. चौटाला ने कहा कि चौधरी देवीलाल का पूरा राजनीतिक जीवन आम आदमी, किसान, मजदूर और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष को समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि देवीलाल ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना किया और संघर्ष के अलग-अलग पड़ावों को पार करते हुए आम लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। यही वजह है कि आज भी विभिन्न वर्गों के लोग उन्हें सम्मान और श्रद्धा के साथ याद करते हैं।
उन्होंने कहा कि इस बार देवीलाल जयंती को केवल किसी एक स्थान पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा। जेजेपी कार्यकर्ता और चौधरी देवीलाल के अनुयायी पूरे हरियाणा में अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से उनकी जयंती मनाएंगे। इन आयोजनों के जरिए लोगों को उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।
पार्टी ने जयंती समारोह से पहले प्रदेशभर में चौधरी देवीलाल की प्रतिमाओं की साफ-सफाई कराने का भी निर्णय लिया है। डॉ. अजय चौटाला ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि जहां-जहां जननायक की प्रतिमाएं स्थापित हैं, वहां सफाई और आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी की जाएं। 25 सितंबर को इन प्रतिमाओं के आसपास सभाएं आयोजित कर चौधरी देवीलाल के जीवन, संघर्ष और जनहित से जुड़े कार्यों को याद किया जाएगा।
जेजेपी नेतृत्व के मुताबिक प्रतिमा स्थलों पर होने वाली सभाओं में स्थानीय कार्यकर्ताओं और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। पार्टी का प्रयास है कि देवीलाल जयंती के कार्यक्रमों को गांव और बूथ स्तर तक पहुंचाया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इन कार्यक्रमों का हिस्सा बन सकें।
डॉ. अजय सिंह चौटाला ने कहा कि चौधरी देवीलाल ने राजनीति को आम जनता से जोड़ने का काम किया था। उनका जोर हमेशा उन लोगों की आवाज उठाने पर रहा, जो आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर थे। किसानों और ग्रामीण समाज के बीच उनकी मजबूत पकड़ इसी जनसरोकार वाली राजनीति का परिणाम थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि चौधरी देवीलाल के विचारों को केवल भाषणों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क के माध्यम से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
बैठक में पार्टी के संगठन को मजबूत करने को लेकर भी विस्तृत मंथन किया गया। पार्टी पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाने, कार्यकर्ताओं से नियमित संपर्क बनाए रखने और संगठन की गतिविधियों को नीचे तक ले जाने के निर्देश दिए गए। जिला स्तर से लेकर बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर विशेष जोर दिया गया।
डॉ. अजय सिंह चौटाला की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, जेजेपी प्रदेश अध्यक्ष बृज शर्मा, विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष, सभी जिला प्रभारी तथा जिला अध्यक्ष सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में संगठन की वर्तमान स्थिति और आने वाले समय में पार्टी की गतिविधियों को लेकर पदाधिकारियों से फीडबैक भी लिया गया।
बैठक के दौरान डॉ. अजय चौटाला ने पार्टी के सभी जिला अध्यक्षों को पहचान पत्र भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि संगठन के पदाधिकारियों की स्पष्ट पहचान और जिम्मेदारियों को मजबूत करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जेजेपी के बूथ स्तर पर नियुक्त एजेंटों को भी पार्टी की ओर से पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
पार्टी नेतृत्व ने बूथ स्तर की गतिविधियों को संगठन की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक संगठन की वास्तविक ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ताओं से होती है। ऐसे में बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता और संगठन के साथ उनका सीधा जुड़ाव बढ़ाना पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है।
जेजेपी की ओर से सिरसा में जिला कार्यालय का उद्घाटन भी संगठनात्मक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पार्टी नेताओं के अनुसार जिला कार्यालय के माध्यम से कार्यकर्ताओं के लिए नियमित संपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों को संचालित करने का स्थायी केंद्र उपलब्ध होगा। देवीलाल जयंती के अवसर पर कार्यालय के उद्घाटन को पार्टी के लिए प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सिरसा क्षेत्र का चौधरी देवीलाल और उनके राजनीतिक सफर से गहरा संबंध रहा है।
ऐलनाबाद में चौधरी देवीलाल की प्रतिमा के अनावरण को लेकर भी पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है। पार्टी की योजना है कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। प्रतिमा के अनावरण के साथ होने वाली सभा में चौधरी देवीलाल के राजनीतिक जीवन, किसान और ग्रामीण समाज के लिए उनके योगदान तथा उनके विचारों पर चर्चा की जाएगी।
जेजेपी ने जयंती समारोहों के जरिए अपने संगठन को भी सक्रिय करने की रणनीति बनाई है। पार्टी के जिला अध्यक्षों और प्रभारियों को स्थानीय स्तर पर कार्यक्रमों की तैयारियों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे आम लोगों से संपर्क कर उन्हें कार्यक्रमों से जोड़ें और देवीलाल के जनसेवा के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाएं।
पार्टी नेताओं का कहना है कि चौधरी देवीलाल की राजनीति का केंद्र हमेशा समाज का वह वर्ग रहा, जो खेतों, श्रम और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ था। उन्होंने किसान और कमेरे वर्ग को राजनीतिक रूप से मजबूत आवाज देने का प्रयास किया। इसी कारण जेजेपी हर वर्ष उनकी जयंती को संगठन और जनसरोकारों से जोड़कर मनाने पर जोर देती है।
डॉ. अजय सिंह चौटाला ने कार्यकर्ताओं को निर्देश देते हुए कहा कि जयंती समारोहों की तैयारियों में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। सभी जिला और स्थानीय इकाइयां अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करें और अधिक से अधिक लोगों को इसमें शामिल करें। उन्होंने कहा कि संगठन की सक्रियता केवल चुनावी समय तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जनता के बीच निरंतर संपर्क और सेवा गतिविधियां चलती रहनी चाहिए।
बैठक में आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों से कहा गया कि वे अपने क्षेत्रों में पार्टी की गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करें और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद को मजबूत करें। जिला अध्यक्षों और प्रभारियों को स्थानीय स्तर पर संगठन की कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए।
जेजेपी नेतृत्व ने यह भी स्पष्ट किया कि बूथ स्तर तक संगठन की पहुंच मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है। इसके लिए बूथ लेवल एजेंटों और अन्य कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों को व्यवस्थित किया जाएगा। पहचान पत्र जारी किए जाने को भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
बैठक में हरियाणा खादी बोर्ड के पूर्व चेयरमैन राजेंद्र लितानी, पूर्व विधायक रमेश खटक, अमरजीत ढांडा, राजदीप फौगाट, गंगाराम पटोदी सहित अन्य नेता और पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
पार्टी के अनुसार 25 सितंबर को होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से चौधरी देवीलाल के संघर्ष और जनसेवा के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। जेजेपी का मानना है कि देवीलाल का राजनीतिक जीवन आज भी किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों के बीच सामाजिक एवं राजनीतिक जागरूकता पैदा करने की प्रेरणा देता है।
इस बार जयंती समारोह के लिए पार्टी ने प्रदेशव्यापी कार्यक्रमों की योजना बनाकर इसे संगठनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ दिया है। एक ओर ऐलनाबाद में प्रतिमा का अनावरण और सिरसा में जिला कार्यालय का उद्घाटन होगा, वहीं दूसरी ओर प्रदेशभर में स्थापित प्रतिमाओं की साफ-सफाई और उनके समक्ष सभाएं आयोजित की जाएंगी।
जेजेपी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे 25 सितंबर को होने वाले कार्यक्रमों में अधिक से अधिक आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें। पार्टी का लक्ष्य देवीलाल जयंती के जरिए उनके विचारों और जनसेवा की विरासत को आगे बढ़ाने के साथ-साथ संगठन को गांव से लेकर बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय बनाना है।




