अमेरिका में सिख ट्रक ड्राइवर पर जानलेवा हमला, गर्दन-सीने समेत शरीर पर चाकू के कई घाव

अमेरिका में सिख ट्रक ड्राइवर पर जानलेवा हमला, गर्दन-सीने समेत शरीर पर चाकू के कई घाव

अमेरिका के व्योमिंग में एक पंजाबी सिख ट्रक ड्राइवर पर रेस्ट एरिया में जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। 28 वर्षीय ड्राइवर पर कथित तौर पर चाकू से 17 बार वार किए गए। हमले में उनकी गर्दन, सीने, बाहों और पसलियों पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल ड्राइवर को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना ने अमेरिका में रहने वाले सिख ट्रक ड्राइवरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खास तौर पर इसलिए भी कि यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका में अप्रवासियों और विदेशी ट्रक ड्राइवरों को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। घटना के कुछ ही दिन पहले अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी यानी DHS ने एक AI-जनरेटेड पोस्टर जारी किया था, जिसमें ‘मिस्टर सिंह’ नाम के पगड़ीधारी व्यक्ति को निशाना बनाकर संदेश दिया गया था।

हालांकि, मौजूदा मामले में पुलिस ने अभी तक हमले के पीछे नस्लीय या जातीय वजह की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों के अनुसार, हमले की वास्तविक वजह की जांच की जा रही है।

बाथरूम में घुसा हमलावर और अचानक शुरू कर दिया हमला

रिपोर्ट के मुताबिक घायल ट्रक ड्राइवर ने अपनी पहचान सार्वजनिक रूप से सिर्फ ‘सिंह’ के रूप में बताई है। वह कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो इलाके में रहते हैं और पिछले करीब तीन वर्षों से कमर्शियल ट्रक चला रहे हैं। घटना रविवार सुबह इंटरस्टेट 80 के किनारे स्थित बिटर क्रीक रेस्ट एरिया की बताई जा रही है। सिंह लंबी दूरी की यात्रा पर थे और पेंसिल्वेनिया की ओर जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने आराम करने और वॉशरूम इस्तेमाल करने के लिए रेस्ट एरिया पर ट्रक रोका था।

सिंह के मुताबिक, जब वह बाथरूम के अंदर गए तो एक व्यक्ति उनके पीछे अंदर पहुंच गया। इसके बाद अचानक उस व्यक्ति ने चाकू से उन पर हमला कर दिया। हमले की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि सिंह को शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं।

गर्दन और छाती के अलावा उनकी बाहों तथा पसलियों पर भी चाकू के वार किए गए। इसके बावजूद उन्होंने किसी तरह खुद को हमलावर से बचाया और बाथरूम से बाहर निकलने में कामयाब रहे। बाहर आने के बाद उन्होंने मदद के लिए आवाज लगाई। रेस्ट एरिया पर मौजूद लोगों ने उनकी चीख सुनी और उनकी मदद के लिए आगे आए।

रेस्ट एरिया में मौजूद परिवार ने पुलिस को दी अहम जानकारी

घायल सिंह की मदद करने वालों में एक हिस्पैनिक परिवार भी शामिल था। परिवार के सदस्यों ने उनकी हालत देखी और पुलिस को घटना की जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को संदिग्ध व्यक्ति के ट्रक से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की तलाश शुरू की। Wyoming Highway Patrol के अधिकारियों ने बाद में रेस्ट एरिया से लगभग 70 मील दूर रॉलिन्स के पास एक वाहन को रोका।

पुलिस ने वाहन में मौजूद व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। उसकी पहचान एंड्रयू क्रिस ब्जदक के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में उस पर फर्स्ट-डिग्री हत्या की कोशिश का आरोप लगाया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आरोपी और पीड़ित एक-दूसरे को पहले से जानते थे या नहीं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमले की शुरुआत किस वजह से हुई और आरोपी का मकसद क्या था।

जांच में अभी नस्लीय वजह की पुष्टि नहीं

घटना के बाद सोशल मीडिया और समुदाय के स्तर पर इसे संभावित नस्लीय हमले के तौर पर देखा जा रहा है। इसकी एक वजह पीड़ित का सिख और पंजाबी होना भी है। हालांकि, जांच अधिकारियों ने अभी तक यह नहीं कहा है कि आरोपी ने पीड़ित को उनकी धार्मिक पहचान, पगड़ी, नस्ल या राष्ट्रीय मूल के कारण निशाना बनाया। इसलिए मामले की मौजूदा स्थिति में हमले को आधिकारिक रूप से नस्लीय अपराध कहना जल्दबाजी होगी। पुलिस की जांच में यह सामने आना बाकी है कि आरोपी ने हमला क्यों किया था।

दूसरी तरफ, इस घटना ने अमेरिका में लंबे समय तक सड़क पर रहने वाले पंजाबी और सिख ट्रक ड्राइवरों की सुरक्षा को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं। ट्रक ड्राइविंग में बड़ी संख्या में दक्षिण एशियाई और विशेष रूप से पंजाबी समुदाय के लोग काम करते हैं। लंबे रूट पर चलने वाले ड्राइवरों को अक्सर हाईवे के रेस्ट एरिया, ट्रक स्टॉप और सार्वजनिक सुविधाओं का इस्तेमाल करना पड़ता है।

अस्पताल में इलाज करा रहे सिंह ने भी दूसरे पंजाबी सिख ट्रक ड्राइवरों को लेकर चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि इस घटना के बाद उन्हें अमेरिका में यात्रा करने वाले अन्य सिख ड्राइवरों की सुरक्षा की फिक्र हो रही है।

घटना के बीच चर्चा में आया DHS का ‘मिस्टर सिंह’ पोस्ट

इस हमले की खबर ऐसे वक्त सामने आई है जब अमेरिकी प्रशासन के एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी चर्चा चल रही है। अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने हाल ही में अवैध अप्रवासियों और इमिग्रेंट ट्रक ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक प्रचार पोस्ट जारी किया था।

इस पोस्ट में AI की मदद से तैयार किया गया एक ट्रांसफॉर्मर-स्टाइल ग्राफिक इस्तेमाल किया गया था। इसे फिल्म ‘Transformers: Age of Deportation’ की शैली में तैयार किया गया था। ग्राफिक में एक बड़े ट्रांसफॉर्मर जैसे किरदार के सामने पगड़ी पहने एक व्यक्ति को दिखाया गया था। उस व्यक्ति को ‘Mr. Singh’ के नाम से संबोधित किया गया। पोस्ट का संदेश अप्रवासी ट्रक ड्राइवरों को लेकर प्रशासन के सख्त रुख से जुड़ा था।

पोस्ट में अमेरिका को अमेरिकियों के लिए बताते हुए विदेशी ड्राइवरों को अमेरिकी सड़कों से हटने का संदेश दिया गया था। इसमें यह भी कहा गया था कि उन्हें देश छोड़ देना चाहिए। पोस्ट की भाषा और उसमें सिख पहचान से जुड़े प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर सिख समुदाय से जुड़े लोगों के बीच सवाल उठे।

‘मिस्टर सिंह’ पोस्ट और हमले के बीच कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया

हालांकि, महत्वपूर्ण बात यह है कि DHS के पोस्ट और व्योमिंग में हुए चाकू हमले के बीच फिलहाल कोई प्रत्यक्ष संबंध सामने नहीं आया है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर ऐसा कोई प्रमाण सार्वजनिक नहीं हुआ है जिससे यह कहा जा सके कि आरोपी ने सरकारी पोस्ट से प्रभावित होकर हमला किया।

दोनों घटनाओं का समय करीब होने के कारण इनके बीच चर्चा जरूर हो रही है, लेकिन जांच एजेंसियों ने अभी तक ऐसा कोई संबंध स्थापित नहीं किया है। इसलिए हमले की वजह और DHS के पोस्ट को अलग-अलग घटनाओं के रूप में देखना जरूरी है, जब तक जांच में कोई ठोस कड़ी सामने न आए।

तीन साल से ट्रक चला रहे हैं घायल सिंह

घायल ड्राइवर ने बताया कि वह करीब तीन वर्षों से कमर्शियल ट्रकिंग के काम में हैं। अमेरिका में लंबी दूरी के ट्रक ड्राइवरों को कई राज्यों से होकर गुजरना पड़ता है और कई बार उन्हें सुनसान या कम भीड़ वाले रेस्ट एरिया में रुकना पड़ता है।

सिंह के साथ हुई घटना ने इस काम की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। खासकर उन ड्राइवरों के लिए जो अकेले लंबी दूरी तय करते हैं और रात या सुबह के समय हाईवे के रेस्ट स्टॉप पर रुकते हैं।

घटना के बाद सिंह का इलाज चल रहा है। उनके शरीर पर कई जगह चाकू के घाव हैं, लेकिन वह हमले के बाद खुद रेस्ट रूम से बाहर निकलने और लोगों से मदद मांगने में सफल रहे। वहां मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया और पुलिस को दी गई जानकारी ने संदिग्ध तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।

आरोपी हिरासत में, आगे की जांच जारी

Wyoming Highway Patrol द्वारा संदिग्ध को गिरफ्तार किए जाने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। एंड्रयू क्रिस ब्जदक के खिलाफ फर्स्ट-डिग्री हत्या की कोशिश का आरोप लगाया गया है। अभी जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि हमले के पीछे क्या वजह थी। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या आरोपी और पीड़ित के बीच पहले कोई विवाद हुआ था या हमला अचानक हुआ।

इसके अलावा, जांच में घटनास्थल से जुड़े सबूत, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और संदिग्ध के मूवमेंट की भी जांच की जा सकती है। पुलिस की ओर से हमले को नस्लीय अपराध घोषित किए जाने की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इस घटना के बाद अमेरिका में रह रहे पंजाबी और सिख समुदाय के बीच भी सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। खासकर ट्रकिंग इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों के लिए यह घटना चिंता का विषय बनी हुई है।

एक तरफ व्योमिंग में हुए हमले की जांच यह तय करेगी कि इसका वास्तविक मकसद क्या था, वहीं दूसरी तरफ ‘मिस्टर सिंह’ वाले DHS पोस्ट ने सिख पहचान और अप्रवासी ट्रक ड्राइवरों को लेकर अलग बहस छेड़ दी है। फिलहाल दोनों घटनाओं के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और अदालत की आगे की कार्रवाई से ही यह स्पष्ट होगा कि व्योमिंग में 28 वर्षीय सिख ड्राइवर पर हमला आखिर किस वजह से किया गया।