‘नशे से आजादी चाहिए’: 50 पीड़ित परिवारों ने सुनाया दर्द, आज पठानकोट से भाजपा की नशामुक्त पंजाब यात्रा

‘नशे से आजादी चाहिए’: 50 पीड़ित परिवारों ने सुनाया दर्द, आज पठानकोट से भाजपा की नशामुक्त पंजाब यात्रा

पंजाब में नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान को आगे बढ़ाते हुए भारतीय जनता पार्टी शुक्रवार से ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू करने जा रही है। यात्रा के आगाज से एक दिन पहले वीरवार को चंडीगढ़ में भाजपा की ओर से ‘मावां मंगदीयां जवाब’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे करीब 50 नशा प्रभावित परिवारों ने अपनी आपबीती साझा की और नशे के कारण परिवारों पर पड़े असर को सामने रखा।

कार्यक्रम में नशे के कारण जान गंवाने वाले युवाओं की याद में खाली कुर्सियां भी रखी गईं। भाजपा नेताओं ने कहा कि इन कुर्सियों के माध्यम से उन परिवारों के दर्द को सामने लाने का प्रयास किया गया, जिन्होंने नशे के कारण अपने बेटे या परिवार के अन्य सदस्य को खोया है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शुक्रवार को पठानकोट जिले के माधोपुर स्थित बलिदानी श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मारक ‘एकता स्थल’ से यात्रा का शुभारंभ करेंगे। भाजपा की ओर से राज्य में चार अलग-अलग यात्राएं निकाली जाएंगी। ये यात्राएं 30 सितंबर तक चलेंगी और इनके दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री तथा प्रदेश भाजपा के नेता नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करेंगे।

चार स्थानों से शुरू होंगी यात्राएं

भाजपा के कार्यक्रम के अनुसार पहली यात्रा 18 सितंबर को पठानकोट के माधोपुर से शुरू होगी। इसके बाद 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब से दूसरी यात्रा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में रवाना होगी। 20 सितंबर को फाजिल्का से केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल यात्रा का शुभारंभ करेंगे, जबकि 21 सितंबर को बठिंडा के तलवंडी साबो से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान यात्रा को रवाना करेंगे।

इन यात्राओं के माध्यम से पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से संवाद करने और नशे के खिलाफ जागरूकता पैदा करने की योजना है। भाजपा नेताओं के अनुसार यात्रा के दौरान नशे से प्रभावित परिवारों की समस्याओं को भी सामने लाया जाएगा।

30 सितंबर को जालंधर में इन यात्राओं का समापन एक बड़ी रैली के साथ किया जाएगा। पार्टी की ओर से इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और लोगों के शामिल होने की तैयारी की जा रही है।

‘हमें मुफ्त सुविधाएं नहीं, चिट्टे से आजादी चाहिए’

चंडीगढ़ में आयोजित ‘मावां मंगदीयां जवाब’ कार्यक्रम में नशे से प्रभावित परिवारों ने अपनी पीड़ा साझा की। किसी मां ने अपने बेटे को खोने का दर्द सुनाया तो किसी परिवार ने नशे की गिरफ्त में फंसे बेटे को बचाने के लिए मदद की गुहार लगाई।

अबोहर से पहुंची एक महिला ने कहा कि उसके परिवार को मुफ्त सुविधाओं की जरूरत नहीं है। उसने कहा कि वे मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं और उनकी सबसे बड़ी जरूरत नशे से मुक्ति है।

महिला ने कहा, “हमें मुफ्त आटा-दाल, मुफ्त यात्रा या मुफ्त बिजली नहीं चाहिए। हम मेहनत करके परिवार पालते हैं। हमें चिट्टे से आजादी चाहिए।”

कार्यक्रम में मौजूद परिवारों ने कहा कि नशे का प्रभाव केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता जो इसकी गिरफ्त में आता है। इसके कारण पूरा परिवार आर्थिक, सामाजिक और मानसिक परेशानियों से गुजरता है। कई परिवारों को अपने बच्चों के इलाज और पुनर्वास के लिए भी लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है।

इकलौते बेटे को खोने का दर्द

कार्यक्रम में पहुंची एक महिला ने अपने इकलौते बेटे को नशे के कारण खोने की आपबीती सुनाई। उसने बताया कि परिवार के लिए बेटे की मौत के बाद जीवन पूरी तरह बदल गया। कार्यक्रम में इस तरह की कई भावुक कहानियां सामने आईं।

नशे के कारण जान गंवाने वाले युवाओं की याद में रखी गई खाली कुर्सियां कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र रहीं। भाजपा नेताओं ने कहा कि ये कुर्सियां उन परिवारों के दर्द का प्रतीक हैं, जिनके घरों में नशे की वजह से कभी न भरने वाली कमी पैदा हो गई।

एक अन्य परिवार ने सरकार से अपील की कि नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं के इलाज और पुनर्वास के लिए प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जाए। परिवार ने कहा कि केवल नशे के खिलाफ कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि नशे के आदी युवाओं को सामान्य जीवन में वापस लाने के लिए उपचार और पुनर्वास की मजबूत व्यवस्था भी जरूरी है।

केवल सिंह ढिल्लों ने सरकार पर साधा निशाना

कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने नशे के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पंजाब में नशे के कारण हुई मौतों को लेकर गंभीर दावा करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में नशे के कारण मारे गए निर्दोष लोगों की संख्या 1984 में मारे गए लोगों से कई गुना अधिक है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि नशे के मुद्दे पर सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि पंजाब में भाजपा की सरकार बनने पर दो वर्ष के भीतर नशे की समस्या को खत्म करने का लक्ष्य रखा जाएगा। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को केवल राजनीतिक कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय इसे समाज के हर वर्ग से जोड़ने की जरूरत है।

सुनील जाखड़ बोले- परिवारों की आवाज सामने आनी चाहिए

पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि नशे से प्रभावित परिवारों की आवाज समाज के सामने आना जरूरी है। उन्होंने कार्यक्रम में रखी गई खाली कुर्सियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये उन लोगों की याद दिलाती हैं, जिन्हें नशे ने उनके परिवारों से छीन लिया।

जाखड़ ने कहा कि नशे के कारण प्रभावित परिवारों की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए उनकी आपबीती सुनना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इन परिवारों की समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए और उनके सुझावों को भी नशे के खिलाफ नीति बनाने में महत्व मिलना चाहिए।

नशे के खिलाफ जनजागरूकता पर जोर

भाजपा की प्रस्तावित यात्राओं का मुख्य फोकस नशे के खिलाफ जनजागरूकता पैदा करना बताया गया है। पार्टी नेताओं के अनुसार यात्रा के दौरान विभिन्न जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में लोगों से संपर्क किया जाएगा। नशे से होने वाले सामाजिक नुकसान, परिवारों पर पड़ने वाले प्रभाव और युवाओं को इससे दूर रखने की जरूरत को लेकर लोगों से संवाद किया जाएगा।

भाजपा ने यात्राओं के लिए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन से भी आवश्यक प्रबंध करने का आग्रह किया है। पार्टी नेताओं के अनुसार अलग-अलग मार्गों से गुजरने वाली यात्राओं में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के शामिल होने की संभावना है।

जालंधर में बड़ी रैली के साथ होगा समापन

पठानकोट से शुरू होने वाली पहली यात्रा के बाद फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का और बठिंडा से भी यात्राएं निकाली जाएंगी। इनका उद्देश्य पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों में नशे के खिलाफ जनसंपर्क और जागरूकता अभियान चलाना है।

18 से 30 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान का समापन 30 सितंबर को जालंधर में बड़ी रैली के साथ होगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता इस दौरान नशे के मुद्दे पर पार्टी की रणनीति और अभियान को लेकर अपनी बात रखेंगे।

चंडीगढ़ में आयोजित ‘मावां मंगदीयां जवाब’ कार्यक्रम में परिवारों द्वारा सुनाई गई आपबीती ने नशे की समस्या के सामाजिक प्रभाव को सामने रखा। अब भाजपा की नजर राज्यव्यापी यात्रा के जरिए इस मुद्दे को लोगों तक पहुंचाने पर है। शुक्रवार को पठानकोट के माधोपुर से शुरू होने वाली यात्रा के साथ पार्टी का यह अभियान औपचारिक रूप से शुरू होगा।