चरणी की घातक गेंदबाजी, शेफाली के तूफान से भारत सेमीफाइनल में; जापान को 8 विकेट से रौंदा

चरणी की घातक गेंदबाजी, शेफाली के तूफान से भारत सेमीफाइनल में; जापान को 8 विकेट से रौंदा

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान की शुरुआत बेहद शानदार अंदाज में की है। डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने महिला क्रिकेट के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जापान को 8 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। निसिन में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने जापान की पारी को महज 57 रन पर समेट दिया। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने केवल 5 ओवर में 2 विकेट गंवाकर जीत हासिल कर ली।

भारत की जीत की सबसे बड़ी नायिका श्री चरणी रहीं, जिन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए जापान के चार बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। उनके अलावा शेफाली वर्मा ने गेंद से भी योगदान दिया और दो विकेट अपने नाम किए। भारतीय स्पिन आक्रमण के सामने जापानी बल्लेबाज पूरे मैच में रन बनाने के लिए संघर्ष करते नजर आए।

पहले गेंद से भारत ने बनाया दबाव

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टीम इंडिया के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। जापान की टीम निर्धारित 20 ओवर भी पूरे नहीं कर सकी और 19.5 ओवर में 57 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।

जापान की ओर से अयाका काटो-स्टेफोर्ड ने सबसे ज्यादा 25 रन बनाए। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने बड़ी पारी नहीं खेल सका। जापानी बल्लेबाजी क्रम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाता रहा और टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही।

भारत की तरफ से श्री चरणी ने 4 विकेट लेकर जापानी पारी की कमर तोड़ दी। उन्होंने 10 रन देकर चार विकेट हासिल किए। शेफाली वर्मा ने 13 रन देकर 2 विकेट झटके। दीप्ति शर्मा और श्रेयंका पाटिल को भी एक-एक सफलता मिली। जापान के दो बल्लेबाज रन आउट होकर पवेलियन लौटे।

57 रन पर सिमटी जापान की पारी

जापान की बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजों के सामने शुरुआत से ही दबाव में रही। टीम पावरप्ले के दौरान भी तेजी से रन नहीं जुटा सकी। भारतीय गेंदबाजों ने बल्लेबाजों को खुलकर शॉट खेलने का मौका नहीं दिया और फील्डिंग में भी टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया।

जापान की पारी में केवल अयाका काटो-स्टेफोर्ड ही कुछ हद तक टिक सकीं। उन्होंने 47 गेंदों का सामना करते हुए 25 रन बनाए। लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरने के कारण उनकी पारी टीम को बड़े स्कोर तक नहीं पहुंचा सकी। अंत में जापान की पूरी टीम 19.5 ओवर में 57 रन पर ढेर हो गई।

भारतीय गेंदबाजी की खास बात यह रही कि कप्तान हरमनप्रीत कौर को अपने प्रमुख गेंदबाजों से लगातार विकेट मिलते रहे। श्री चरणी ने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट निकाले, जबकि शेफाली ने भी गेंद से उपयोगी योगदान दिया। दीप्ति शर्मा और श्रेयंका पाटिल ने एक-एक विकेट लेकर जापान पर दबाव बनाए रखा।

शेफाली ने बल्ले से मचाया धमाल

58 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को हालांकि शुरुआत में दो झटके लगे। भारत ने जी कमलिनी और भारती फुलमाली के विकेट गंवाए। इसके बावजूद लक्ष्य इतना छोटा था कि भारतीय टीम पर किसी तरह का बड़ा दबाव नहीं बना।

इसके बाद शेफाली वर्मा ने मोर्चा संभाला और तेजी से रन बनाते हुए मुकाबले को एकतरफा कर दिया। उन्होंने केवल 15 गेंदों में नाबाद 40 रन की पारी खेली। शेफाली की आक्रामक बल्लेबाजी ने जापान को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

शेफाली के साथ ऋचा घोष ने भी नाबाद रहते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया। भारतीय टीम ने महज 5 ओवर में 58 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। इस तरह भारत ने 90 गेंदों शेष रहते हुए मुकाबला अपने नाम किया।

एक ही मुकाबले में गेंद और बल्ले से शेफाली का असर

शेफाली वर्मा के लिए यह मुकाबला खास रहा। पहले उन्होंने गेंदबाजी करते हुए जापान के दो विकेट चटकाए और फिर लक्ष्य का पीछा करते हुए 40 रन की नाबाद पारी खेली। यानी भारतीय जीत में उन्होंने दोनों विभागों में योगदान दिया।

शेफाली की यह पारी उस लय को भी आगे बढ़ाती दिखी, जिसमें वह हाल ही में नज़र आई हैं। एशिया कप 2026 में भी वह भारत के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से थीं। भारत ने उस टूर्नामेंट में रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब जीता था। फाइनल में शेफाली ने 68 रन बनाए थे और श्री चरणी ने चार विकेट हासिल किए थे।

जापान के खिलाफ भी दोनों खिलाड़ियों ने एक बार फिर अहम भूमिका निभाई। चरणी ने गेंद से विपक्षी टीम को कम स्कोर पर रोकने में अहम योगदान दिया, जबकि शेफाली ने पहले गेंद और फिर बल्ले से टीम की जीत सुनिश्चित की।

भारत की नजर अब सेमीफाइनल पर

जापान के खिलाफ जीत के साथ भारतीय महिला टीम एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। भारत पिछली बार यानी 2023 एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट का स्वर्ण पदक जीत चुका है। इस बार टीम उसी प्रदर्शन को दोहराने के इरादे से टूर्नामेंट में उतरी है।

भारत का मौजूदा अभियान भी हालिया प्रदर्शन को देखते हुए चर्चा में है। टीम ने एशिया कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को फाइनल में 72 रन से हराया और रिकॉर्ड आठवीं बार ट्रॉफी अपने नाम की थी। इसके कुछ ही दिनों बाद एशियन गेम्स में भी टीम ने जीत के साथ शुरुआत की है।

जापान के खिलाफ मुकाबले में भारत की बल्लेबाजी को ज्यादा समय तक क्रीज पर रहने की जरूरत ही नहीं पड़ी। 58 रन का लक्ष्य बेहद छोटा था और शेफाली ने इसे तेजी से पूरा कर दिया। भारतीय गेंदबाजों की सफलता ने बल्लेबाजों का काम और आसान कर दिया था।

श्री चरणी बनीं गेंदबाजी की स्टार

इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजी का सबसे प्रमुख चेहरा श्री चरणी रहे। बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाज ने जापानी बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया और चार विकेट हासिल किए। उनका स्पेल 4 विकेट पर सिर्फ 10 रन का रहा।

चरणी ने इससे पहले एशिया कप के फाइनल में भी श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट लेकर भारतीय जीत में अहम भूमिका निभाई थी। वहां भारत ने श्रीलंका को 111 रन पर समेटकर 72 रन से मुकाबला जीता था। ऐसे में एशियन गेम्स के पहले ही मैच में उनका एक बार फिर चार विकेट लेना भारतीय टीम के लिए सकारात्मक संकेत है।

भारतीय टीम की मजबूत ऑलराउंड तस्वीर

जापान के खिलाफ जीत में भारत की सफलता किसी एक विभाग तक सीमित नहीं रही। पहले गेंदबाजों ने विपक्षी टीम को 57 रन पर रोक दिया और फिर बल्लेबाजों ने लक्ष्य को बेहद कम समय में हासिल कर लिया।

श्री चरणी के चार विकेट और शेफाली के दो विकेट ने जापानी पारी को लगातार दबाव में रखा। दूसरी ओर, लक्ष्य का पीछा करते हुए शेफाली की तेजतर्रार पारी ने मैच को जल्द खत्म कर दिया। भारत के लिए यह एक ऐसा मुकाबला रहा जिसमें गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में टीम को स्पष्ट बढ़त मिली।

भारत की प्लेइंग-11

जापान के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम की कमान हरमनप्रीत कौर के हाथों में थी। टीम में स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, भारती फुलमाली, ऋचा घोष, दीप्ति शर्मा, जी कमलिनी, श्रेयंका पाटिल, श्री चरणी, नंदनी शर्मा और क्रांति गौड़ शामिल रहीं।

भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, भारती फुलमाली, ऋचा घोष, दीप्ति शर्मा, जी कमलिनी, श्रेयंका पाटिल, श्री चरणी, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़।

जापान की प्लेइंग-11

मेजबान जापान की टीम की कप्तानी माई यानागीडा ने की। टीम में हरूना इवासाकी, अकारी निशिमोरा कानो, माई यानागीडा, एरिका ओडा, अहिल्या चंदेल, शिमाको कातो, अकाया कातो-स्टेफोर्ड, अयूमी फूजीकावा, हिनासे गोतो, एरिका तोगुची क्विन और नोनोहा यासुमोटो शामिल थीं।

जापान: हरूना इवासाकी, अकारी निशिमोरा कानो (विकेटकीपर), माई यानागीडा (कप्तान), एरिका ओडा, अहिल्या चंदेल, शिमाको कातो, अकाया कातो-स्टेफोर्ड, अयूमी फूजीकावा, हिनासे गोतो, एरिका तोगुची क्विन, नोनोहा यासुमोटो।

अब अगले मुकाबले पर निगाह

जापान को हराकर भारत ने टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली है। टीम के लिए इस मुकाबले की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि उसने दोनों विभागों में प्रभावी प्रदर्शन किया। गेंदबाजों ने जापान को 57 रन तक सीमित किया और बल्लेबाजों ने केवल 5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।

एशियन गेम्स में भारत के पास पिछली बार के स्वर्ण पदक को बरकरार रखने का मौका है। वहीं, हाल में एशिया कप जीतने के बाद टीम का आत्मविश्वास भी ऊंचा है। अब सेमीफाइनल में भारतीय टीम के सामने अगली चुनौती होगी, जहां उसे अपने इस प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की कोशिश करनी होगी।

जापान के खिलाफ यह जीत भारत के लिए केवल सेमीफाइनल का टिकट हासिल करने तक सीमित नहीं रही। श्री चरणी की शानदार गेंदबाजी, शेफाली वर्मा की ऑलराउंड भूमिका और महज पांच ओवर में लक्ष्य हासिल करने से टीम ने अपने अभियान की मजबूत शुरुआत की है। अब भारतीय प्रशंसकों की नजरें सेमीफाइनल मुकाबले पर रहेंगी।