भारत के खेल इतिहास में साइकिलिंग से जुड़ा एक बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। इंटरनेशनल साइक्लिंग यूनियन यानी UCI ने 2032 की UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी पुणे को सौंपने का ऐलान किया है। इसके साथ ही भारत पहली बार दुनिया की इस प्रतिष्ठित रोड साइक्लिंग चैंपियनशिप का आयोजन करने वाला देश बन जाएगा।
मेजबानी से जुड़ा यह फैसला 23 सितंबर को कनाडा के मॉन्ट्रियल में आयोजित UCI कांग्रेस के दौरान सामने आया। इसी बैठक में 2034 की UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप और पैरा-साइक्लिंग रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए नीदरलैंड्स के ग्रोनिंगन और ड्रेंथे क्षेत्र को चुना गया। यानी 2032 में विश्व स्तर के रोड साइक्लिंग सितारे भारत में दिखाई देंगे, जबकि इसके दो साल बाद यही बड़ा आयोजन नीदरलैंड्स में होगा।
भारत को पहली बार मिला सबसे बड़े रोड साइक्लिंग आयोजनों में से एक का मौका
UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप रोड साइक्लिंग कैलेंडर के प्रमुख आयोजनों में शामिल है। अलग-अलग वर्गों में दुनिया के शीर्ष साइकिलिस्ट इसमें हिस्सा लेते हैं और विश्व चैंपियन का खिताब जीतने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। 2032 में पुणे में होने वाला आयोजन इसलिए खास होगा क्योंकि भारत पहली बार इस चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा।
UCI के मुताबिक, भारत में इस आयोजन का होना देश में प्रतिस्पर्धी साइक्लिंग के विकास के साथ-साथ आम लोगों के बीच साइकिल चलाने की संस्कृति को बढ़ावा देने का माध्यम बन सकता है। UCI अध्यक्ष डेविड लापार्तिएंत ने भी भारत में पहली बार रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप आयोजित होने को महत्वपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि बड़ी आबादी वाले देश में इस तरह का आयोजन प्रतिस्पर्धी साइक्लिंग और रोजमर्रा की साइकिलिंग, दोनों के लिए प्रभाव पैदा कर सकता है।
पुणे को यह जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है जब भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर की साइक्लिंग प्रतियोगिताओं का दायरा बढ़ रहा है। UCI ने 2032 के लिए पुणे और नीदरलैंड्स के ग्रोनिंगन-ड्रेंथे क्षेत्र की दावेदारियों पर विचार किया था। दोनों बोलियों को मजबूत माना गया और अंततः दोनों को अलग-अलग वर्षों में मेजबानी देने का रास्ता निकाला गया।
मॉन्ट्रियल कांग्रेस में हुआ भविष्य की मेजबानी का ऐलान
2032 और 2034 के आयोजनों की घोषणा 195वीं UCI कांग्रेस के दौरान की गई। यह कांग्रेस कनाडा के मॉन्ट्रियल में 23 सितंबर 2026 को हुई। इसमें UCI से संबद्ध राष्ट्रीय महासंघों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।
कांग्रेस के दौरान 2027 से 2034 के बीच होने वाली कई UCI विश्व चैंपियनशिप के मेजबान घोषित किए गए। इनमें 2032 UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए पुणे और 2034 UCI रोड व पैरा-साइक्लिंग रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए ग्रोनिंगन और ड्रेंथे का नाम शामिल था। कुल मिलाकर 11 देशों में 19 UCI वर्ल्ड चैंपियनशिप के मेजबान शहरों और क्षेत्रों की घोषणा की गई।
इस फैसले के बाद पुणे का नाम अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग के बड़े आयोजनों के साथ जुड़ गया है। अब 2032 के आयोजन की तैयारी के लिए भारत को कई वर्षों का समय मिलेगा। चैंपियनशिप के आयोजन से जुड़े रूट, प्रतियोगिता स्थलों, लॉजिस्टिक्स और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी आगे आने वाले समय में सामने आने की उम्मीद है।
क्यों खास है पुणे के लिए यह मेजबानी
पुणे महाराष्ट्र का एक प्रमुख शहर है और पिछले कुछ समय में यहां साइक्लिंग से जुड़ी गतिविधियों और प्रतियोगिताओं का दायरा बढ़ा है। UCI के स्तर पर वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी मिलना शहर के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिहाज से बड़ा अवसर है।
रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे आयोजन के लिए केवल प्रतियोगिता आयोजित करना ही पर्याप्त नहीं होता। इसमें दुनिया के अलग-अलग देशों से आने वाले खिलाड़ियों, टीमों, अधिकारियों और मीडिया के लिए व्यापक व्यवस्था करनी होती है। साथ ही रेस रूट, सुरक्षा, ट्रांसपोर्ट, तकनीकी सुविधाओं और दर्शकों की व्यवस्था भी आयोजन का हिस्सा होती है।
ऐसे में 2032 तक पुणे में साइक्लिंग से जुड़ा बुनियादी ढांचा विकसित करने और बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के अनुरूप व्यवस्थाएं तैयार करने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध रहेगा।
भारत के साइक्लिंग कैलेंडर में बढ़ता अंतरराष्ट्रीय महत्व
भारत को रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी मिलने को देश में अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग के विस्तार के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। UCI ने खुद कहा है कि भारत में यह आयोजन प्रतिस्पर्धी साइक्लिंग और आम लोगों के बीच साइकिलिंग को प्रोत्साहित करने वाला उत्प्रेरक बन सकता है।
इससे भारतीय साइकिलिस्टों को घरेलू परिस्थितियों में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों और टीमों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा खेल से जुड़े कोच, तकनीकी अधिकारी, आयोजक और अन्य विशेषज्ञ भी बड़े स्तर पर भारत में जुटेंगे।
2032 में होने वाले आयोजन के दौरान पुरुषों और महिलाओं की अलग-अलग श्रेणियों में विश्व स्तर की प्रतिस्पर्धाएं देखने को मिलेंगी। हालांकि विस्तृत प्रतियोगिता कार्यक्रम और रूट की जानकारी बाद में तय की जाएगी।
भारत से पहले एशिया और अफ्रीका में पहुंच चुकी है चैंपियनशिप
UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप का इतिहास लंबे समय तक यूरोप से जुड़ा रहा है। 1974 में कनाडा के मॉन्ट्रियल में पहली बार यूरोप के बाहर इस चैंपियनशिप का आयोजन हुआ था। UCI के अनुसार, 2026 में मॉन्ट्रियल में चल रही चैंपियनशिप उसी शहर में 52 साल बाद वापसी है।
इसके बाद जापान ने 1990 में रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी करके एशिया में इस आयोजन का रास्ता खोला। आगे चलकर 2016 में दोहा और 2028 में अबू धाबी को भी रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी मिली।
2025 में रवांडा इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी करने वाला पहला अफ्रीकी देश बना। अब भारत भी इस सूची में शामिल हो जाएगा।
इस लिहाज से 2032 का पुणे संस्करण भारत ही नहीं, बल्कि एशिया में रोड साइक्लिंग के विस्तार की कहानी में भी एक और महत्वपूर्ण पड़ाव होगा।
2034 में नीदरलैंड्स के ग्रोनिंगन-ड्रेंथे में होगा आयोजन
UCI ने भारत के साथ ही 2034 की मेजबानी नीदरलैंड्स के ग्रोनिंगन और ड्रेंथे प्रांतों को दी है। यहां UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप के साथ पैरा-साइक्लिंग रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप भी आयोजित की जाएगी।
ग्रोनिंगन नगर प्रशासन के अनुसार, 2034 में विश्व चैंपियनशिप की वापसी नीदरलैंड्स में करीब 22 साल बाद होगी। नीदरलैंड्स और भारत दोनों 2032 की मेजबानी के लिए दावेदारी में थे। दोनों की बोलियों को देखते हुए UCI ने आयोजन को दो अलग-अलग वर्षों में बांटने का फैसला किया।
इस व्यवस्था के तहत भारत को 2032 और नीदरलैंड्स को 2034 का आयोजन मिला। यानी दोनों दावेदारों को विश्व चैंपियनशिप आयोजित करने का अवसर मिलेगा।
भारत के लिए आगे की तैयारी का लंबा दौर
2032 अभी कई साल दूर है, लेकिन पुणे को मिली मेजबानी के बाद आयोजन की तैयारी का लंबा चरण शुरू होगा। विश्व स्तर की रोड साइक्लिंग प्रतियोगिता के लिए शहर और आसपास के इलाकों में रेस रूट तथा अन्य सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करना होगा।
इस आयोजन का प्रभाव केवल प्रतियोगिता के दिनों तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। साइक्लिंग से जुड़े क्लबों, स्थानीय खिलाड़ियों, युवाओं और फिटनेस गतिविधियों को भी इससे बढ़ावा मिल सकता है। UCI ने भी आयोजन को भारत में प्रतिस्पर्धी साइक्लिंग और रोजमर्रा की साइकिलिंग के लिए संभावित प्रोत्साहन के तौर पर देखा है।
भारत में बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की तैयारी भी चल रही है। ऐसे माहौल में 2032 रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप देश के खेल आयोजन कैलेंडर में एक और बड़ा अंतरराष्ट्रीय इवेंट जोड़ देगी।
2032 का आयोजन भारतीय साइक्लिंग के लिए बनेगा बड़ा मंच
पुणे में होने वाली 2032 UCI रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप भारत के लिए केवल एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी नहीं होगी, बल्कि देश में रोड साइक्लिंग को वैश्विक मंच से जोड़ने का अवसर भी होगी।
UCI के आधिकारिक ऐलान के बाद अब भारत के पास आयोजन की तैयारी के लिए कई साल हैं। इस दौरान प्रतियोगिता के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे, रेस रूट, आयोजन क्षमता और साइक्लिंग से जुड़ी सुविधाओं पर काम किया जा सकता है।
2032 में जब दुनिया के शीर्ष रोड साइकिलिस्ट पुणे की सड़कों पर विश्व चैंपियन बनने के लिए उतरेंगे, तब भारत पहली बार इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप का मेजबान होगा। इसके बाद 2034 में आयोजन नीदरलैंड्स के ग्रोनिंगन और ड्रेंथे में पहुंचेगा। इस तरह UCI के फैसले ने रोड साइक्लिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप के अगले दशक के नक्शे में भारत और नीदरलैंड्स दोनों को महत्वपूर्ण स्थान दे दिया है।




