कोहली की तूफानी सेंचुरी और गिल के शतक से भारत की बड़ी जीत, वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया

कोहली की तूफानी सेंचुरी और गिल के शतक से भारत की बड़ी जीत, वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया

भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का शानदार आगाज करते हुए पहला मुकाबला 8 विकेट से अपने नाम कर लिया। तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने 296 रन के लक्ष्य को महज 41.4 ओवर में हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। भारत की जीत में सबसे बड़ा योगदान विराट कोहली और कप्तान शुभमन गिल की शतकीय पारियों का रहा। कोहली ने सिर्फ 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन बनाए, जबकि गिल ने 108 गेंदों में 110 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर ऐसा दबाव बनाया कि मुकाबला निर्धारित ओवर पूरे होने से काफी पहले ही भारत के पक्ष में चला गया।

वेस्टइंडीज ने बनाए 295 रन, ग्रीव्स का शतक बेकार गया

मुकाबले में टॉस भारत के पक्ष में नहीं रहा और वेस्टइंडीज को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला। कैरेबियाई टीम ने शुरुआत में भारतीय गेंदबाजों के सामने अच्छी बल्लेबाजी की और एक समय ऐसा लग रहा था कि वह 300 से ऊपर का स्कोर खड़ा कर सकती है। जस्टिन ग्रीव्स ने जिम्मेदारी संभालते हुए शानदार शतक लगाया। उन्होंने 108 गेंदों पर 101 रन बनाए। उनके अलावा जॉन कैंपबेल ने 62 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि अमीर जांगू ने 58 रन बनाकर पारी को मजबूती दी। इन पारियों की बदौलत वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 295 रन का स्कोर खड़ा किया।

वेस्टइंडीज की पारी में शुरुआती दौर में भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए इंतजार करना पड़ा। कैरेबियाई बल्लेबाजों ने रन बनाने में तेजी दिखाई और भारतीय टीम को दबाव में रखने की कोशिश की। हालांकि, बीच के ओवरों में कुलदीप यादव ने मैच का रुख बदल दिया। अपनी स्पिन गेंदबाजी से उन्होंने वेस्टइंडीज के मध्यक्रम को ज्यादा खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। कुलदीप ने 10 ओवर में 40 रन देकर 4 विकेट हासिल किए और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। प्रसिद्ध कृष्णा ने भी दो विकेट लेकर उनका साथ दिया, जबकि नीतीश कुमार रेड्डी को एक सफलता मिली।

कुलदीप ने बीच के ओवरों में संभाली भारतीय गेंदबाजी

वेस्टइंडीज की पारी को देखें तो टीम ने शुरुआत में अच्छी गति पकड़ी थी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने लगातार अंतराल पर विकेट निकालकर रन गति को नियंत्रित किया। कुलदीप यादव का स्पेल इस लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने जॉन कैंपबेल समेत वेस्टइंडीज के प्रमुख बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा और मेजबान टीम को वापसी का मौका दिया। वेस्टइंडीज की ओर से ग्रीव्स ने शतक पूरा किया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से लगातार बड़ी साझेदारियां नहीं मिल सकीं। परिणाम यह रहा कि टीम 50 ओवर खेलने के बावजूद 295 रन तक ही पहुंच सकी। भारत के लिए लक्ष्य चुनौतीपूर्ण जरूर था, लेकिन तिरुवनंतपुरम की पिच और भारतीय बल्लेबाजी लाइनअप को देखते हुए यह स्कोर काफी बड़ा साबित नहीं हुआ।

रोहित ने दी तेज शुरुआत, फिर गिल और कोहली ने संभाला मोर्चा

296 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 74 रन जोड़े। रोहित ने 35 गेंदों पर 32 रन बनाए और शुरुआती दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, वह अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सके और अल्जारी जोसेफ की गेंद पर आउट हो गए। रोहित के आउट होने के बाद विराट कोहली मैदान पर आए और इसके बाद भारतीय पारी ने पूरी तरह अलग रफ्तार पकड़ ली।

कप्तान शुभमन गिल ने भी शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। गिल ने अपने शॉट्स के जरिए वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। दूसरी तरफ कोहली ने पहले पारी को स्थिर किया और फिर धीरे-धीरे अपने अंदाज में रन गति बढ़ानी शुरू कर दी। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 151 रन की शानदार साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचा दिया। गिल के आउट होने तक भारतीय टीम जीत की स्थिति में पहुंच चुकी थी और इसके बाद कोहली ने रुतुराज गायकवाड़ के साथ मिलकर मुकाबला खत्म कर दिया।

विराट कोहली ने फिर दिखाया पुराना अंदाज

विराट कोहली की पारी इस मुकाबले की सबसे बड़ी कहानी रही। उन्होंने महज 88 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 139 रन बनाए। उनकी पारी में 10 चौके और 9 छक्के शामिल रहे। खास बात यह रही कि कोहली ने अपनी पारी के दौरान सिर्फ शतक ही पूरा नहीं किया, बल्कि वनडे क्रिकेट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। उनका यह वनडे करियर का 55वां शतक था। इस शतक के साथ उन्होंने वनडे क्रिकेट में अपने रिकॉर्ड को और आगे बढ़ाया।

कोहली की बल्लेबाजी में इस मुकाबले में आक्रामकता साफ नजर आई। 9 छक्के उनकी वनडे पारी में लगाए गए सर्वाधिक छक्कों में शामिल रहे। उन्होंने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के खिलाफ मैदान के अलग-अलग हिस्सों में शॉट खेले और लक्ष्य का पीछा तेजी से पूरा करने में अहम भूमिका निभाई। जब भारतीय टीम को जीत के लिए कुछ ही रन चाहिए थे, तब भी कोहली ने रन बनाने की गति कम नहीं होने दी। अंत में वह 139 रन बनाकर नाबाद रहे और भारत ने 41.4 ओवर में ही 300 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

15 हजार वनडे रन पूरे करने वाले दूसरे बल्लेबाज बने कोहली

कोहली के लिए यह मुकाबला सिर्फ एक शतक की वजह से खास नहीं रहा। उन्होंने अपनी पारी के दौरान वनडे क्रिकेट में 15 हजार रन भी पूरे किए। इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले वह सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे बल्लेबाज बने। खास बात यह है कि कोहली ने यह आंकड़ा 303 पारियों में पूरा किया, जबकि सचिन तेंदुलकर ने 377 पारियों में 15 हजार वनडे रन का आंकड़ा पार किया था। इस तरह कोहली ने इस मुकाम तक पहुंचने के मामले में एक नया रिकॉर्ड बनाया।

15 हजार वनडे रन का आंकड़ा किसी भी बल्लेबाज के लंबे और निरंतर अंतरराष्ट्रीय करियर को दर्शाता है। कोहली के लिए यह उपलब्धि उनके वनडे क्रिकेट में लगातार प्रभाव की एक और मिसाल बन गई। उन्होंने इस ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचने के साथ ही अपनी शतकीय पारी को भी जारी रखा और अंत तक क्रीज पर टिके रहे। एक ही मुकाबले में रिकॉर्ड, शतक और टीम की बड़ी जीत मिलने से कोहली के लिए यह मैच यादगार बन गया।

शुभमन गिल का भी शानदार शतक

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने भी इस मुकाबले में बल्ले से महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 108 गेंदों पर 110 रन बनाए और वनडे करियर का अपना 10वां शतक पूरा किया। गिल की पारी में 13 चौके और एक छक्का शामिल रहा। उन्होंने शुरुआत से ही संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखा। रोहित शर्मा के आउट होने के बाद गिल ने कोहली के साथ मिलकर भारतीय पारी को संभाला और स्कोर को तेजी से लक्ष्य की तरफ पहुंचाया।

गिल और कोहली के बीच 151 रन की साझेदारी ने मैच का पूरा समीकरण बदल दिया। वेस्टइंडीज ने 295 रन का स्कोर जरूर बनाया था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने रन चेज के दौरान विपक्षी गेंदबाजों को वापसी का कोई बड़ा मौका नहीं दिया। गिल के आउट होने के बाद भी कोहली ने पारी को संभाले रखा और रुतुराज गायकवाड़ के साथ मिलकर टीम को जीत तक पहुंचा दिया।

50 गेंद बाकी रहते भारत ने खत्म किया मुकाबला

भारत ने 41.4 ओवर में 2 विकेट पर 300 रन बनाकर मैच अपने नाम किया। यानी टीम इंडिया ने 50 गेंद बाकी रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत की सबसे खास बात यह रही कि भारतीय बल्लेबाजों ने 296 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआत से ही रन गति को बनाए रखा और वेस्टइंडीज को मैच में वापसी का ज्यादा अवसर नहीं दिया। रोहित की 32 रन की शुरुआत, गिल का 110 और कोहली का नाबाद 139 रन भारत की जीत की प्रमुख वजह रहे।

दूसरी ओर, वेस्टइंडीज के लिए जस्टिन ग्रीव्स का शतक और जॉन कैंपबेल की 62 रन की पारी पर्याप्त साबित नहीं हुई। टीम के गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों के सामने विकेट हासिल करने के लिए संघर्ष करते दिखाई दिए। भारत ने इस जीत के साथ तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अब दोनों टीमों के बीच अगला वनडे 30 सितंबर को गुवाहाटी में खेला जाएगा, जहां वेस्टइंडीज सीरीज में वापसी की कोशिश करेगा और भारत बढ़त को मजबूत करने के इरादे से उतरेगा।

भारत के लिए एक साथ कई बड़ी उपलब्धियां

पहले वनडे का नतीजा भारत के लिए सिर्फ सीरीज में बढ़त तक सीमित नहीं रहा। मुकाबले में कुलदीप यादव ने गेंद से प्रभाव छोड़ा, जबकि शुभमन गिल और विराट कोहली ने बल्ले से शतक जड़कर जीत को एकतरफा बना दिया। गिल ने अपने वनडे करियर का 10वां शतक पूरा किया, वहीं कोहली ने 55वां वनडे शतक लगाने के साथ 15 हजार रन का ऐतिहासिक आंकड़ा भी पार किया। कप्तान और पूर्व कप्तान की शतकीय पारियों ने भारत के रन चेज को बेहद आसान बना दिया।

इस तरह तिरुवनंतपुरम में खेला गया पहला वनडे भारतीय टीम के लिए कई मायनों में खास रहा। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 295/7 का सम्मानजनक स्कोर बनाया, लेकिन भारत ने जवाब में 300/2 बनाकर 8 विकेट से मुकाबला जीत लिया। कुलदीप की चार विकेट की गेंदबाजी और कोहली-गिल के शतकों ने भारत को सीरीज में शुरुआती बढ़त दिलाई। अब सीरीज के अगले मुकाबले में सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि क्या भारत अपनी बढ़त को निर्णायक स्थिति तक पहुंचाता है या वेस्टइंडीज वापसी करते हुए सीरीज को बराबरी पर लाने में सफल होता है।