मेंस हॉकी वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के लिए आज का मुकाबला बेहद अहम होने वाला है। पूल-E में टीम इंडिया अर्जेंटीना के खिलाफ मैदान पर उतरेगी और इस मैच का नतीजा उसकी सेमीफाइनल की उम्मीदों का फैसला कर सकता है। भारत को न सिर्फ अर्जेंटीना के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी, बल्कि उसे बड़े अंतर से जीतना जरूरी है। इसके बाद टीम को नीदरलैंड और इंग्लैंड के बीच होने वाले मैच के परिणाम पर भी निर्भर रहना पड़ेगा।
नीदरलैंड के एम्सटेलवीन में होने वाला भारत और अर्जेंटीना का मुकाबला शाम 6:15 बजे शुरू होगा। भारतीय टीम इस समय पूल-E में सबसे निचले पायदान पर है और उसके खाते में एक भी अंक नहीं है। वहीं नीदरलैंड 6 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुका है। इंग्लैंड और अर्जेंटीना के पास 3-3 अंक हैं। ऐसे में भारत के सामने समीकरण बेहद चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन दरवाजा अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।
भारत के लिए सिर्फ जीत काफी नहीं
भारतीय टीम अगर अर्जेंटीना को हरा देती है तो उसके 3 अंक हो जाएंगे। लेकिन केवल जीत से सेमीफाइनल का टिकट नहीं मिलेगा। भारत को इसके बाद इंग्लैंड की हार की भी उम्मीद करनी होगी। खास बात यह है कि इंग्लैंड को नीदरलैंड से बड़े अंतर से हारना जरूरी होगा।
यदि भारत और अर्जेंटीना के मुकाबले के बाद भारत, इंग्लैंड और अर्जेंटीना तीनों के 3-3 अंक हो जाते हैं, तो फिर फैसला गोल डिफरेंस के आधार पर होगा। मौजूदा स्थिति में भारत का गोल अंतर -4 है, जबकि अर्जेंटीना और इंग्लैंड का गोल अंतर 0 है। यही वजह है कि टीम इंडिया को अर्जेंटीना के खिलाफ आक्रामक हॉकी खेलते हुए ज्यादा से ज्यादा गोल करने होंगे।
उदाहरण के तौर पर अगर भारतीय टीम अर्जेंटीना को 2-0 से हराती है, तो उसके बाद इंग्लैंड को नीदरलैंड के हाथों कम से कम 0-3 के अंतर से हारना होगा। इसी तरह भारत अगर 4-1 से जीत हासिल करता है तो इंग्लैंड की कम से कम 0-2 की हार भारत के समीकरण को मजबूत कर सकती है। यानी दोनों मैचों के नतीजों को मिलाकर गोल अंतर में कुल पांच गोल का फर्क बनना बेहद महत्वपूर्ण होगा।
अर्जेंटीना की जीत ने भारत की उम्मीद जिंदा रखी
भारत के लिए सबसे सकारात्मक बात यह है कि अर्जेंटीना ने अपने पिछले मुकाबले में इंग्लैंड को 3-1 से मात दी थी। इस परिणाम ने पूल में समीकरण को काफी दिलचस्प बना दिया। अगर इंग्लैंड वह मुकाबला जीत जाता तो भारत की मुश्किलें और बढ़ जातीं, लेकिन अर्जेंटीना की जीत के बाद तीन टीमों के बीच अंक और गोल डिफरेंस का खेल खुल गया है।
अब भारत को पहले अपना काम करना होगा। उसे अर्जेंटीना के खिलाफ सिर्फ जीत हासिल करने पर ध्यान नहीं देना, बल्कि गोल अंतर को भी तेजी से बेहतर करना होगा। इसके बाद उसकी नजर नीदरलैंड और इंग्लैंड के मुकाबले पर रहेगी। नीदरलैंड पहले ही अंतिम-4 में पहुंच चुका है, इसलिए भारत चाहेगा कि वह अपने आखिरी पूल मैच में इंग्लैंड को कोई मौका न दे।
गोल करने की जिम्मेदारी हरमनप्रीत पर
भारतीय टीम की आक्रामक रणनीति में कप्तान हरमनप्रीत सिंह की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है। टूर्नामेंट में अब तक उन्होंने 6 गोल किए हैं और टीम के लिए लगातार स्कोरिंग का बड़ा जरिया बने हुए हैं। अर्जेंटीना के खिलाफ भी भारत को उनसे गोल की उम्मीद होगी।
हरमनप्रीत के अलावा अभिषेक ने टूर्नामेंट में 2 गोल किए हैं, जबकि दिलप्रीत सिंह के नाम 1 गोल है। हालांकि सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को सिर्फ इन खिलाड़ियों पर निर्भर रहने से काम नहीं चलेगा। पूरी टीम को गोल करने के मौके बनाने होंगे और उन्हें गोल में बदलना होगा।
भारत की एक और बड़ी ताकत पेनल्टी कॉर्नर रही है। हरमनप्रीत की ड्रैग-फ्लिक से टीम कई बार फायदा उठा चुकी है। हालांकि अर्जेंटीना के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों को ओपन प्ले में भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। अगर भारत गोल करने के कई मौके गंवाता है तो गोल डिफरेंस सुधारने का लक्ष्य मुश्किल हो सकता है।
अर्जेंटीना के खिलाफ पिछला रिकॉर्ड चिंता बढ़ाता है
भारत के लिए अर्जेंटीना को बड़े अंतर से हराना आसान चुनौती नहीं है। दोनों टीमों के बीच इसी साल हॉकी प्रो लीग में दो मुकाबले खेले गए थे और दोनों बार अर्जेंटीना ने भारतीय टीम को शिकस्त दी थी।
इन दोनों मैचों में अर्जेंटीना की जीत का अंतर भी काफी बड़ा रहा। उसने भारत को एक मुकाबले में 8-0 से हराया था, जबकि दूसरे मैच में 4-2 से जीत दर्ज की थी। इन परिणामों से साफ है कि अर्जेंटीना के खिलाफ भारतीय टीम को शुरुआत से ही बेहद सतर्क रहना होगा।
हालांकि वर्ल्ड कप का मुकाबला अलग परिस्थितियों में खेला जाएगा और पुराने परिणामों का सीधा असर मैदान पर नहीं पड़ता। भारतीय टीम इस बार अपनी गलतियों को सुधारकर उतरना चाहेगी। सबसे ज्यादा ध्यान डिफेंस को मजबूत रखने और साथ ही आक्रमण में तेजी लाने पर होगा।
भारत को शुरुआती मिनटों से ही बनाना होगा दबाव
इस मुकाबले में भारतीय टीम के लिए समय भी बेहद महत्वपूर्ण होगा। अगर उसे गोल डिफरेंस में बड़ा सुधार करना है तो मैच के शुरुआती हिस्से से ही अर्जेंटीना पर दबाव बनाना होगा। भारत जितनी जल्दी गोल हासिल करेगा, उतना ही उसे बाकी समय में स्कोर बढ़ाने का मौका मिलेगा।
हालांकि ज्यादा गोल करने के चक्कर में डिफेंस को कमजोर छोड़ना भारत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। अर्जेंटीना के पास जवाबी हमले करने की क्षमता है और भारत को उसकी फॉरवर्ड लाइन से सावधान रहना होगा। एक गोल खाने से भारतीय टीम का पूरा समीकरण बिगड़ सकता है।
इसलिए टीम के लिए सही संतुलन बनाना जरूरी होगा। उसे लगातार अटैक करते हुए गोल के मौके बनाने हैं, लेकिन दूसरी तरफ अर्जेंटीना को आसान मौके नहीं देने हैं।
कोच क्रेग फुल्टन को भरोसा, मौका अभी बाकी
भारतीय टीम के चीफ कोच क्रेग फुल्टन ने भी माना है कि टीम के सामने चुनौती बड़ी है, लेकिन सेमीफाइनल की उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उनके मुताबिक खिलाड़ियों को गोल करने की जरूरत है, लेकिन इसके साथ ही तय गेम प्लान पर भी टिके रहना होगा।
फुल्टन के लिए सबसे बड़ा काम खिलाड़ियों को मानसिक रूप से तैयार करना होगा। भारत टूर्नामेंट में अब तक उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया है और उसके खाते में कोई अंक नहीं है। ऐसे में अर्जेंटीना के खिलाफ खिलाड़ियों पर दबाव स्वाभाविक रूप से ज्यादा होगा।
लेकिन अगर भारतीय टीम इस दबाव को सकारात्मक तरीके से इस्तेमाल करती है और शुरुआती गोल हासिल करने में सफल रहती है तो मुकाबला उसके पक्ष में जा सकता है।
सेमीफाइनल का रास्ता बेहद मुश्किल, लेकिन नामुमकिन नहीं
पूल-E की मौजूदा स्थिति को देखते हुए भारत के सामने सेमीफाइनल तक पहुंचने का रास्ता काफी कठिन है। उसे अर्जेंटीना को हराने के साथ-साथ गोल डिफरेंस का हिसाब भी अपने पक्ष में करना होगा। इसके बाद नीदरलैंड से इंग्लैंड की बड़ी हार की जरूरत होगी।
भारत के लिए सबसे जरूरी बात यह होगी कि वह अपने हिस्से का काम पूरी तरह करे। अगर टीम अर्जेंटीना के खिलाफ ही अंक गंवा देती है तो सेमीफाइनल की दौड़ वहीं खत्म हो जाएगी। इसलिए खिलाड़ियों का पूरा ध्यान पहले मुकाबले पर होगा।
इसके बाद निगाहें नीदरलैंड और इंग्लैंड के मैच पर रहेंगी। भारत चाहेगा कि नीदरलैंड अपनी मजबूत स्थिति का फायदा उठाते हुए इंग्लैंड को बड़े अंतर से हरा दे। भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला सिर्फ जीत या हार का नहीं, बल्कि गोलों के अंतर का भी है। कप्तान हरमनप्रीत सिंह और उनके साथियों के सामने बड़ी चुनौती होगी। उन्हें अर्जेंटीना के खिलाफ आक्रामक और अनुशासित हॉकी का प्रदर्शन करना होगा। अगर भारत बड़ी जीत हासिल करता है और उसके बाद इंग्लैंड भी बड़े अंतर से हार जाता है, तभी टीम इंडिया के लिए सेमीफाइनल का दरवाजा खुल सकता है। ऐसे में आज का मुकाबला भारतीय हॉकी के लिए एक बेहद अहम परीक्षा साबित होने वाला है।




