भारत के 351 रन पर भारी पड़ी होप की पारी: वेस्टइंडीज ने 48.2 ओवर में हासिल किया लक्ष्य, वनडे में दर्ज की सबसे बड़ी चेज जीत

भारत के 351 रन पर भारी पड़ी होप की पारी: वेस्टइंडीज ने 48.2 ओवर में हासिल किया लक्ष्य, वनडे में दर्ज की सबसे बड़ी चेज जीत

भारत के लिए न्यू चंडीगढ़ में खेला गया तीसरा वनडे बेहद चौंकाने वाला रहा। टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 351 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, लेकिन इसके बावजूद वेस्टइंडीज ने 48.2 ओवर में 352 रन का लक्ष्य हासिल कर मुकाबला 5 विकेट से अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने वनडे क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रनचेज दर्ज किया। भारत के लिए यह हार इसलिए भी खास रही क्योंकि 350 या उससे ज्यादा रन बनाने के बावजूद टीम को वनडे में तीसरी बार शिकस्त मिली है।

वेस्टइंडीज की जीत के सबसे बड़े नायक कप्तान और विकेटकीपर शाई होप रहे। उन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए नाबाद 162 रन की शानदार पारी खेली और भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। होप की इस पारी ने न सिर्फ वेस्टइंडीज को ऐतिहासिक जीत दिलाई, बल्कि भारत के खिलाफ रनचेज में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड भी उनके नाम कर दिया। दूसरी ओर भारत की तरफ से राहुल ने नंबर-5 पर उतरकर नाबाद 129 रन बनाए, जबकि रोहित शर्मा ने भी अपनी पारी के दौरान एक बड़ा व्यक्तिगत रिकॉर्ड अपने नाम किया।

शाई होप की पारी ने बदल दिया पूरा मैच

352 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। शाई होप ने एक छोर संभालते हुए लगातार रन बनाए और पारी को अंत तक लेकर गए। उन्होंने 162 रन की नाबाद पारी खेली, जो भारत के खिलाफ वनडे में लक्ष्य का पीछा करते हुए किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा स्कोर बन गया।

होप ने इस मामले में श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान को पीछे छोड़ दिया। उनकी पारी की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने बड़े लक्ष्य का दबाव महसूस नहीं होने दिया। जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा, वेस्टइंडीज की जीत की संभावना मजबूत होती गई और आखिरकार टीम ने 48.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।

यह वेस्टइंडीज के वनडे इतिहास का सबसे बड़ा सफल रनचेज भी बन गया। यानी भारत द्वारा बनाया गया 351 रन का स्कोर भी कैरेबियाई टीम को रोकने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ।

350 से ज्यादा रन बनाकर तीसरी बार हारा भारत

भारत के नाम अब वनडे में एक अनचाहा रिकॉर्ड भी जुड़ गया है। 351 रन बनाने के बावजूद टीम को मुकाबला गंवाना पड़ा। इससे पहले भी भारत 350 या उससे अधिक का स्कोर बनाकर मैच हार चुका है। 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी भारतीय टीम बड़े स्कोर का बचाव नहीं कर पाई थी।

न्यू चंडीगढ़ में मिली हार इस सूची में तीसरी घटना है। भारतीय बल्लेबाजों ने स्कोरबोर्ड पर मजबूत टोटल जरूर खड़ा किया, लेकिन गेंदबाज विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को रोक नहीं सके। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी का फायदा उठाते हुए लक्ष्य को 50 ओवर से पहले ही हासिल कर लिया।

रोहित शर्मा ने सचिन को पीछे छोड़ा

मैच में रोहित शर्मा ने भी एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। वह वनडे में बतौर ओपनर 10 हजार रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इस मुकाम तक पहुंचने में रोहित ने सिर्फ 202 पारियां खेलीं और सबसे तेज इस आंकड़े तक पहुंचने का रिकॉर्ड अपने नाम किया।

इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने ओपनर के तौर पर 214 पारियों में 10 हजार रन पूरे किए थे। रोहित ने सचिन से 12 पारियां कम खेलकर यह उपलब्धि हासिल की।

वनडे में ओपनर के तौर पर 10 हजार रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में रोहित चौथे खिलाड़ी हैं। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, सनथ जयसूर्या और क्रिस गेल यह कारनामा कर चुके हैं। इस तरह रोहित ने अपने लंबे वनडे करियर में एक और बड़ा रिकॉर्ड जोड़ लिया।

राहुल ने नंबर-5 पर खेली 129 रन की नाबाद पारी

भारत की ओर से सबसे बड़ी पारी केएल राहुल के बल्ले से निकली। नंबर-5 पर बल्लेबाजी करने आए राहुल ने नाबाद 129 रन बनाए और टीम को 350 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

नंबर-5 की पोजीशन पर भारतीय बल्लेबाजों की बड़ी पारियों की बात करें तो राहुल की यह पारी भारत के लिए तीसरे सबसे बड़े स्कोर में शामिल हो गई है। उनकी पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, लेकिन बाद में गेंदबाज उस स्कोर का बचाव नहीं कर सके।

रोहित शर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ के बीच भी महत्वपूर्ण साझेदारी देखने को मिली। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 137 रन जोड़े। रोहित अब वनडे क्रिकेट में 100 या उससे ज्यादा रन की साझेदारी में 75वीं बार शामिल हो चुके हैं। शतकीय साझेदारियों के मामले में वह दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में बने हुए हैं और इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं।

भारत ने सीरीज में बनाया रनरेट का रिकॉर्ड

भारत के लिए इस वनडे सीरीज में बल्लेबाजी का प्रदर्शन बेहद आक्रामक रहा। टीम ने पूरी सीरीज में 7.43 के रनरेट से रन बनाए। तीन या उससे ज्यादा मैचों वाली द्विपक्षीय वनडे सीरीज में यह भारत का सबसे बेहतर रनरेट है।

इस रिकॉर्ड में भारत ने इंग्लैंड को पीछे छोड़ा। इंग्लैंड ने 2015 में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में 7.15 के रनरेट से रन बनाए थे। भारतीय बल्लेबाजों ने इस सीरीज में शुरुआत से ही तेज गति से रन बनाए, लेकिन तीसरे मुकाबले में यही बल्लेबाजी प्रदर्शन गेंदबाजी की कमजोरी के कारण जीत में नहीं बदल सका।

45वीं बार भारत का स्कोर 350 के पार

न्यू चंडीगढ़ वनडे में 351 रन बनाकर भारत ने एक और आंकड़ा छुआ। यह वनडे क्रिकेट में भारत का 45वां 350+ स्कोर था। दुनिया की सबसे ज्यादा बार 350 या उससे अधिक रन बनाने वाली टीमों में भारत लगातार शीर्ष पर बना हुआ है।

दक्षिण अफ्रीका 36 बार 350+ रन के आंकड़े तक पहुंचकर दूसरे स्थान पर है। भारत ने लंबे समय से वनडे क्रिकेट में बड़े स्कोर बनाने की क्षमता दिखाई है, लेकिन तीसरे वनडे में बड़ी पारी के बावजूद परिणाम उसके पक्ष में नहीं गया।

छक्कों के मामले में भी भारत ने बनाया रिकॉर्ड

तीन मैचों की इस द्विपक्षीय सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों ने कुल 45 छक्के लगाए। किसी टीम द्वारा तीन मैचों की द्विपक्षीय वनडे सीरीज में लगाए गए छक्कों के लिहाज से यह नया रिकॉर्ड है।

इससे पहले यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के नाम था। इंग्लैंड ने 2021 में भारत के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 37 छक्के लगाए थे। भारत ने इस बार उस आंकड़े को काफी पीछे छोड़ दिया।

किसी भी द्विपक्षीय वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली टीमों की सूची में भारत इंग्लैंड के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरी सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों ने किस तरह आक्रामक क्रिकेट खेला।

जेडन सील्स ने कोहली को पहली गेंद पर भेजा पवेलियन

वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज जेडन सील्स के लिए भी यह मुकाबला खास रहा। उन्होंने विराट कोहली को वनडे में पहली ही गेंद पर आउट कर दिया। इसके साथ ही वह उन चुनिंदा गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने कोहली को वनडे में पहली गेंद पर आउट किया है।

इस सूची में अब कुल चार गेंदबाज शामिल हैं और इनमें तीन वेस्टइंडीज के खिलाड़ी हैं। कोहली का विकेट भारत के लिए शुरुआती झटका रहा, हालांकि बाद के बल्लेबाजों ने स्कोर को 350 के पार पहुंचा दिया।

गुरनूर बरार के नाम अनचाहा रिकॉर्ड

भारत के गेंदबाज गुरनूर बरार के लिए यह सीरीज बेहद महंगी साबित हुई। उन्होंने तीन वनडे मैचों में कुल 253 रन खर्च किए। लगातार तीन वनडे मुकाबलों में किसी गेंदबाज द्वारा दिए गए इतने ज्यादा रन का यह नया आंकड़ा है।

भारत ने भले ही बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन गेंदबाजी विभाग में रन रोकने की चुनौती लगातार बनी रही। तीसरे वनडे में भी वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।

शाई होप ने विकेटकीपर-कप्तान के रूप में आठवां शतक लगाया

होप की 162 रन की पारी उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि बन गई। वनडे क्रिकेट में विकेटकीपर-कप्तान के रूप में उनके नाम अब आठ शतक हो चुके हैं। इस मामले में वह पहले स्थान पर हैं।

भारत के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर एमएस धोनी के नाम इस भूमिका में छह शतक दर्ज हैं। होप ने 53 मैचों में आठ शतक लगाकर इस आंकड़े को और मजबूत किया है।

भारत की जमीन पर भी होप का प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने भारत के खिलाफ यहां अपना चौथा वनडे शतक लगाया। इस मामले में वह न्यूजीलैंड के डैरिल मिचेल के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं।

अमीर जंगू ने भी बनाया खास रिकॉर्ड

वेस्टइंडीज के बल्लेबाज अमीर जंगू ने तीन मैचों की सीरीज में लगातार तीन बार 50 या उससे ज्यादा रन बनाए। सीरीज की तीनों पारियों में अर्धशतक या उससे अधिक का स्कोर करने वाले बल्लेबाजों की खास सूची में वह पांचवें खिलाड़ी बन गए हैं।

वेस्टइंडीज के लिए यह पूरी सीरीज कई व्यक्तिगत उपलब्धियों से भरी रही, लेकिन तीसरे वनडे में मिली जीत सबसे बड़ी उपलब्धि रही। भारत के 351 रन के जवाब में 352 रन बनाकर वेस्टइंडीज ने न सिर्फ मुकाबला अपने नाम किया, बल्कि वनडे इतिहास में अपना सबसे बड़ा सफल रनचेज भी दर्ज कर लिया।

इस तरह भारत की बल्लेबाजी के तमाम रिकॉर्ड और 350 से ज्यादा का स्कोर भी टीम को जीत नहीं दिला सका। रोहित शर्मा का रिकॉर्ड, राहुल की नाबाद 129 रन की पारी और भारत के 45 छक्के जहां व्यक्तिगत और टीम उपलब्धियों के रूप में दर्ज हुए, वहीं शाई होप की 162 रन की पारी ने पूरे मुकाबले की कहानी ही बदल दी।