कन्या पूजन के प्रसाद के लिए बनाएं बाजार जैसी फूली और मुलायम पूड़ियां, आटा गूंथने से लेकर तलने तक अपनाएं ये आसान तरीके

कन्या पूजन के प्रसाद के लिए बनाएं बाजार जैसी फूली और मुलायम पूड़ियां, आटा गूंथने से लेकर तलने तक अपनाएं ये आसान तरीके

नवरात्रि के पावन दिनों में मां दुर्गा की आराधना के साथ-साथ अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। इस अवसर पर छोटी कन्याओं को घर बुलाकर उनकी पूजा की जाती है और उन्हें हलवा, काले चने तथा पूड़ी का प्रसाद खिलाया जाता है। हर घर में इस खास प्रसाद को तैयार करने की परंपरा है। ऐसे में महिलाएं चाहती हैं कि प्रसाद में बनाई गई पूड़ियां स्वादिष्ट होने के साथ-साथ देखने में भी अच्छी लगें। पूड़ियां अगर अच्छी तरह फूल जाएं और खाने में मुलायम रहें, तो प्रसाद का स्वाद और भी बढ़ जाता है।

हालांकि, घर पर पूड़ियां बनाते समय कई तरह की परेशानियां सामने आती हैं। कभी पूड़ियां तलते समय फूलती नहीं हैं, तो कभी वे जरूरत से ज्यादा सख्त हो जाती हैं। कुछ मामलों में पूड़ियां तेल सोख लेती हैं, जिससे उनका स्वाद और बनावट दोनों प्रभावित होते हैं। कई बार आटा सही होने के बावजूद बेलने या तलने में हुई छोटी-सी गलती के कारण मनचाहा परिणाम नहीं मिल पाता। अगर आप भी इस बार कन्या पूजन के लिए बढ़िया पूड़ियां बनाने की तैयारी कर रही हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना आपके काम आ सकता है। सही तरीके से आटा तैयार करने, उसे आराम देने और तेल का तापमान बनाए रखने से अच्छी पूड़ियां बनाई जा सकती हैं।

1. सबसे पहले तेल का तापमान सही रखें

पूड़ियों को फुलाने में तेल का तापमान अहम भूमिका निभाता है। अगर तेल पर्याप्त गर्म नहीं हुआ है, तो पूड़ी डालते ही वह ठीक तरह से फूलने के बजाय तेल सोख सकती है। इससे पूड़ी भारी और चिकनी हो जाती है। दूसरी तरफ, तेल जरूरत से ज्यादा गर्म होने पर पूड़ी बाहर से जल्दी भूरी हो सकती है, जबकि उसका अंदरूनी हिस्सा ठीक से नहीं पकता।

इसलिए पूड़ियां तलने से पहले तेल को मध्यम से तेज आंच पर अच्छी तरह गर्म करें। तापमान जांचने के लिए आटे का एक छोटा टुकड़ा तेल में डाल सकती हैं। अगर वह धीरे-धीरे ऊपर आ जाता है और उसके आसपास बुलबुले बनने लगते हैं, तो तेल काफी हद तक तैयार है। यदि टुकड़ा नीचे ही पड़ा रहे और बुलबुले बहुत कम बनें, तो तेल को थोड़ा और गर्म होने दें। अगर वह तुरंत गहरा रंग पकड़ने लगे, तो आंच कम कर दें।

पूड़ी को तेल में डालने के बाद कलछी से हल्का दबाने या उसके ऊपर गर्म तेल डालने से उसे फूलने में मदद मिल सकती है। पूड़ी फूलने लगे तो उसे पलट दें और दोनों तरफ से सुनहरा होने तक तलें। ध्यान रखें कि तेल में एक साथ बहुत सारी पूड़ियां न डालें, क्योंकि इससे तेल का तापमान गिर सकता है।

2. आटा गूंथते समय रखें खास सावधानी

अच्छी पूड़ियों की शुरुआत सही आटा तैयार करने से होती है। इसके लिए गेहूं का आटा एक बड़े बर्तन में लें और उसमें जरूरत के अनुसार पानी डालते हुए गूंथना शुरू करें। पानी एक बार में अधिक मात्रा में डालने के बजाय थोड़ा-थोड़ा मिलाएं। ऐसा करने से आटे की नमी को नियंत्रित करना आसान रहता है और आटा जरूरत से ज्यादा ढीला नहीं होता।

पूड़ी के लिए आटा रोटी के आटे से थोड़ा सख्त रखा जाता है। अगर आटा बहुत नरम होगा, तो पूड़ियां बेलते समय चिपक सकती हैं और उन्हें उठाकर तेल में डालना मुश्किल हो सकता है। वहीं, बहुत ज्यादा सख्त आटा बेलने में परेशानी पैदा कर सकता है और पूड़ियों की बनावट भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए आटे में इतना पानी मिलाएं कि वह एकसार हो जाए और आसानी से लोइयां बनाई जा सकें।

कुछ लोग आटा गूंथते समय उसमें एक से दो छोटी चम्मच घी या तेल भी मिलाते हैं। इससे आटे को संभालना आसान हो सकता है और पूड़ियों की बनावट में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, घी या तेल की मात्रा सीमित रखें। सही मात्रा में पानी और अच्छी तरह गूंथा हुआ आटा ही बढ़िया पूड़ियां बनाने का मुख्य आधार है।

3. गुनगुने पानी का इस्तेमाल कर सकती हैं

आटा तैयार करने के लिए सामान्य तापमान वाला पानी इस्तेमाल करना पर्याप्त है। हालांकि, अगर आप चाहें तो हल्के गुनगुने पानी से भी आटा गूंथ सकती हैं। पानी बहुत गर्म नहीं होना चाहिए। गुनगुना पानी इस्तेमाल करते समय उसे धीरे-धीरे आटे में मिलाएं, ताकि आटे की बनावट पर आपका नियंत्रण बना रहे।

ध्यान देने वाली बात यह है कि सिर्फ गुनगुने पानी से ही पूड़ियां फूली हुई बनेंगी, ऐसा जरूरी नहीं है। आटे की सही सख्ती, बेलने का तरीका और तेल का तापमान भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। अगर पानी अधिक पड़ गया, तो आटा चिपचिपा हो सकता है और पूड़ियां तलते समय अपना आकार बनाए रखने में परेशानी हो सकती है।

इसलिए पानी डालने के बाद आटे को अच्छी तरह मिलाएं और जरूरत के अनुसार ही अतिरिक्त पानी डालें। यदि आटा हाथों से बहुत ज्यादा चिपक रहा हो, तो थोड़ा सूखा आटा मिलाकर उसकी बनावट सुधार सकती हैं। लेकिन एकदम से बहुत ज्यादा सूखा आटा डालने से बचें, क्योंकि इससे आटा असमान हो सकता है।

4. आटे को कुछ देर ढककर जरूर रखें

अक्सर जल्दबाजी में आटा गूंथने के तुरंत बाद पूड़ियां बेलना शुरू कर दिया जाता है। इससे आटा ठीक तरह से व्यवस्थित नहीं हो पाता और उसे बेलते समय अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। इसलिए आटा तैयार करने के बाद उसे लगभग 15 से 20 मिनट के लिए ढककर रख दें।

इस दौरान आटे की नमी अच्छी तरह वितरित होने में मदद मिलती है और उसे बेलना आसान हो सकता है। आटे को खुला छोड़ने से उसकी ऊपरी सतह सूख सकती है, जिससे लोइयां बनाते समय या पूड़ियां बेलते वक्त दरारें पड़ने की आशंका रहती है। इसे साफ ढक्कन या गीले कपड़े से ढककर रखें, ताकि आटा सूखे नहीं।

आराम देने के बाद आटे को हल्के हाथों से एक बार फिर गूंथ लें। इसके बाद समान आकार की छोटी-छोटी लोइयां बना लें। यदि आप बड़ी संख्या में पूड़ियां तैयार कर रही हैं, तो बनी हुई लोइयों को भी ढककर रखें। इससे वे सूखेंगी नहीं और सभी पूड़ियों को बेलने में आसानी होगी।

5. पूड़ियों को न ज्यादा पतला बेलें, न बहुत मोटा

पूड़ी का आकार और मोटाई उसके फूलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर पूड़ी बहुत पतली बेली गई है, तो वह तलते समय कुरकुरी हो सकती है और हर बार अच्छी तरह फूलना जरूरी नहीं है। वहीं, जरूरत से ज्यादा मोटी पूड़ी अंदर से कच्ची रह सकती है या उसे अच्छी तरह पकने में अधिक समय लग सकता है।

लोई को हल्के हाथों से बेलें और कोशिश करें कि उसकी मोटाई हर तरफ लगभग समान रहे। पूड़ी के बीच का हिस्सा बहुत मोटा और किनारे बेहद पतले न हों। समान मोटाई होने से पूड़ी को तेल में तलते समय गर्मी बराबर तरीके से मिलती है और उसके फूलने की संभावना बेहतर होती है।

बेलते समय बहुत अधिक सूखा आटा लगाने से बचें। ज्यादा सूखा आटा तेल में गिरकर जल सकता है और तेल की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। अगर लोई बेलन या चकले पर चिपक रही हो, तो थोड़ा-सा तेल लगाकर बेलने का विकल्प अपना सकती हैं। इससे अतिरिक्त सूखे आटे की जरूरत कम हो सकती है।

6. पूड़ियों को तलते समय सही तरीका अपनाएं

आटा तैयार होने और पूड़ियां बेलने के बाद उन्हें तलने का तरीका भी सही होना चाहिए। सबसे पहले तेल गर्म करें और फिर बेली हुई पूड़ी को सावधानी से तेल में डालें। तेल में डालते ही उसे कलछी से बहुत हल्के हाथों से दबाएं या उसके ऊपर थोड़ा गर्म तेल डालें। इससे पूड़ी के बीच में भाप बनने और उसकी परतों के फैलने में मदद मिल सकती है।

जब पूड़ी फूलने लगे, तो उसे पलट दें और दूसरी तरफ भी अच्छी तरह तलें। पूड़ी को बहुत देर तक तेल में रखने से वह जरूरत से ज्यादा कुरकुरी हो सकती है। यदि आप प्रसाद के लिए नरम पूड़ियां चाहती हैं, तो उन्हें सुनहरा होने पर निकाल लें। पूड़ियों का रंग हल्का सुनहरा रखना बेहतर रहता है; उन्हें बहुत गहरा भूरा होने तक तलने की जरूरत नहीं है।

पूड़ियां निकालने के लिए झारे का इस्तेमाल करें और अतिरिक्त तेल निकलने दें। इसके बाद उन्हें प्लेट में रखी छलनी या ऐसी सतह पर रखें, जहां अतिरिक्त तेल आसानी से निकल सके। बहुत ज्यादा देर तक खुली हवा में रखने से पूड़ियों की सतह सूख सकती है, इसलिए तैयार पूड़ियों को साफ कपड़े से हल्के ढंग से ढककर रख सकती हैं।

7. प्रसाद के लिए पूड़ियां बनाते समय इन गलतियों से बचें

कन्या पूजन के लिए एक साथ अधिक पूड़ियां बनानी पड़ती हैं, इसलिए तैयारी पहले से करना उपयोगी रहता है। हालांकि, कुछ सामान्य गलतियों से बचकर आप समय भी बचा सकती हैं और पूड़ियों की गुणवत्ता भी बनाए रख सकती हैं।

  • आटे में जरूरत से ज्यादा पानी न डालें, वरना लोइयां संभालना मुश्किल हो सकता है।
  • आटा गूंथने के बाद उसे खुला न छोड़ें, क्योंकि इससे उसकी ऊपरी सतह सूख सकती है।
  • पूड़ियों को असमान मोटाई में न बेलें। इससे उनके फूलने और पकने पर असर पड़ सकता है।
  • कम गर्म तेल में पूड़ियां डालने से बचें, क्योंकि वे ज्यादा तेल सोख सकती हैं।
  • कड़ाही में एक साथ बहुत सारी पूड़ियां न डालें। इससे तेल का तापमान कम हो सकता है।
  • पूड़ियों को बहुत देर तक न तलें, खासकर तब जब आप उन्हें मुलायम रखना चाहती हैं।
  • तैयार पूड़ियों को ढेर लगाकर तुरंत कसकर बंद न करें। पहले अतिरिक्त तेल निकलने दें और फिर उन्हें साफ कपड़े से ढकें।

कन्या पूजन के लिए ऐसे करें तैयारी

अगर आपको अष्टमी या नवमी पर कई कन्याओं के लिए प्रसाद तैयार करना है, तो सबसे पहले आटा गूंथकर उसे ढककर रख दें। इसके बाद हलवा और चने की तैयारी कर सकती हैं। जब प्रसाद के बाकी व्यंजन लगभग तैयार हो जाएं, तब पूड़ियां बेलकर तलना शुरू करें। इससे पूड़ियां गर्म और ताजा परोसी जा सकेंगी।

पूड़ियों के लिए आटा बहुत पहले गूंथकर लंबे समय तक बाहर रखने के बजाय अपनी जरूरत और रसोई के तापमान के अनुसार तैयारी करें। गर्म मौसम में आटे को लंबे समय तक बाहर छोड़ने से बचें। हाथों, बर्तनों और काम करने वाली जगह की साफ-सफाई का भी ध्यान रखें, क्योंकि प्रसाद कई लोगों को परोसा जाना है।

कुल मिलाकर, फूली और मुलायम पूड़ियां बनाने के लिए किसी खास सामग्री की जरूरत नहीं होती। आटे में सही मात्रा में पानी डालना, उसे उचित समय तक ढककर रखना, पूड़ियों को समान मोटाई में बेलना और तेल का तापमान बनाए रखना सबसे जरूरी बातें हैं। इन आसान तरीकों को अपनाकर आप कन्या पूजन के लिए स्वादिष्ट पूड़ियां तैयार कर सकती हैं, जिन्हें हलवे और काले चने के साथ प्रसाद के रूप में परोसना आसान होगा।