भारत ने जिम्बाब्वे को 92 रन से रौंदकर सीरीज पर किया कब्जा, हरमनप्रीत की तूफानी पारी से बना नया रिकॉर्ड

भारत ने जिम्बाब्वे को 92 रन से रौंदकर सीरीज पर किया कब्जा, हरमनप्रीत की तूफानी पारी से बना नया रिकॉर्ड

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन मुकाबलों की टी-20 सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए सीरीज के आखिरी मैच में टीम इंडिया ने मेहमान टीम को 92 रन से शिकस्त दी। भारतीय बल्लेबाजों ने मैदान पर चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट खोकर 124 रन ही बना सकी।

भारत की जीत में कप्तान स्मृति मंधाना की टीम की ओर से शेफाली वर्मा और हरमनप्रीत कौर का बल्ला जमकर चला। शेफाली ने तेजतर्रार अंदाज में 69 रन बनाए, जबकि हरमनप्रीत ने नाबाद 91 रन की पारी खेलकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। गेंदबाजी में नंदनी शर्मा ने अहम भूमिका निभाते हुए तीन विकेट हासिल किए। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने न केवल सीरीज अपने नाम की, बल्कि घरेलू मैदान पर महिला टी-20 इंटरनेशनल में अपनी सबसे बड़ी जीत भी दर्ज कर ली।

हरमनप्रीत कौर ने बल्ले से मचाया धमाल, 41 गेंदों में बनाए नाबाद 91 रन

भारतीय पारी के दौरान हरमनप्रीत कौर की बल्लेबाजी आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। शुरुआत में वह संभलकर खेल रही थीं और 12 गेंदों का सामना करने के बाद उनके खाते में केवल 11 रन थे। हालांकि, इसके बाद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार बढ़ाई और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते उनकी पारी ने आक्रामक रूप ले लिया और उन्होंने मैदान के चारों ओर शानदार शॉट लगाए।

हरमनप्रीत ने केवल 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन बनाए। उनकी इस पारी में 10 चौके और पांच छक्के शामिल रहे। उन्होंने 221.95 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हुए भारतीय स्कोर को 200 के पार पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी बल्लेबाजी ने मुकाबले के अंतिम हिस्से में भारत को तेजी से रन जुटाने का मौका दिया।

शेफाली वर्मा के साथ मिलकर हरमनप्रीत ने तीसरे विकेट के लिए सिर्फ 41 गेंदों पर 84 रन की अहम साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारतीय पारी को मजबूती दी और टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ती चली गई। अंतिम पांच ओवरों में भी भारतीय बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए। इस दौरान टीम के खाते में 62 रन जुड़े, हालांकि भारत ने इन पांच ओवरों में चार विकेट भी गंवाए।

इंटरव्यू के दौरान भावुक हुईं हरमनप्रीत, कप्तानी छोड़ने के बाद खेली पहली सीरीज

मैच के बाद हरमनप्रीत कौर से बातचीत के दौरान एक भावुक पल भी देखने को मिला। इंटरव्यू देते समय उनकी आंखों में आंसू आ गए। यह सीरीज उनके लिए इसलिए भी खास थी, क्योंकि भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ने के बाद वह पहली बार किसी सीरीज में खेल रही थीं।

गौरतलब है कि छह अक्टूबर को हरमनप्रीत ने भारतीय महिला टीम के तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया था। इसके बाद स्मृति मंधाना को टीम की नई कप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई। कप्तानी से अलग होने के बाद हरमनप्रीत का यह प्रदर्शन उनके व्यक्तिगत खेल के लिहाज से काफी अहम रहा।

जिम्बाब्वे के खिलाफ निर्णायक मुकाबले में उनकी पारी ने दिखाया कि वह बल्लेबाजी के जरिए टीम के लिए लगातार उपयोगी योगदान दे सकती हैं। 91 रन बनाकर नाबाद लौटने के साथ उन्होंने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और मैच के बाद भावुक प्रतिक्रिया इस मुकाबले के सबसे चर्चित पहलुओं में शामिल रहीं।

शेफाली वर्मा ने भी खेली विस्फोटक पारी, शुरुआती साझेदारी से मिली मजबूती

भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में शेफाली वर्मा का योगदान भी बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को खुलकर शॉट खेलने का मौका नहीं दिया। शेफाली ने 37 गेंदों पर 69 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने छह चौके और पांच छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 186.49 रहा।

पारी की शुरुआत शेफाली वर्मा और अनुष्का शर्मा ने की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 54 रन जोड़कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। अनुष्का ने 20 गेंदों पर 28 रन बनाए, जिसमें चार चौके और एक छक्का शामिल था। वह भारतीय पारी के 5.2 ओवर में आउट हुईं, लेकिन तब तक टीम को मजबूत आधार मिल चुका था।

अनुष्का के आउट होने के बाद शेफाली ने रन बनाने की गति कम नहीं होने दी। उन्होंने जिम्बाब्वे की गेंदबाजी के खिलाफ लगातार आक्रामक बल्लेबाजी की और टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया। बाद में हरमनप्रीत के साथ उनकी साझेदारी ने भारतीय पारी को और मजबूत कर दिया। दोनों बल्लेबाजों के प्रदर्शन के कारण भारत विपक्षी टीम के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखने में सफल रहा।

भारत ने खड़ा किया 216 रन का विशाल स्कोर

टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 216 रन बनाए। शेफाली और हरमनप्रीत की शानदार पारियों के अलावा टीम की ओर से अन्य बल्लेबाजों ने भी स्कोर को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। भारतीय बल्लेबाजों ने बड़े शॉट लगाने के साथ जरूरी मौकों पर तेजी से रन जुटाए।

आखिरी ओवरों में भारत ने तेजी से रन बनाने की कोशिश की। पांच ओवर शेष रहने पर टीम ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और 62 रन जोड़ दिए। हालांकि, तेज रन बनाने के प्रयास में चार विकेट भी गिरे। इसके बावजूद भारत का स्कोर 216 रन तक पहुंच गया, जो जिम्बाब्वे के लिए बड़ा लक्ष्य साबित हुआ।

भारतीय टीम ने इस मुकाबले में कुल 11 छक्के लगाए। महिला टी-20 इंटरनेशनल में किसी टीम की एक पारी में 11 छक्के लगाना संयुक्त रूप से तीसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले भारत ने 2026 में श्रीलंका के खिलाफ 13 और बांग्लादेश के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे।

जिम्बाब्वे की ओर से मायर्स और बीजा ने संभाली पारी

217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम को पहली ही गेंद पर झटका लगा, जब केलिस नधलोवु बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं। शुरुआती विकेट गिरने के कारण मेहमान टीम पर दबाव बढ़ गया। हालांकि, इसके बाद शार्न मायर्स और बेलव्ड बीजा ने पारी को संभालने का प्रयास किया।

दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए 82 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी के दौरान जिम्बाब्वे ने भारतीय गेंदबाजों का सामना करते हुए स्कोर आगे बढ़ाया। मायर्स ने 49 गेंदों पर 60 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल रहे। वह 14.3 ओवर में टीम के 94 रन के स्कोर पर आउट हुईं।

दूसरी ओर, बीजा ने भी संघर्ष जारी रखा और 50 गेंदों पर 44 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में पांच चौके लगाए, लेकिन कोई छक्का नहीं लगा सकीं। दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी टूटने के बाद जिम्बाब्वे की रन गति प्रभावित हुई। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर विपक्षी टीम को लक्ष्य से दूर रखा।

बीजा 19वें ओवर में आउट हो गईं। इसके बाद जिम्बाब्वे की टीम मुकाबले में वापसी नहीं कर सकी और निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 124 रन ही बना पाई।

नंदनी शर्मा की घातक गेंदबाजी, तीन बल्लेबाजों को भेजा पवेलियन

भारतीय गेंदबाजों ने बड़े लक्ष्य का बचाव करते हुए अनुशासित प्रदर्शन किया। नंदनी शर्मा सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने 18 रन देकर तीन विकेट चटकाए और जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को रोकने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पारी के अंतिम ओवर में बीजा और लॉरिन फिरी को आउट कर मेहमान टीम की पारी को सात विकेट पर 124 रन तक सीमित करने में मदद की।

नंदनी के अलावा दीप्ति शर्मा, निकी प्रसाद, क्रांति गौड़ और अरुंधति रेड्डी ने एक-एक विकेट हासिल किया। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती झटकों से लेकर अंतिम ओवरों तक दबाव बनाए रखा। मायर्स और बीजा की साझेदारी के दौरान जिम्बाब्वे ने कुछ समय के लिए मुकाबले में बने रहने की कोशिश की, लेकिन साझेदारी टूटने के बाद भारतीय टीम ने मैच पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर लिया।

भारतीय महिला टीम ने एक साल में छक्के लगाने का रिकॉर्ड बनाया

जिम्बाब्वे के खिलाफ इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 11 छक्के लगाए। इसके साथ ही साल 2026 में भारतीय महिला टीम के टी-20 इंटरनेशनल में कुल छक्कों की संख्या 128 हो गई। यह किसी भी टीम की ओर से एक कैलेंडर वर्ष में लगाए गए सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड है। दक्षिण अफ्रीका की टीम 77 छक्कों के साथ इस सूची में दूसरे स्थान पर है।

शेफाली वर्मा ने भी छक्कों के मामले में व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 2026 में महिला टी-20 इंटरनेशनल में कुल 47 छक्के लगाए हैं। एक कैलेंडर वर्ष में किसी महिला खिलाड़ी की ओर से लगाए गए ये सर्वाधिक छक्के हैं। इस रिकॉर्ड सूची में श्रीलंका की चमारी अटापट्टू दूसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने 2024 में 32 छक्के लगाए थे।

भारत की लगातार 11वीं जीत, जिम्बाब्वे की हार का सिलसिला जारी

इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने टी-20 इंटरनेशनल में लगातार 11 मुकाबले जीतने का सिलसिला बरकरार रखा। तीन मैचों की सीरीज में भारत ने हर मुकाबले में जीत हासिल करते हुए जिम्बाब्वे का 3-0 से सफाया किया। दूसरी ओर, जिम्बाब्वे की टीम को इस फॉर्मेट में लगातार 23वीं हार का सामना करना पड़ा।

भारत ने इस मुकाबले में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और साझेदारियों के दम पर एकतरफा जीत दर्ज की। हरमनप्रीत कौर की नाबाद 91 रन की पारी, शेफाली वर्मा के 69 रन और नंदनी शर्मा के तीन विकेट जीत के प्रमुख आधार बने। रायपुर में मिली 92 रन की इस जीत ने भारतीय महिला टीम के शानदार प्रदर्शन को एक बार फिर सामने रखा। घरेलू मैदान पर दर्ज यह जीत भारत के लिए सीरीज का यादगार समापन साबित हुई।