2 गोल से पिछड़ने के बाद अर्जेंटीना का ऐतिहासिक कमबैक, मिस्र को 3-2 से हराकर अंतिम-8 में बनाई जगह

2 गोल से पिछड़ने के बाद अर्जेंटीना का ऐतिहासिक कमबैक, मिस्र को 3-2 से हराकर अंतिम-8 में बनाई जगह

डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप में ऐसा मुकाबला जीता, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। अटलांटा स्टेडियम में खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में टीम ने मिस्र को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। सबसे खास बात यह रही कि अर्जेंटीना 78वें मिनट तक 0-2 से पीछे चल रही थी, लेकिन आखिरी 13 मिनट में शानदार वापसी करते हुए लगातार तीन गोल दाग दिए और हार की कगार से जीत छीन ली।

अब क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना का मुकाबला 12 जुलाई को स्विट्जरलैंड से होगा। इस जीत के साथ अंतिम-8 की सभी टीमें भी तय हो गई हैं। अर्जेंटीना की यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि विश्व कप के इतिहास में पहली बार टीम ने दो गोल से पिछड़ने के बाद मुकाबला अपने नाम किया।

अंतिम क्षणों में बदला पूरा मैच

लगभग पूरे मुकाबले में मिस्र का पलड़ा भारी नजर आ रहा था। उसके खिलाड़ी तेज आक्रमण कर रहे थे और अर्जेंटीना की मजबूत मानी जाने वाली डिफेंस लाइन को लगातार चुनौती दे रहे थे। दूसरी ओर, अर्जेंटीना को कई अच्छे मौके मिले, लेकिन टीम उन्हें गोल में नहीं बदल सकी।

हालांकि, 79वें मिनट के बाद मैच का पूरा रंग बदल गया। सबसे पहले क्रिस्टियन रोमेरो ने हेडर के जरिए अर्जेंटीना का पहला गोल दागकर टीम की उम्मीदें जगा दीं। इसके बाद कप्तान लियोनेल मेसी ने शानदार फिनिश के साथ बराबरी का गोल किया। इंजरी टाइम में एंजो फर्नांडीज ने निर्णायक गोल कर मिस्र की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और अर्जेंटीना को रोमांचक जीत दिला दी।

मेसी ने बनाया नया रिकॉर्ड

इस मुकाबले में लियोनेल मेसी ने टूर्नामेंट का अपना आठवां गोल दागा। इसी के साथ वह गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे पहुंच गए हैं। विश्व कप इतिहास में उनके कुल गोलों की संख्या अब 21 हो चुकी है, जिससे उन्होंने ऑलटाइम टॉप स्कोरर के रूप में अपनी बढ़त और मजबूत कर ली।

इतना ही नहीं, मेसी ने विश्व कप में नौ अलग-अलग मुकाबलों में गोल करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उन्होंने अपना ही पुराना रिकॉर्ड बेहतर किया। मैच खत्म होने के बाद जीत की खुशी में मेसी भावुक हो गए और मैदान पर ही उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े।

मिस्र ने शुरुआती मिनटों में जमाया दबदबा

मुकाबले की शुरुआत से ही मिस्र ने आक्रामक रवैया अपनाया। टीम ने गेंद पर अच्छा नियंत्रण बनाए रखा और अर्जेंटीना को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। इसका फायदा 15वें मिनट में मिला, जब यासिर इब्राहिम ने शानदार मूव बनाते हुए गोल दागकर मिस्र को 1-0 की बढ़त दिला दी।

पहला गोल खाने के बाद अर्जेंटीना ने लगातार हमले किए, लेकिन मिस्र के गोलकीपर मोस्तफा शौबीर ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कई शानदार बचाव किए। उनकी वजह से अर्जेंटीना बराबरी करने में नाकाम रही।

मेसी पेनाल्टी पर नहीं कर सके गोल

पहले हाफ के दौरान अर्जेंटीना को बराबरी करने का सुनहरा अवसर मिला। 21वें मिनट में टीम को पेनाल्टी मिली और कप्तान लियोनेल मेसी गेंद के पीछे खड़े हुए। हालांकि, इस बार मिस्र के गोलकीपर मोस्तफा शौबीर ने शानदार अंदाज में डाइव लगाकर मेसी का शॉट रोक दिया।

यह पल अर्जेंटीना के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। पेनाल्टी चूकने के बाद मेसी भी काफी निराश दिखाई दिए, जबकि मिस्र के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ गया।

दूसरे हाफ में मिस्र ने बढ़ाई बढ़त

ब्रेक के बाद भी मिस्र ने अपना दबदबा बनाए रखा। टीम ने अर्जेंटीना को ज्यादा मौके नहीं दिए और लगातार जवाबी हमले करती रही। 67वें मिनट में मोस्तफा जीको ने बेहतरीन गोल दागते हुए स्कोर 2-0 कर दिया।

उस समय ऐसा लग रहा था कि डिफेंडिंग चैंपियन का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा। अर्जेंटीना के खिलाड़ी दबाव में नजर आ रहे थे और मिस्र की टीम पूरी तरह मुकाबले पर नियंत्रण बनाए हुए थी।

रोमेरो ने जगाई उम्मीद

जब मुकाबला अर्जेंटीना के हाथ से फिसलता दिख रहा था, तभी 79वें मिनट में क्रिस्टियन रोमेरो ने शानदार हेडर के जरिए गोल कर टीम की वापसी की शुरुआत की। मेसी के बेहतरीन क्रॉस को उन्होंने सटीक तरीके से गोल में बदल दिया।

इस गोल के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास लौट आया, जबकि मिस्र की टीम दबाव में आ गई। स्टेडियम में मौजूद अर्जेंटीना के समर्थकों का उत्साह भी चरम पर पहुंच गया।

चार मिनट में मेसी ने बदली तस्वीर

रोमेरो के गोल के महज चार मिनट बाद लियोनेल मेसी ने अपना जादू दिखाया। 83वें मिनट में उन्होंने शानदार फिनिश के साथ गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर स्कोर 2-2 कर दिया।

पेनाल्टी मिस करने के बावजूद मेसी ने हार नहीं मानी और निर्णायक समय में अपनी टीम के लिए सबसे अहम गोल दागा। इस गोल ने मुकाबले को पूरी तरह पलट दिया और मिस्र की टीम बैकफुट पर पहुंच गई।

इंजरी टाइम में आया जीत दिलाने वाला गोल

मैच अपने अंतिम क्षणों में था और दोनों टीमें अतिरिक्त समय की ओर बढ़ती दिख रही थीं। लेकिन इंजरी टाइम के तीसरे मिनट में अर्जेंटीना ने एक और शानदार आक्रमण किया।

मार्टिनेज के सटीक क्रॉस पर एंजो फर्नांडीज ने हेडर लगाकर गेंद को नेट में पहुंचा दिया। यह गोल न केवल अर्जेंटीना की जीत का कारण बना बल्कि फुटबॉल विश्व कप इतिहास का 3000वां गोल भी दर्ज हुआ।

इसके बाद मिस्र के पास वापसी का समय नहीं बचा और रेफरी की अंतिम सीटी के साथ अर्जेंटीना ने 3-2 की यादगार जीत दर्ज कर ली।

क्वार्टर फाइनल लाइनअप में कई रोचक तथ्य

इस बार क्वार्टर फाइनल में कई ऐसी टीमें पहुंची हैं, जिन्होंने इतिहास रचा है। स्विट्जरलैंड 72 साल बाद पहली बार विश्व कप के अंतिम-8 में पहुंचा है। इससे पहले उसने 1954 में अपने घरेलू विश्व कप में यह उपलब्धि हासिल की थी।

वहीं, मोरक्को लगातार दूसरे विश्व कप में नॉकआउट चरण में पहुंचने वाली पहली अफ्रीकी टीम बन गई है। 2022 में उसने सेमीफाइनल तक पहुंचकर नया इतिहास रचा था और इस बार भी टीम शानदार प्रदर्शन कर रही है।

दिलचस्प बात यह भी है कि क्वार्टर फाइनल में पहुंची मोरक्को, बेल्जियम, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड जैसी टीमें अब तक विश्व कप ट्रॉफी नहीं जीत सकी हैं। ऐसे में इस बार नए विश्व चैंपियन के मिलने की संभावना भी बनी हुई है।

मुकाबले के अहम रिकॉर्ड

इस मैच में कई बड़े रिकॉर्ड भी बने। लियोनेल मेसी ने विश्व कप में अपने कुल गोलों की संख्या 21 तक पहुंचाई और ऑलटाइम टॉप स्कोरर के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की। उन्होंने नौ अलग-अलग विश्व कप मुकाबलों में गोल करने का नया रिकॉर्ड भी बनाया।

वहीं, एंजो फर्नांडीज का इंजरी टाइम में आया गोल विश्व कप इतिहास का 3000वां गोल साबित हुआ। दूसरी ओर, अर्जेंटीना ने पहली बार विश्व कप में दो गोल से पिछड़ने के बाद मुकाबला जीतकर नया इतिहास रच दिया।

अब सभी की नजरें क्वार्टर फाइनल पर टिकी हैं, जहां अर्जेंटीना का सामना स्विट्जरलैंड से होगा। जिस तरह टीम ने मिस्र के खिलाफ असंभव लग रही स्थिति से वापसी की है, उसने यह साफ कर दिया है कि डिफेंडिंग चैंपियन आखिरी मिनट तक हार मानने वाली टीम नहीं है।