FIFA 2026: इंग्लैंड ने नॉर्वे को रोमांचक मुकाबले में हराकर बनाई सेमीफाइनल में जगह, बेलिंगहैम बने जीत के सबसे बड़े हीरो

FIFA 2026: इंग्लैंड ने नॉर्वे को रोमांचक मुकाबले में हराकर बनाई सेमीफाइनल में जगह, बेलिंगहैम बने जीत के सबसे बड़े हीरो

फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया है। मियामी में खेले गए बेहद रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इंग्लिश टीम ने नॉर्वे को अतिरिक्त समय (एक्स्ट्रा टाइम) में 2-1 से मात दी। इस जीत के सबसे बड़े नायक स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम रहे, जिन्होंने दोनों गोल दागकर अपनी टीम को अंतिम-4 में पहुंचा दिया। अब इंग्लैंड का सामना 15 जुलाई को सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से होगा। लगभग आठ साल बाद इंग्लैंड फिर से विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचा है और टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है।

मैच की शुरुआत दोनों टीमों ने आक्रामक अंदाज में की। शुरुआती मिनटों में इंग्लैंड ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा, लेकिन नॉर्वे ने तेज काउंटर अटैक के जरिए लगातार दबाव बनाया। पहले हाफ के अधिकांश समय तक दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और किसी भी टीम को आसान मौके नहीं मिले। हालांकि 36वें मिनट में नॉर्वे ने मैच का पहला गोल कर इंग्लैंड को चौंका दिया।

नॉर्वे की ओर से एंड्रियास शेल्डेरुप ने शानदार मूव को गोल में बदलते हुए अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इस गोल के बाद इंग्लैंड पर दबाव बढ़ गया और नॉर्वे ने भी अपने डिफेंस को मजबूत कर लिया। ऐसा लग रहा था कि पहला हाफ नॉर्वे की बढ़त के साथ समाप्त होगा, लेकिन इंजरी टाइम में जूड बेलिंगहैम ने शानदार मौके का फायदा उठाकर बराबरी का गोल दाग दिया। उनके इस गोल ने इंग्लैंड को मुकाबले में वापस ला दिया और स्कोर 1-1 हो गया।

हालांकि इस गोल के बाद मैदान पर विवाद भी देखने को मिला। नॉर्वे के खिलाड़ियों ने दावा किया कि गोल बनने से पहले गेंद स्टेडियम में लगे ओवरहेड कैमरा वायर से टकराई थी, इसलिए खेल रोककर ड्रॉप बॉल से दोबारा शुरुआत होनी चाहिए थी। रेफरी ने खेल जारी रखा और गोल को मान्यता दे दी। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

मैच समाप्त होने के बाद FIFA ने इस पूरे विवाद पर अपना आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया। संस्था ने बताया कि मैच में इस्तेमाल की गई कनेक्टेड बॉल के सेंसर डेटा की जांच की गई, जिसमें ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि गेंद ओवरहेड वायर से टकराई थी। सेंसर के अनुसार गेंद की दिशा में किसी बाहरी वस्तु की वजह से बदलाव नहीं आया था, इसलिए रेफरी का फैसला पूरी तरह सही था और इंग्लैंड का गोल वैध माना गया।

दूसरे हाफ में नॉर्वे ने फिर से आक्रामक शुरुआत की। 56वें मिनट में कॉर्नर किक के बाद टॉरब्योर्न हेगम ने रीबाउंड पर गेंद को नेट में पहुंचाकर अपनी टीम को दोबारा बढ़त दिला दी। नॉर्वे के खिलाड़ी जश्न मनाने लगे, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) ने पूरे मूव की समीक्षा की। रीप्ले में पाया गया कि गोल बनने से पहले बॉक्स के अंदर एरलिंग हालैंड द्वारा फाउल किया गया था। इसके चलते रेफरी ने गोल रद्द कर दिया और स्कोर 1-1 ही बना रहा। यह फैसला नॉर्वे के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।

इसके बाद मुकाबला और भी रोमांचक हो गया। दोनों टीमों ने कई हमले किए, लेकिन किसी को भी निर्णायक सफलता नहीं मिली। इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने कई शानदार बचाव किए, वहीं नॉर्वे के डिफेंडरों ने भी इंग्लिश खिलाड़ियों को आसान मौके नहीं दिए। निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं, जिसके बाद मैच अतिरिक्त समय में पहुंच गया।

एक्स्ट्रा टाइम में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही दबाव बनाना शुरू कर दिया। अतिरिक्त समय के पहले हाफ के तीसरे मिनट में जूड बेलिंगहैम ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई। उन्होंने बॉक्स के अंदर मिले मौके को शानदार तरीके से गोल में बदलते हुए इंग्लैंड को 2-1 की बढ़त दिला दी। यह गोल आखिर तक निर्णायक साबित हुआ क्योंकि नॉर्वे इसके बाद वापसी नहीं कर सका।

मैच के अंतिम मिनटों में नॉर्वे ने बराबरी के लिए पूरी ताकत लगा दी। टीम ने लगातार आक्रमण किए और कई बार इंग्लैंड के पेनाल्टी बॉक्स तक पहुंची, लेकिन मजबूत डिफेंस और पिकफोर्ड की शानदार गोलकीपिंग के सामने सभी प्रयास विफल रहे। आखिरकार अंतिम सीटी बजते ही इंग्लैंड के खिलाड़ी जीत का जश्न मनाने लगे और नॉर्वे का शानदार सफर क्वार्टर फाइनल पर समाप्त हो गया।

इस मुकाबले में जूड बेलिंगहैम का प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उन्होंने दो गोल कर न सिर्फ अपनी टीम को जीत दिलाई बल्कि इस विश्व कप में अपने कुल गोलों की संख्या भी छह तक पहुंचा दी। इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन भी टूर्नामेंट में छह गोल कर चुके हैं। यह पहली बार हुआ है जब इंग्लैंड के दो खिलाड़ियों ने एक ही विश्व कप संस्करण में पांच या उससे अधिक गोल किए हैं। दोनों खिलाड़ियों की शानदार फॉर्म इंग्लैंड की खिताबी उम्मीदों को और मजबूत बना रही है।

गोल्डन बूट की दौड़ भी काफी दिलचस्प हो गई है। बेलिंगहैम और हैरी केन के छह-छह गोल हैं, जबकि फ्रांस के किलियन एमबाप्पे और अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी आठ-आठ गोल के साथ उनसे आगे हैं। सेमीफाइनल मुकाबलों में इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने भी इस मैच में एक नया इतिहास रच दिया। उन्होंने विश्व कप में इंग्लैंड के लिए अपना 18वां मुकाबला खेला और पूर्व दिग्गज गोलकीपर पीटर शिल्टन का 17 मैचों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। अब पिकफोर्ड इंग्लैंड की ओर से विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले गोलकीपर बन गए हैं। उनके अनुभव और शानदार प्रदर्शन ने टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई है।

दूसरी ओर, एरलिंग हालैंड के लिए यह मुकाबला निराशाजनक साबित हुआ। पूरे टूर्नामेंट में लगातार गोल करने वाले हालैंड इस बार इंग्लैंड के डिफेंस को नहीं भेद सके। इतना ही नहीं, दूसरे हाफ में उनके फाउल की वजह से नॉर्वे का एक गोल भी रद्द हो गया। अतिरिक्त समय के दूसरे भाग में उन्हें मैदान से बाहर बुला लिया गया। यह इस विश्व कप का पहला मुकाबला रहा जिसमें हालैंड गोल करने में नाकाम रहे।

नॉर्वे की टीम ने पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था। इससे पहले वह 1938 और 1998 में राउंड ऑफ-16 तक पहुंची थी, जबकि 1994 में ग्रुप चरण से ही बाहर हो गई थी। इस बार टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, लेकिन सेमीफाइनल में जगह बनाने का सपना अधूरा रह गया।

इंग्लैंड के लिए यह उपलब्धि बेहद खास है। टीम चौथी बार विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंची है। इससे पहले इंग्लैंड ने 1966, 1990 और 2018 में अंतिम चार में जगह बनाई थी। 1966 में टीम ने पश्चिम जर्मनी को हराकर अपना पहला और अब तक का इकलौता विश्व कप खिताब जीता था। अब एक बार फिर इंग्लिश टीम के पास इतिहास दोहराने का शानदार अवसर है।

सेमीफाइनल में इंग्लैंड की टक्कर अर्जेंटीना जैसी मजबूत टीम से होगी। दोनों टीमों के पास विश्व स्तरीय खिलाड़ी मौजूद हैं और मुकाबले को टूर्नामेंट के सबसे बड़े मैचों में से एक माना जा रहा है। बेलिंगहैम, हैरी केन, लियोनेल मेसी और अन्य स्टार खिलाड़ियों के बीच होने वाली यह भिड़ंत दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए बेहद रोमांचक रहने वाली है। इंग्लैंड की नजर अब फाइनल में जगह बनाने पर होगी, जबकि अर्जेंटीना भी खिताब की दौड़ में मजबूती से आगे बढ़ना चाहेगा।