फुटबॉल विश्व कप में शुक्रवार का दिन कनाडा के लिए यादगार बन गया। घरेलू दर्शकों के सामने खेलने उतरी कनाडाई टीम ने कतर को एकतरफा मुकाबले में 6-0 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में कनाडा ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और विपक्षी टीम को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। मैच के सबसे बड़े नायक स्टार स्ट्राइकर जोनाथन डेविड रहे, जिन्होंने शानदार हैट्रिक लगाकर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए।
दूसरी ओर, दिन के अंतिम मुकाबले में मैक्सिको ने दक्षिण कोरिया को 1-0 से हराया और नॉकआउट चरण में जगह बनाने वाली प्रतियोगिता की पहली टीम बन गई। हालांकि दिन की सबसे बड़ी चर्चा कनाडा की ऐतिहासिक जीत और डेविड की यादगार हैट्रिक ही रही।
डेविड ने दिखाया क्लास, हैट्रिक के साथ बने स्टार
कनाडा के 26 वर्षीय फॉरवर्ड जोनाथन डेविड ने पूरे मैच में शानदार लय दिखाई। उन्होंने तीन गोल दागकर कतर की रक्षा पंक्ति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उनका तीसरा गोल मुकाबले के इंजरी टाइम में आया, जब नाथन सालिबा के पास को उन्होंने बेहतरीन तरीके से नियंत्रित किया और फिर सटीक शॉट लगाकर गेंद को जाल में पहुंचा दिया।
इस गोल के साथ डेविड ने विश्व कप में अपना पहला हैट्रिक कारनामा पूरा किया। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। पूरे मुकाबले में उनकी गति, तकनीक और फिनिशिंग ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
विश्व कप में पहली बार किसी कनाडाई खिलाड़ी की हैट्रिक
डेविड की यह उपलब्धि कई मायनों में ऐतिहासिक रही। वह विश्व कप के इतिहास में हैट्रिक लगाने वाले कनाडा के पहले खिलाड़ी बन गए। इसके साथ ही मौजूदा विश्व कप में यह दूसरी हैट्रिक रही। इससे पहले अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनेल मेसी तीन गोल करने का कारनामा कर चुके थे।
एक और खास बात यह रही कि डेविड अपने देश की धरती पर विश्व कप में हैट्रिक लगाने वाले केवल दूसरे खिलाड़ी बने। उनसे पहले यह उपलब्धि इंग्लैंड के ज्योफ हर्स्ट ने 1966 विश्व कप के दौरान हासिल की थी। इस रिकॉर्ड ने डेविड की उपलब्धि को और अधिक खास बना दिया।
शुरुआती मिनटों से ही कनाडा का दबदबा
मुकाबले की शुरुआत होते ही कनाडा ने आक्रमण का रुख अपनाया। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार कतर के गोल पर हमले किए। इस दबाव का परिणाम 16वें मिनट में देखने को मिला, जब स्ट्राइकर साइल लारिन ने शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिला दी।
पहला गोल होने के बाद कनाडा का आत्मविश्वास और बढ़ गया। कतर की टीम रक्षात्मक नजर आई और कनाडाई खिलाड़ी लगातार मौके बनाते रहे। 29वें मिनट में जोनाथन डेविड ने अपना पहला गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। इसके बाद पहले हाफ के अतिरिक्त समय में उन्होंने एक और गोल किया और कनाडा को 3-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।
कतर के लिए मुश्किलें बढ़ाती गईं रेड कार्ड की घटनाएं
कतर की टीम पहले ही कनाडा के तेज हमलों से परेशान थी, लेकिन दो रेड कार्ड ने उसकी स्थिति और खराब कर दी। 33वें मिनट में ताजोन बुकेनन पर किए गए फाउल के कारण होमन अहमद को सीधे रेड कार्ड दिखाया गया। इस फैसले के बाद कतर को लगभग पूरे मैच का बड़ा हिस्सा 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।
हालांकि मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। दूसरे हाफ में 51वें मिनट पर अस्सिम मादीबो ने इस्माइल कोन पर खतरनाक टैकल किया। रेफरी ने बिना देर किए उन्हें भी रेड कार्ड दिखा दिया। इस तरह कतर केवल नौ खिलाड़ियों के साथ मैदान पर रह गई।
दो खिलाड़ियों के बाहर होने के बाद कनाडा ने मैच पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया। कतर के लिए रक्षा करना लगभग असंभव हो गया और टीम लगातार दबाव में नजर आई।
नौ खिलाड़ियों के साथ जूझता रहा कतर
मादीबो के मैदान छोड़ने के बाद कतर को लगभग 49 मिनट तक केवल नौ खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। इस स्थिति में टीम के लिए गेंद पर नियंत्रण बनाए रखना और विपक्षी हमलों को रोकना बेहद कठिन हो गया।
कनाडा ने इस मौके का भरपूर फायदा उठाया। टीम ने चौतरफा आक्रमण जारी रखा और लगातार गोल के अवसर बनाए। कतर के खिलाड़ी थके हुए और असहाय दिखाई दिए, जबकि कनाडाई खिलाड़ी पूरे जोश के साथ आगे बढ़ते रहे।
दूसरे हाफ में भी जारी रहा गोलों का सिलसिला
पहले हाफ में तीन गोल करने के बाद भी कनाडा संतुष्ट नहीं दिखी। दूसरे हाफ में भी टीम ने आक्रामक रवैया बनाए रखा। 64वें मिनट में नाथन सालिबा ने फ्री-किक पर शानदार गोल कर स्कोर 4-0 कर दिया। उनका यह प्रयास दर्शकों के लिए मैच के सबसे खूबसूरत क्षणों में से एक रहा।
इसके बाद 75वें मिनट में कतर की परेशानी और बढ़ गई, जब मोहम्मद मनाई ने गेंद को बचाने के प्रयास में अपने ही गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस आत्मघाती गोल ने कनाडा की बढ़त 5-0 कर दी।
मैच समाप्ति की ओर बढ़ रहा था, लेकिन कनाडा का हमला थमने का नाम नहीं ले रहा था। इंजरी टाइम में जोनाथन डेविड ने एक और शानदार गोल दागकर अपनी हैट्रिक पूरी की और स्कोर 6-0 तक पहुंचा दिया। इसी के साथ कनाडा ने विश्व कप इतिहास की सबसे यादगार जीतों में से एक अपने नाम कर ली।
घरेलू दर्शकों ने मनाया जश्न
बीसी प्लेस स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने मैच के दौरान लगातार अपनी टीम का उत्साह बढ़ाया। हर गोल के साथ स्टेडियम का माहौल और अधिक उत्साहपूर्ण होता गया। अंतिम सीटी बजते ही पूरे मैदान में जश्न का माहौल बन गया।
कनाडाई समर्थकों के लिए यह जीत केवल तीन अंक हासिल करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह उस टीम की पहचान का प्रतीक भी बनी जिसने विश्व फुटबॉल में अपनी मौजूदगी का दमदार संदेश दिया।
साइल लारिन ने टीम की भावना को सराहा
मुकाबले के बाद कनाडा के अनुभवी स्ट्राइकर साइल लारिन ने टीम के प्रदर्शन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने दुनिया को दिखा दिया है कि कनाडा किस क्षमता के साथ मैदान में उतरता है।
लारिन के अनुसार टीम के कई खिलाड़ी साधारण पृष्ठभूमि से आए हैं, लेकिन उन्होंने मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास के दम पर इस स्तर तक पहुंचने का सफर तय किया है। उन्होंने कहा कि कनाडा ने साबित कर दिया है कि वह विश्व मंच पर बड़ी टीमों को चुनौती देने की क्षमता रखता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह जीत केवल शुरुआत है और टीम आगे भी इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखना चाहती है। साथ ही उन्होंने इस्माइल कोन की चोट पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पूरी टीम उनके बारे में सोच रही है और आगे के मुकाबलों में भी उनके लिए खेलेगी।
मैक्सिको ने भी बनाई अंतिम-32 में जगह
दिन के दूसरे महत्वपूर्ण मुकाबले में मैक्सिको ने दक्षिण कोरिया को 1-0 से हराया। इस जीत के साथ मैक्सिको ने अगले दौर यानी राउंड ऑफ 32 में प्रवेश सुनिश्चित कर लिया। वह नॉकआउट चरण में पहुंचने वाली प्रतियोगिता की पहली टीम बनी।
हालांकि मैक्सिको की उपलब्धि महत्वपूर्ण रही, लेकिन फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें कनाडा और कतर के मुकाबले पर टिकी रहीं, जहां जोनाथन डेविड की हैट्रिक और कनाडा की 6-0 की ऐतिहासिक जीत ने पूरे दिन की सुर्खियां बटोर लीं। कनाडा ने न केवल विश्व कप में अपनी पहली जीत हासिल की, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि वह आने वाले मुकाबलों में किसी भी टीम के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।




