प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की Trinidad और Tobago यात्रा: भारत-त्रिनिदाद रिश्तों को नई दिशा, 6 समझौते और प्रवासी भारतीयों के लिए बड़ा फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा भारत और कैरेबियाई देश के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक संबंधों को नई मजबूती देने वाली रही। शुक्रवार को राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन में प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर से मुलाकात की। यह उच्च स्तरीय बैठक ऐतिहासिक रेड हाउस में आयोजित हुई, जहां दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग, वैश्विक चुनौतियों और भविष्य की साझेदारी को लेकर विस्तार से चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है, जब भारत दुनिया के विभिन्न देशों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ भारत के रिश्ते केवल राजनीतिक और आर्थिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और लोगों के बीच गहरे संबंध भी मौजूद हैं। वहां रहने वाला भारतीय मूल का समुदाय दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करता है।

पीएम मोदी और कमला प्रसाद-बिसेसर की अहम बैठक

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कमला प्रसाद-बिसेसर को दोबारा प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। उन्होंने त्रिनिदाद और टोबैगो सरकार की ओर से किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए भी धन्यवाद व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री की यात्रा दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा और मजबूती लेकर आएगी। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो को अपने सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करते हुए साझेदारी को आगे बढ़ाना चाहिए।

चर्चा के दौरान दोनों देशों ने कई ऐसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई, जिनका सीधा संबंध आम नागरिकों के जीवन से है।

इन क्षेत्रों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • कृषि क्षेत्र में सहयोग
  • स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
  • फार्मास्युटिकल्स और दवा निर्माण क्षेत्र
  • डिजिटल तकनीक और डिजिटल भुगतान व्यवस्था
  • संस्कृति और खेलों के क्षेत्र में साझेदारी
  • कौशल विकास और क्षमता निर्माण कार्यक्रम

Digital India और UPI मॉडल पर सहयोग

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान भारत के डिजिटल परिवर्तन की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और UPI (Unified Payments Interface) मॉडल दुनिया के कई देशों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

भारत ने पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है। UPI प्रणाली ने देश में छोटे व्यापारियों, आम लोगों और संस्थानों के लिए भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल तकनीक को साझा करने से त्रिनिदाद और टोबैगो समेत अन्य विकासशील देशों को भी लाभ मिल सकता है। दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान और तकनीकी सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

स्वास्थ्य और फार्मास्युटिकल क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग

भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी महत्वपूर्ण बातचीत हुई। भारत दुनिया के प्रमुख दवा उत्पादक देशों में शामिल है और कम लागत वाली गुणवत्तापूर्ण दवाओं के लिए जाना जाता है।

बैठक में फार्मास्युटिकल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई। इसमें दवाओं की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और चिकित्सा क्षेत्र में अनुभव साझा करने जैसे विषय शामिल रहे।

दोनों देशों ने स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और इस क्षेत्र में तकनीकी सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया।

वैश्विक मुद्दों पर साथ काम करने की प्रतिबद्धता

प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर की बातचीत केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रही। दोनों नेताओं ने जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और साइबर सुरक्षा जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी सहयोग बढ़ाने की बात कही।

जलवायु परिवर्तन छोटे द्वीपीय और विकासशील देशों के लिए एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो ने इस क्षेत्र में अनुभव और समाधान साझा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इसके अलावा, साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक विषयों पर भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत के समर्थन में खड़े होने के लिए त्रिनिदाद और टोबैगो की सरकार और प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर का आभार व्यक्त किया।

दोनों नेताओं ने आतंकवाद को एक गंभीर वैश्विक चुनौती बताते हुए इसके खिलाफ मिलकर काम करने की आवश्यकता पर सहमति जताई। भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ मजबूत सहयोग की मांग करता रहा है।

बैठक के दौरान Global South यानी विकासशील देशों के बीच सहयोग और एकजुटता बढ़ाने के मुद्दे पर भी बातचीत हुई।

भारत और त्रिनिदाद के बीच 6 महत्वपूर्ण समझौते

प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर की बैठक के बाद दोनों देशों के बीच 6 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को संस्थागत रूप देना है।

इन समझौतों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:

1. फार्माकोपिया सहयोग समझौता

इस समझौते के तहत दवाओं के मानकों और गुणवत्ता से जुड़े क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

2. Quick Impact Projects (QIP)

दोनों देशों ने ऐसी विकास परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर सहमति जताई, जिनका स्थानीय समुदायों पर जल्दी और सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे।

3. सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम

भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों और गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

4. खेल क्षेत्र में सहयोग

दोनों देशों ने खेलों के क्षेत्र में अनुभव साझा करने और सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

5. राजनयिक प्रशिक्षण सहयोग

कूटनीतिक प्रशिक्षण और अनुभव साझा करने के लिए दोनों देशों के संबंधित संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा।

6. ICCR हिंदी और भारतीय अध्ययन चेयर की स्थापना

भारतीय संस्कृति, भाषा और अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की ओर से हिंदी और भारतीय अध्ययन से जुड़ी चेयर स्थापित करने का फैसला लिया गया।

प्रवासी भारतीयों के लिए OCI कार्ड को लेकर बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान त्रिनिदाद और टोबैगो में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई।

भारत सरकार ने वहां रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की छठी पीढ़ी तक को OCI (Overseas Citizen of India) कार्ड की पात्रता देने का फैसला किया।

यह कदम भारतीय मूल के लोगों के साथ भारत के ऐतिहासिक और भावनात्मक संबंधों को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है। त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय समुदाय की मौजूदगी कई पीढ़ियों पुरानी है और वहां की संस्कृति, समाज और अर्थव्यवस्था में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

OCI कार्ड भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को भारत से जुड़े रहने के कई अवसर प्रदान करता है और यह प्रवासी भारतीय समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा मानी जाती है।

भारत आने का मिला निमंत्रण

बैठक के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर को भारत आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने इस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया।

दोनों नेताओं ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के बीच सहयोग के नए अवसर विकसित होंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

भारत-त्रिनिदाद संबंधों का ऐतिहासिक महत्व

भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के संबंधों की नींव ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव पर आधारित है। वहां बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जिनकी जड़ें भारत से जुड़ी हुई हैं।

दोनों देशों के बीच वर्षों से शिक्षा, संस्कृति, व्यापार और कूटनीतिक स्तर पर सहयोग जारी है। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान हुए समझौते इस साझेदारी को नए क्षेत्रों तक विस्तार देने का प्रयास हैं।

इस यात्रा में डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, संस्कृति, कौशल विकास और प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी गई। इससे दोनों देशों के बीच सहयोग के कई नए रास्ते खुलने की संभावना बनी है।

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