सर्व पितृ अमावस्या पर आज पितरों की विदाई, शनिवार को शनिदेव की पूजा का भी संयोग; जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल

10 अक्टूबर 2026, शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखने वाला है। आज सर्वपितृ अमावस्या के साथ महालया श्राद्ध, शनिवार व्रत और शनिदेव की पूजा का संयोग बन रहा है। पितृ पक्ष के अंतिम दिन मनाई जाने वाली सर्व पितृ अमावस्या पर पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन लोगों को अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि की जानकारी नहीं होती, वे भी इस दिन उनका श्राद्ध और तर्पण कर सकते हैं। इसी वजह से इसे पितरों के निमित्त किए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण दिनों में गिना…

7 अक्टूबर का पंचांग: इंदिरा एकादशी पारण से द्वादशी श्राद्ध तक, जानें राहुकाल, शुभ मुहूर्त और बुधवार पूजा का समय

आज 7 अक्टूबर 2026, बुधवार को धार्मिक दृष्टि से कई महत्वपूर्ण अवसर एक साथ रहेंगे। आज इंदिरा एकादशी व्रत रखने वाले श्रद्धालु पारण करेंगे, जबकि पितरों के निमित्त द्वादशी श्राद्ध और तर्पण किया जाएगा। बुधवार होने के कारण गणेश जी की पूजा और बुध ग्रह से जुड़े उपायों का भी विशेष महत्व रहेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी, जो देर रात 11:16 बजे तक चलेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी। दिनभर मघा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा और रात 9:40 बजे के बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र लग जाएगा। आज चंद्रमा सिंह…

3 अक्टूबर, शनिवार का दिन क्यों है खास? जितिया, कालाष्टमी और अष्टमी श्राद्ध का आज बना संयोग, देखें पूरा पंचांग

आज 3 अक्टूबर 2026, शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। आज एक साथ कई महत्वपूर्ण व्रत और धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि के साथ दिन की शुरुआत होगी और सुबह 07:59 बजे के बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज जितिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत भी रखा जा रहा है। संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना से माताएं इस दिन निर्जला उपवास करती हैं। इसके अलावा आज मासिक कालाष्टमी, अष्टमी श्राद्ध और शनिवार व्रत भी हैं। कालाष्टमी पर काल भैरव की पूजा की जाती है,…

सोमवार व्रत और पितृपक्ष का दूसरा दिन आज, शिव पूजा के साथ करें पितरों का तर्पण; जानें 28 सितंबर का पूरा पंचांग

28 सितंबर 2026 को सोमवार के साथ पितृपक्ष के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि का श्राद्धकर्म किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष में दिवंगत पूर्वजों का स्मरण, तर्पण, पिंडदान और दान करने का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है, इसलिए आज शिव आराधना और पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का विशेष संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार आज द्वितीया तिथि शाम 07:13 बजे तक रहेगी और इसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। रेवती नक्षत्र सुबह 10:16 बजे तक रहेगा, जिसके बाद अश्विनी नक्षत्र का आरंभ होगा। आज…