जियो की लिस्टिंग से रिलायंस को नई ऊंचाई, आकाश अंबानी ने खोला अगले 10 साल का रोडमैप; AI से स्पेस टेक तक होगा बड़ा निवेश

जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में एंट्री को रिलायंस समूह के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। कंपनी की लिस्टिंग ने न केवल निवेशकों का ध्यान खींचा, बल्कि समूह की भविष्य की रणनीति को लेकर भी नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने इस मौके पर स्पष्ट किया कि कंपनी की नजर अब केवल दूरसंचार सेवाओं तक सीमित नहीं है। आने वाले दशक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, कनेक्टेड डिवाइस और अंतरिक्ष आधारित कनेक्टिविटी जैसी उभरती तकनीकों को देश के आम नागरिकों तक पहुंचाना कंपनी की प्राथमिकताओं में शामिल होगा।…

अमेरिका में बनेगी ‘AI फोर्स’, ट्रम्प करेंगे नए AI सलाहकार की नियुक्ति: बोले- टेक्नोलॉजी की रफ्तार नहीं रोकेंगे, लेकिन गलत इस्तेमाल पर होगी नजर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर एक नई पहल का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका में जल्द ही एक अलग ‘AI Force’ बनाई जाएगी और इसके साथ एक नया AI Czar यानी AI मामलों का विशेष सलाहकार भी नियुक्त किया जाएगा। ट्रम्प ने यह घोषणा 19 सितंबर 2026 को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर की। हालांकि, उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि प्रस्तावित AI फोर्स किस विभाग के तहत काम करेगी, इसमें कितने लोग होंगे, इसका बजट कितना होगा या इसकी जिम्मेदारियां किस तरह तय की जाएंगी। ट्रम्प के मुताबिक,…

AI से बन रही 80s वाली तस्वीरों की छिपी कीमत: एक फोटो के पीछे कितनी बिजली, पानी और कंप्यूटिंग लगती है?

सोशल मीडिया पर इन दिनों 80 के दशक की याद दिलाने वाली तस्वीरों का ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। लोग अपनी मौजूदा तस्वीरें एआई टूल्स में अपलोड करके उन्हें पुराने दौर के अंदाज में बदलवा रहे हैं। किसी तस्वीर में रेट्रो हेयरस्टाइल दिखाई दे रहा है तो किसी में विंटेज कपड़े, पुराने जमाने का स्टूडियो बैकग्राउंड और 80s जैसा कैमरा इफेक्ट नजर आ रहा है। खास बात यह है कि ऐसी तस्वीर तैयार करने के लिए यूजर को किसी फोटो स्टूडियो जाने या एडिटिंग सीखने की जरूरत नहीं पड़ रही। बस तस्वीर अपलोड करनी है, अपनी पसंद बतानी…

अमेरिका AI पर क्यों लगा रहा है दीवारें, और भारत के लिए इसका क्या मतलब है?

दुनिया में तकनीक की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धा अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर है। पहले देशों के बीच मुकाबला तेल, गैस, खनिज और सैन्य ताकत को लेकर होता था, लेकिन अब AI मॉडल, डेटा और रोबोटिक्स भविष्य की नई शक्ति बनकर उभर रहे हैं। इसी बीच अमेरिका से आई एक घटना ने भारत समेत कई देशों के सामने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, अमेरिका की प्रमुख AI कंपनी ऐंथ्रॉपिक ने ऐसे उन्नत AI मॉडल विकसित किए हैं, जिनकी क्षमताओं को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। बताया जा रहा है कि अमेरिकी प्रशासन के निर्देशों के…

नीस में भारत-फ्रांस की साझेदारी को नई गति: मोदी-मैक्रों की मुलाकात में रक्षा, व्यापार और AI पर अहम फैसले

फ्रांस के नीस शहर में भारत और फ्रांस के रिश्तों को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता में रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), व्यापार, शिक्षा, अंतरिक्ष और आर्थिक सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने भविष्य की साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प जताया। बैठक के दौरान दोनों देशों ने कुल 13 महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनाई। इन समझौतों का उद्देश्य केवल मौजूदा सहयोग को बढ़ाना नहीं बल्कि आने वाले वर्षों में रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को…

चीन की ‘NEO’ ब्रेन चिप ने बढ़ाई दुनिया की धड़कनें: कॉमर्शियल मंजूरी पाने वाली पहली BCI तकनीक, न्यूरालिंक पर बढ़ा दबाव

ब्रेन और कंप्यूटर के बीच सीधे संवाद की कल्पना अब विज्ञान कथा नहीं रह गई है। इस क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए चीन ने अपनी अत्याधुनिक ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) चिप ‘NEO’ को व्यावसायिक उपयोग के लिए मंजूरी दे दी है। इस उपलब्धि के साथ चीन ने उस दौड़ में बढ़त बना ली है जिसमें अब तक इलॉन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक को सबसे आगे माना जा रहा था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मंजूरी केवल एक मेडिकल उपकरण की सफलता नहीं है, बल्कि मानव और मशीन के संबंधों को बदलने वाली तकनीकी क्रांति की शुरुआत भी हो…

AI वीडियो से फिर चर्चा में ट्रम्प, भारत की सड़कों से लेकर चांद तक दिखाया गया सफर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक बार फिर सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक AI-जनरेटेड वीडियो को लेकर वैश्विक चर्चा का विषय बन गए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच यह वीडियो न केवल मनोरंजन और डिजिटल क्रिएटिविटी की वजह से सुर्खियों में है, बल्कि इसने राजनीतिक संचार, ऑनलाइन प्रचार और डिजिटल विश्वसनीयता को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है। ट्रम्प द्वारा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा किए गए इस वीडियो में उन्हें कई अलग-अलग और कल्पनाशील रूपों में दिखाया गया है। वीडियो में वे कभी भारत की व्यस्त सड़कों…

भारत-अमेरिका की नई टेक डील: AI और चिप्स में साथ बढ़ेंगे कदम, टैरिफ नहीं अब टेक्नोलॉजी पर फोकस

भारत-अमेरिका की नई तकनीकी साझेदारी: AI और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की तैयारी भारत और अमेरिका के बीच संबंध अब केवल व्यापार, निवेश और टैरिफ जैसे पारंपरिक मुद्दों तक सीमित नहीं रह गए हैं। दोनों देश अब भविष्य की उन अत्याधुनिक तकनीकों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो आने वाले दशकों में वैश्विक अर्थव्यवस्था और रणनीतिक शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं। दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग को मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर बातचीत चल रही है।…

OpenAI की शेयर बाजार में एंट्री की तैयारी, ChatGPT बनाने वाली कंपनी ला सकती है बड़ा IPO

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तकनीक ने पिछले कुछ वर्षों में पूरी दुनिया के टेक्नोलॉजी सेक्टर को तेजी से बदल दिया है। इस बदलाव के केंद्र में जिन कंपनियों का नाम सबसे अधिक चर्चा में रहा है, उनमें OpenAI भी प्रमुख है। ChatGPT की वैश्विक लोकप्रियता ने OpenAI को आम लोगों से लेकर बड़े कारोबारों और तकनीकी विशेषज्ञों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब OpenAI को लेकर एक और बड़ा कारोबारी घटनाक्रम चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ChatGPT बनाने वाली कंपनी भविष्य में Initial Public Offering यानी IPO के जरिए शेयर बाजार में प्रवेश करने की दिशा…

AI पर बढ़ती निर्भरता बच्चों की सोचने की क्षमता पर डाल सकती है असर, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

बच्चों की पढ़ाई में AI का बढ़ता इस्तेमाल, विशेषज्ञों ने दी संतुलित उपयोग की सलाह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आज के डिजिटल युग में तेजी से लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है। कुछ साल पहले तक जो तकनीक केवल बड़े शोध संस्थानों और कंपनियों तक सीमित थी, वह अब स्मार्टफोन और इंटरनेट के माध्यम से आम लोगों तक पहुंच चुकी है। खासतौर पर छात्र पढ़ाई, प्रोजेक्ट, असाइनमेंट और होमवर्क पूरा करने के लिए AI आधारित टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। AI ने शिक्षा के क्षेत्र में कई सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। छात्र किसी विषय को समझने,…

रिश्तों में AI की एंट्री! अब चैटबॉट्स बन रहे शादी और प्यार के फैसलों का हिस्सा

तकनीक ने इंसानी जीवन को जिस तरह बदला है, उसका प्रभाव अब केवल काम, पढ़ाई, मनोरंजन या संचार तक सीमित नहीं रह गया है। स्मार्टफोन और इंटरनेट के बाद अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI चैटबॉट भी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनते जा रहे हैं। लोग इनका इस्तेमाल जानकारी हासिल करने, लिखने-पढ़ने, योजना बनाने और समस्याओं का समाधान खोजने के साथ-साथ अपनी निजी भावनाओं को समझने के लिए भी कर रहे हैं। रिश्तों से जुड़ी परेशानियों में भी AI की भूमिका धीरे-धीरे बढ़ती दिखाई दे रही है। कुछ लोग पार्टनर के साथ विवाद होने के बाद चैटबॉट से…

AI निवेश के बीच Meta और Microsoft में बड़ी छंटनी, हजारों नौकरियों पर मंडराया खतरा

टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक बार फिर बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और नई तकनीकों में भारी निवेश कर रही हैं। हालांकि, इन बड़े निवेशों के साथ कंपनियां अपने खर्चों को नियंत्रित करने के लिए कई स्तरों पर बदलाव भी कर रही हैं, जिसका असर कर्मचारियों पर पड़ रहा है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Meta और Microsoft जैसी बड़ी टेक कंपनियां अपने कर्मचारियों की संख्या में कटौती करने की योजना बना रही हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों कंपनियों के फैसलों से लगभग 23,000 नौकरियां प्रभावित हो…

क्या इस्तेमाल के हिसाब से चुकाना होगा AI का बिल? कंपनियां बदल रहीं हैं पूरा गेम

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री तेजी से एक ऐसे दौर की ओर बढ़ रही है, जहां कंपनियों को AI टूल्स का इस्तेमाल करने के लिए पारंपरिक सब्सक्रिप्शन मॉडल के बजाय उपयोग आधारित भुगतान करना पड़ सकता है। यानी जितना अधिक AI का इस्तेमाल होगा, उतना ही अधिक खर्च बढ़ सकता है। यह मॉडल कुछ हद तक बिजली या इंटरनेट डेटा प्लान की तरह काम करेगा, जहां भुगतान वास्तविक खपत के आधार पर किया जाता है। AI के भविष्य को लेकर कई विशेषज्ञ पहले ही संकेत दे चुके हैं कि आने वाले समय में कंपनियां केवल फिक्स्ड सब्सक्रिप्शन फीस पर निर्भर नहीं…

OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन बोले – “2026 तक AI इंसानों के साथ काम करने वाले Virtual साथी बन जाएंगे”

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया तेजी से बदल रही है और इसके भविष्य को लेकर लगातार नई चर्चाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच OpenAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सैम ऑल्टमैन ने Snowflake Summit 2025 के दौरान AI के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में AI केवल सवालों के जवाब देने वाला टूल नहीं रहेगा, बल्कि वह इंसानों के साथ मिलकर काम करने वाला एक Virtual Teammate या AI Co-worker बन जाएगा। ऑल्टमैन के अनुसार वर्ष 2026 तक AI सिस्टम इतने सक्षम हो सकते हैं कि वे नई जानकारी खोजने,…