बढ़ता तापमान बना खतरे की घंटी, क्या इंसानों के लिए रहने लायक नहीं रहेगी धरती?
जलवायु परिवर्तन का बढ़ता संकट: रिकॉर्ड गर्मी, पिघलते ग्लेशियर और घटते जल संसाधन क्यों बढ़ा रहे हैं दुनिया की चिंता? दुनिया के कई देशों में लगातार रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, अनियमित बारिश, लंबे सूखे, अचानक आने वाली बाढ़ और चरम मौसम की घटनाएं अब सामान्य मौसम बदलाव का हिस्सा नहीं मानी जा रहीं। जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि पृथ्वी के बढ़ते औसत तापमान ने प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) पर व्यापक प्रभाव डालना शुरू कर दिया है। इसका असर केवल मौसम तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संसाधनों, कृषि, जैव विविधता, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और मानव जीवन के लगभग हर क्षेत्र पर…
