‘मैंने तेरे ही भरोसे’ ने बदली सुनील लोधी की जिंदगी, गांव के भजनों से ‘हनुमान अंश’ तक पहुंची दिव्यांग लोकगायक की आवाज
किसी छोटे से गांव में बैठकर तंबूरा बजाते हुए भजन गाने वाला एक युवा सिंगर अगर अचानक मुंबई के रिकॉर्डिंग स्टूडियो तक पहुंच जाए तो यह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगता। मध्य प्रदेश के 25 वर्षीय सुनील लोधी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। दृष्टिबाधित होने के बावजूद उन्होंने संगीत को अपनी पहचान बनाया और वर्षों तक गांव-समाज के बीच भजन और बुंदेली लोकगीत गाते रहे। उन्हें शायद खुद भी अंदाजा नहीं था कि एक दिन उनकी वही सहज और मिट्टी से जुड़ी आवाज बड़े पर्दे की फिल्म का हिस्सा बन जाएगी। सुनील लोधी आज फिल्म ‘हनुमान…
