फिट और युवा महिलाओं के दिल में छिपा हो सकता है यह खतरा, बिना कोलेस्ट्रॉल के भी आ सकता है हार्ट अटैक

29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे के मौके पर दिल की सेहत को लेकर चर्चा होती है तो आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और धूम्रपान जैसे जोखिमों पर ध्यान दिया जाता है। लेकिन हार्ट अटैक से जुड़ी हर कहानी इन सामान्य कारणों से नहीं जुड़ी होती। कुछ मामलों में ऐसी महिलाएं भी अचानक गंभीर स्थिति में पहुंच सकती हैं, जो उम्र में कम हों, नियमित रूप से एक्टिव रहती हों और जिनमें हार्ट डिजीज के पारंपरिक जोखिम दिखाई ही न देते हों। ऐसी ही एक कम पहचानी जाने वाली स्थिति है स्पॉन्टेनियस कोरोनरी आर्टरी डिसेक्शन…

जिम के दौरान अचानक मौत का खतरा पूरी तरह अचानक नहीं, ICMR की स्टडी में सामने आए ये बड़े जोखिम

जिम में एक्सरसाइज करते समय, डांस करते हुए या सामान्य दिनचर्या के बीच किसी युवा की अचानक मौत की खबर अक्सर लोगों को हैरान कर देती है। देखने में स्वस्थ और कम उम्र के व्यक्ति के साथ ऐसी घटना होने पर सवाल उठता है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान से जुड़े शोधकर्ताओं के एक अध्ययन ने इस दिशा में महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। शोध में सामने आया है कि कम उम्र में हार्ट अटैक या शरीर में खून का थक्का बनने के पीछे कई ऐसे जोखिम कारक हो सकते…

जिम में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी: अचानक तेज वर्कआउट से बढ़ सकता है दिल पर दबाव, जानें किन बातों का रखें ध्यान

आज के समय में फिट रहने के लिए बड़ी संख्या में लोग जिम, रनिंग, साइकिलिंग और अलग-अलग तरह की एक्सरसाइज का सहारा लेते हैं। नियमित शारीरिक गतिविधि को सामान्य तौर पर सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन एक्सरसाइज करने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है। खासकर ऐसे लोगों के लिए सावधानी जरूरी है जो लंबे समय से शारीरिक गतिविधि से दूर रहे हैं और अचानक कठिन या हाई इंटेंसिटी वर्कआउट शुरू कर देते हैं। कई बार लोग जल्दी वजन घटाने, मसल्स बनाने या फिटनेस हासिल करने के चक्कर में अपनी मौजूदा क्षमता से कहीं अधिक मेहनत करने…

कोलेस्ट्रॉल सही फिर भी दिल पर मंडरा सकता है खतरा! ये जांचें खोल सकती हैं छिपी हार्ट डिजीज की पोल

अक्सर लोग अपनी लिपिड प्रोफाइल रिपोर्ट देखकर निश्चिंत हो जाते हैं। अगर टोटल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल तय सीमा के भीतर है, तो माना जाता है कि दिल की सेहत भी ठीक होगी। लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक तस्वीर इतनी आसान नहीं है। किसी व्यक्ति की कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट सामान्य होने के बावजूद उसकी कोरोनरी आर्टरीज में प्लाक, सूजन या अन्य तरह की समस्या विकसित हो सकती है और भविष्य में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। हार्ट अटैक को केवल कोलेस्ट्रॉल से जोड़कर देखना सही नहीं है। शरीर में बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, धूम्रपान, मोटापा, खराब…