निर्जला एकादशी 2026: गुरुवार, स्वाति नक्षत्र और लक्ष्मी नारायण योग से बढ़ेगा व्रत का महत्व

निर्जला एकादशी 2026: महत्व, तिथि और शुभ संयोग का धार्मिक महत्व सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष स्थान माना गया है और इसे भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र दिन के रूप में देखा जाता है। प्रत्येक मास के शुक्ल और कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी का अपना अलग महत्व होता है, लेकिन इनमें से निर्जला एकादशी को सबसे कठिन और सबसे अधिक फलदायी व्रतों में गिना जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में आता है और इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें जल ग्रहण किए बिना उपवास रखा जाता है,…

8 साल बाद बना दुर्लभ पूर्णिमा योग, आज के दिन दान-पुण्य से खुल सकते हैं समृद्धि के द्वार

ज्येष्ठ अधिक मास पूर्णिमा 2026: 8 साल बाद बना विशेष संयोग, ब्लू मून और माइक्रोमून के साथ धार्मिक आस्था का दुर्लभ संगम हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व माना जाता है। प्रत्येक पूर्णिमा किसी न किसी देवी-देवता की आराधना, दान-पुण्य, स्नान और व्रत से जुड़ी होती है। वर्ष 2026 की ज्येष्ठ अधिक मास पूर्णिमा कई कारणों से विशेष मानी जा रही है। इस बार न केवल अधिकमास का दुर्लभ संयोग बना है, बल्कि खगोलीय दृष्टि से भी यह दिन बेहद खास है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पूर्णिमा पर स्नान, भगवान विष्णु और माता…

ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा 30-31 मई को, दो दिन रहेगा पुण्यकाल: विष्णु-चंद्र पूजा और दान का खास महत्व

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। प्रत्येक माह आने वाली पूर्णिमा भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, चंद्र देव और सत्यनारायण भगवान की आराधना के लिए शुभ मानी जाती है। वहीं जब पूर्णिमा अधिक मास में पड़ती है तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिक मास भगवान विष्णु को समर्पित होता है, इसलिए इस महीने में किए गए जप, तप, दान, व्रत और पूजा को विशेष फलदायी माना जाता है। इस वर्ष ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा दो दिनों तक रहने के कारण श्रद्धालुओं के मन में यह…

पद्मिनी एकादशी व्रत का पारण आज नहीं, जानिए 28 मई का शुभ समय और नियम

पद्मिनी एकादशी हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाली एकादशी तिथियों में से एक मानी जाती है। यह सामान्य एकादशी व्रतों से अलग है, क्योंकि इसका संबंध अधिकमास यानी पुरुषोत्तम मास से होता है। अधिकमास हर वर्ष नहीं आता और इसी कारण इस अवधि में पड़ने वाली पद्मिनी एकादशी भी नियमित रूप से प्रत्येक वर्ष नहीं आती। वैष्णव परंपरा में इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना, उपवास, मंत्र जाप, ध्यान, दान और सेवा को विशेष पुण्यदायी माना गया है। पद्मिनी एकादशी को कई क्षेत्रों में कमला एकादशी या पुरुषोत्तम एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। श्रद्धालु इस…

3 साल बाद आ रही पद्मिनी एकादशी: जानें व्रत की तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा का महत्व

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है। भगवान विष्णु की आराधना के लिए रखे जाने वाले इन व्रतों में अधिकमास में आने वाली पद्मिनी एकादशी को अत्यंत दुर्लभ और पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। पद्मिनी एकादशी हर वर्ष नहीं आती, बल्कि यह लगभग तीन वर्ष में एक बार अधिकमास के दौरान आती है। इसी वजह से वैष्णव परंपरा में इसका विशेष स्थान माना जाता है। मान्यता है कि अधिकमास में…

गंगा दशहरा 2026: अधिकमास में मिलेगा विशेष पुण्य, इन दानों से बढ़ेगी सुख-शांति और समृद्धि

गंगा दशहरा 2026: अधिकमास में पड़ने से बढ़ा पर्व का महत्व, जानें शुभ दान और धार्मिक मान्यताएं इस बार गंगा दशहरा का पर्व श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व लेकर आ रहा है। 25 मई 2026 को मनाया जाने वाला यह पावन पर्व अधिकमास के दौरान पड़ रहा है, जिसे सनातन धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिकमास में किए गए पूजा-पाठ, स्नान, दान और धार्मिक कार्यों का महत्व सामान्य समय की तुलना में अधिक माना जाता है। गंगा दशहरा के अवसर पर देशभर के गंगा घाटों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विशेष तैयारियां…

तीसरे बड़े मंगल पर अपनाएं ये खास उपाय, दूर होंगे संकट और मिलेगा बजरंगबली का आशीर्वाद

ज्येष्ठ माह का तीसरा बड़ा मंगल: हनुमान जी की पूजा, महत्व और विशेष उपाय हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। इस महीने पड़ने वाले मंगलवार को विशेष रूप से भगवान हनुमान की आराधना के लिए शुभ माना जाता है। ज्येष्ठ मास के मंगलवार को कई स्थानों पर बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है। इस दिन भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ बजरंगबली की पूजा करते हैं और अपने जीवन में सुख, शांति, समृद्धि तथा सफलता की कामना करते हैं। मान्यता है कि बड़ा मंगल भगवान हनुमान को समर्पित एक…

पुरुषोत्तम मास का आज से आरंभ: क्यों खास माना जाता है अधिकमास, जानिए नियम, पूजा और दान का महत्व

अधिकमास 2026 की शुरुआत, जानें पुरुषोत्तम मास का महत्व और इस दौरान किए जाने वाले शुभ कार्य हिंदू पंचांग के अनुसार आज से पवित्र अधिकमास की शुरुआत हो गई है। इस विशेष महीने का समापन 15 जून को होगा। इस बार अधिकमास का संयोग ज्येष्ठ महीने में बन रहा है, इसलिए इसे ज्येष्ठ अधिकमास कहा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय भगवान विष्णु की आराधना, आध्यात्मिक साधना, दान-पुण्य और आत्मचिंतन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हिंदू धर्म में अधिकमास को “पुरुषोत्तम मास” के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस महीने को…

वट सावित्री व्रत 2026: अभिजीत मुहूर्त में पूजा करना रहेगा बेहद शुभ, दोपहर 12:45 तक खास संयोग

ज्येष्ठ अमावस्या हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण तिथियों में से एक मानी जाती है। इस दिन स्नान, दान, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व बताया गया है। इसी तिथि पर विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए वट सावित्री व्रत रखती हैं। यह पर्व विशेष रूप से सावित्री और सत्यवान की पौराणिक कथा से जुड़ा हुआ है। धार्मिक मान्यता है कि सावित्री ने अपने तप, संकल्प और पतिव्रता धर्म के बल पर अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। इसी वजह से इस व्रत को दांपत्य जीवन की…

अपरा एकादशी के चमत्कारी उपाय: जीवन की रुकावटें होंगी दूर, सुख-समृद्धि का मिलेगा आशीर्वाद

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। वर्षभर में आने वाली सभी एकादशियों में से प्रत्येक का अपना अलग महत्व, व्रत कथा और पूजा विधान बताया गया है। ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है। कई धार्मिक परंपराओं में इसे अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है और इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अपरा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ मिलता है और…

नृसिंह जयंती 2026: 29 या 30 अप्रैल? जानिए सही तिथि, शुभ पूजा मुहूर्त, धार्मिक महत्व और पूजा विधि

सनातन धर्म में भगवान विष्णु के चौथे अवतार भगवान नृसिंह की जयंती अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। यह पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है और इसे धर्म की रक्षा, अधर्म के विनाश तथा भक्तों की सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। देशभर के मंदिरों और घरों में इस दिन भगवान नृसिंह की विशेष पूजा-अर्चना, व्रत, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी नृसिंह जयंती की सही तारीख को लेकर श्रद्धालुओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कई लोग 29…

मई 2026 में पूर्णिमा कब है? जानिए सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत नियम और वैशाख पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। प्रत्येक महीने आने वाली पूर्णिमा भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा के लिए शुभ मानी जाती है। वहीं मई 2026 की पूर्णिमा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वैशाख पूर्णिमा के रूप में मनाई जाएगी। इसी दिन बुद्ध पूर्णिमा का पावन पर्व भी मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण तीनों ही घटनाएं वैशाख पूर्णिमा के दिन हुई थीं। यही कारण है कि इस दिन का महत्व हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों में अत्यंत…

सीता नवमी 2026: मां जानकी की आराधना का शुभ दिन, जानें पूजा विधि, सामग्री और धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में कई ऐसे पर्व हैं जो केवल धार्मिक आस्था से ही नहीं बल्कि जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों से भी जुड़े हुए हैं। इन्हीं पावन पर्वों में से एक है सीता नवमी, जिसे जानकी जयंती के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन माता सीता के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में सीता नवमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां सीता की विधि-विधान से पूजा करने से घर में…

गंगा सप्तमी 2026: जानिए मां गंगा के अवतरण की पौराणिक कथा और इस दिन का महत्व

भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में नदियों को केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि जीवन और आस्था का प्रतीक माना गया है। इनमें मां गंगा का स्थान सबसे ऊंचा है। गंगा को हिंदू धर्म में मोक्षदायिनी, पवित्र और जीवन प्रदान करने वाली नदी के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि मां गंगा के जल का स्पर्श व्यक्ति के तन और मन को शुद्ध करता है। हर वर्ष वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी का पवित्र पर्व मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह शुभ तिथि 23 अप्रैल, गुरुवार को पड़ रही है।…

अक्षय तृतीया 2026: दुर्लभ संयोग से चमकेगी किस्मत, इन राशियों के लिए खुलेंगे धन के द्वार

अक्षय तृतीया हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे सुख-समृद्धि, सौभाग्य और शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए पूजा-पाठ, दान-पुण्य, जप-तप और शुभ कार्यों का प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। यही कारण है कि देशभर में लोग इस अवसर पर सोना-चांदी खरीदने, नए व्यापार की शुरुआत करने, संपत्ति खरीदने और धार्मिक अनुष्ठान करने को शुभ मानते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया को स्वयं सिद्ध मुहूर्त माना जाता है। इसका अर्थ है कि इस दिन किसी भी शुभ कार्य को शुरू…

हनुमान जयंती 2026: सही तारीख जानें और राशि के अनुसार करें दान, मिलेगा विशेष फल

हनुमान भक्तों के लिए हनुमान जयंती का पर्व बेहद विशेष माना जाता है। भगवान श्रीराम के परम भक्त और शक्ति, साहस व भक्ति के प्रतीक भगवान हनुमान के जन्मोत्सव को लेकर देशभर में तैयारियां शुरू हो जाती हैं। मंदिरों में विशेष सजावट की जाती है, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड के पाठ आयोजित किए जाते हैं और भक्त श्रद्धा के साथ बजरंगबली की पूजा-अर्चना करते हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी हनुमान जयंती की तारीख को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसका मुख्य कारण तिथि के प्रारंभ और समाप्त होने का समय है। हिंदू…