धनतेरस पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के 7 खास उपाय, जानें किस दिन है धनत्रयोदशी और क्यों खास है प्रदोष काल

दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई, सजावट और खरीदारी की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। पांच दिनों तक चलने वाले दिवाली महापर्व का आगाज धनतेरस से होता है। हिंदू धर्म में इस दिन को बेहद खास माना गया है। मान्यता है कि धनतेरस के अवसर पर विधि-विधान से भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की आराधना करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है। यही वजह है कि इस दिन पूजा-पाठ के साथ-साथ नई वस्तुएं खरीदने की भी परंपरा सदियों से चली आ रही है। लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार सोना, चांदी, बर्तन और दूसरी शुभ वस्तुएं…

इस दिन से शुरू होगा पितृपक्ष, जानिए क्यों खास माने जाते हैं ये 16 दिन

हिंदू धार्मिक परंपरा में पितृपक्ष को पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करने का विशेष समय माना जाता है। यह अवधि उन दिवंगत परिजनों को याद करने से जुड़ी है, जिनके प्रति परिवार अपनी कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करता है। पितृपक्ष के दौरान लोग अपनी पारिवारिक परंपरा और मान्यताओं के अनुसार श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान, दान और भोजन कराने जैसे कर्म करते हैं। हर साल पितृपक्ष की तिथियां हिंदू पंचांग के आधार पर निर्धारित होती हैं। वर्ष 2026 में भी इस अवधि को लेकर लोगों के बीच तारीखों को जानने की उत्सुकता है। कई लोग यह समझना चाहते हैं…

अधिक मास 2026: मलमास में भांजे-भांजी का सम्मान क्यों माना जाता है पुण्यकारी? जानिए धार्मिक मान्यता और परंपरा

अधिक मास 2026 में भांजे-भांजी का सम्मान क्यों माना जाता है शुभ? जानिए धार्मिक मान्यता, परंपरा और इसका महत्व हिंदू धर्म में अधिक मास को एक विशेष और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण अवधि माना जाता है। इसे अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं में अधिक मास, पुरुषोत्तम मास और मलमास जैसे नामों से जाना जाता है। यह अवधि हिंदू पंचांग की गणना से जुड़ी होती है और सामान्य महीनों की तुलना में इसका धार्मिक महत्व अलग माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इस दौरान पूजा-पाठ, जप, ध्यान, व्रत, दान तथा सेवा जैसे…