अनशन खत्म करने पर उठे सवालों के बीच सोनम वांगचुक का भावुक संदेश, बोले- 26 दिन की तपस्या के बाद भी नीयत पर शक क्यों?

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने अपनी 26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त करने के बाद उन तमाम आरोपों का जवाब दिया है, जिनमें उन पर सरकार से किसी तरह की ‘डील’ करने का दावा किया जा रहा था। विपक्षी दलों के कुछ नेताओं और सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों की ओर से लगातार सवाल उठाए जाने के बाद वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने बेहद भावुक अंदाज में कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि 26 दिनों तक बिना भोजन के संघर्ष करने के बावजूद अब उनकी…

21वें दिन भूख हड़ताल के बीच सोनम वांगचुक को अस्पताल ले गई पुलिस, जंतर-मंतर खाली कराने की कार्रवाई तेज़

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से चल रहे आंदोलन ने आज सुबह नया मोड़ ले लिया, जब सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पुलिस मेडिकल निगरानी के लिए सफदरजंग अस्पताल ले गई। यह कदम उस समय उठाया गया जब उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 21वें दिन में प्रवेश कर चुकी थी। पुलिस की कार्रवाई के बाद धरना स्थल पर तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात कर दिए गए। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर खाली करने की अपील भी की। सोनम वांगचुक बीते 28 जून से कथित नीट परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे आंदोलन में…

अनशन के दौरान अगर किसी प्रदर्शनकारी की मौत हो जाए तो क्या सरकार पर बनता है केस? जानिए कानून क्या कहता है

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन ने एक बार फिर देशभर में कानूनी और संवैधानिक बहस को तेज कर दिया है। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी मांगों को लेकर लंबे समय तक भूख हड़ताल करता है और इसी दौरान उसकी मृत्यु हो जाती है, तो क्या सरकार को इसके लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? क्या ऐसी स्थिति में सरकार के खिलाफ हत्या या लापरवाही का मामला दर्ज हो सकता है, या फिर कानून इसे अलग नजरिए से देखता है?…

सोनम वांगचुक का अनशन 19वें दिन में पहुंचा, हाईकोर्ट करेगा स्वास्थ्य और फोर्स-फीडिंग याचिका पर सुनवाई

नई दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अब 19वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट आज एक महत्वपूर्ण जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करेगा। याचिका में अदालत से आग्रह किया गया है कि यदि डॉक्टरों की सलाह के अनुसार जरूरत महसूस हो तो केंद्र और दिल्ली सरकार को वांगचुक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने तथा आवश्यक होने पर जीवन बचाने के उद्देश्य से फोर्स-फीडिंग (जबरन पोषण उपलब्ध कराने) की अनुमति देने के निर्देश दिए जाएं। वांगचुक पिछले कई दिनों से राजधानी के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच…