अनशन के दौरान अगर किसी प्रदर्शनकारी की मौत हो जाए तो क्या सरकार पर बनता है केस? जानिए कानून क्या कहता है

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन ने एक बार फिर देशभर में कानूनी और संवैधानिक बहस को तेज कर दिया है। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी मांगों को लेकर लंबे समय तक भूख हड़ताल करता है और इसी दौरान उसकी मृत्यु हो जाती है, तो क्या सरकार को इसके लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? क्या ऐसी स्थिति में सरकार के खिलाफ हत्या या लापरवाही का मामला दर्ज हो सकता है, या फिर कानून इसे अलग नजरिए से देखता है?…

मृत्युदंड क्या है: कानून, प्रक्रिया और भारत में फांसी का पूरा इतिहास समझिए

तमिलनाडु के मदुरै की एक अदालत द्वारा वर्ष 2020 में पुलिस हिरासत में हुई पिता-पुत्र की मौत के बहुचर्चित मामले में नौ पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद देशभर में एक बार फिर मृत्युदंड (Death Penalty) को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अदालत के इस फैसले ने केवल संबंधित मामले को ही नहीं, बल्कि भारतीय न्याय व्यवस्था में मृत्युदंड के प्रावधान, उसकी आवश्यकता, कानूनी प्रक्रिया और संवैधानिक सीमाओं को भी बहस के केंद्र में ला दिया है। भारत उन देशों में शामिल है जहां मृत्युदंड पूरी तरह समाप्त नहीं किया गया है। हालांकि, भारतीय न्यायपालिका ने समय-समय पर…