अधिक मास की कालाष्टमी और कृष्ण जन्माष्टमी का विशेष संयोग: व्रत और पूजा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान, भूलकर भी न करें ये गलतियां

सनातन धर्म में अधिक मास को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। इसे पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यह भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह ऐसा विशेष समय होता है जब साधना, पूजा-पाठ, जप, तप, दान और आत्मचिंतन का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इसी कारण अधिक मास में आने वाले प्रत्येक व्रत, पर्व और धार्मिक तिथि का महत्व सामान्य महीनों की तुलना में अधिक माना जाता है। इस वर्ष अधिक मास के दौरान कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का विशेष संयोग श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का…

कालाष्टमी आज: इस शुभ समय में करें काल भैरव की आराधना, जानें राहुकाल और दिनभर के योग

Kalashtami 2026, 10 April 2026 Panchang in Hindi: 10 अप्रैल 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है, जिसे कालाष्टमी के नाम से जाना जाता है। सनातन परंपरा में प्रत्येक मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी भगवान काल भैरव को समर्पित होती है, लेकिन शुक्रवार के दिन पड़ने वाली कालाष्टमी का महत्व और भी अधिक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान काल भैरव भगवान शिव के रौद्र स्वरूप हैं और उन्हें समय, न्याय, सुरक्षा तथा काशी के कोतवाल के रूप में पूजा जाता है।…