Kalashtami 2026, 10 April 2026 Panchang in Hindi: 10 अप्रैल 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है, जिसे कालाष्टमी के नाम से जाना जाता है। सनातन परंपरा में प्रत्येक मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी भगवान काल भैरव को समर्पित होती है, लेकिन शुक्रवार के दिन पड़ने वाली कालाष्टमी का महत्व और भी अधिक माना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान काल भैरव भगवान शिव के रौद्र स्वरूप हैं और उन्हें समय, न्याय, सुरक्षा तथा काशी के कोतवाल के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि जो भक्त इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से काल भैरव की पूजा करते हैं, उन्हें भय, शत्रु बाधा, नकारात्मक ऊर्जा और अचानक आने वाले संकटों से रक्षा प्राप्त होती है। साथ ही जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
इस दिन विशेष रूप से रात्रि के समय भगवान काल भैरव की आराधना, भैरवाष्टक का पाठ, दीपदान और मंत्र जप करने का विधान बताया गया है। आइए जानते हैं 10 अप्रैल 2026 का संपूर्ण पंचांग, पूजा का शुभ समय, चौघड़िया, ग्रहों की स्थिति, राशिफल और आज के शुभ उपाय।
कालाष्टमी का धार्मिक महत्व
कालाष्टमी को भगवान काल भैरव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान काल भैरव धर्म की रक्षा करने वाले, अन्याय का नाश करने वाले और भक्तों की हर प्रकार की विपत्ति को दूर करने वाले देवता हैं।
ऐसी मान्यता है कि काल भैरव की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली बाधाएं कम होती हैं और मानसिक भय दूर होता है। जिन लोगों के कार्य बार-बार रुक जाते हैं, कोर्ट-कचहरी के मामले चल रहे हों, शत्रु बाधा हो या नकारात्मक परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा हो, वे इस दिन भगवान काल भैरव की आराधना कर सकते हैं।
कालाष्टमी पर व्रत रखने और सच्चे मन से पूजा करने से आत्मबल बढ़ता है तथा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने की मान्यता है।
कालाष्टमी 2026 पूजा का शुभ समय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कालाष्टमी पर भगवान काल भैरव की पूजा रात्रि के समय करना विशेष फलदायी माना गया है। इस दौरान दीपक जलाकर, धूप अर्पित कर, सरसों के तेल का दीपक जलाना और भैरवाष्टक का पाठ करना शुभ माना जाता है।
यदि संभव हो तो रात्रि में काल भैरव मंदिर जाकर दर्शन करें। जो लोग मंदिर नहीं जा सकते, वे घर पर भगवान काल भैरव के चित्र या प्रतिमा के सामने श्रद्धापूर्वक पूजा कर सकते हैं।
10 अप्रैल 2026 का पंचांग
- तिथि: कृष्ण पक्ष अष्टमी (9 अप्रैल रात 9:19 बजे से 10 अप्रैल रात 11:15 बजे तक)
- वार: शुक्रवार
- मास: वैशाख
- नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा
- योग: शिव योग
- सूर्योदय: सुबह 6:01 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:44 बजे
- चंद्रोदय: सुबह 2:10 बजे
- चंद्रास्त: 11 अप्रैल सुबह 11:35 बजे
- चंद्र राशि: धनु
आज का चौघड़िया मुहूर्त
शुभ चौघड़िया
- सुबह शुभ: 6:01 बजे से 10:47 बजे तक
- रात्रि लाभ: रात 9:33 बजे से 10:58 बजे तक
इन समयों में पूजा, शुभ कार्य, यात्रा की शुरुआत या किसी नए कार्य का आरंभ करना शुभ माना जाता है।
आज के अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 10:47 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक
- यमगण्ड काल: दोपहर 3:33 बजे से शाम 5:09 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 7:37 बजे से 9:12 बजे तक
इन समयों में नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि नियमित पूजा-पाठ और भगवान का स्मरण किसी भी समय किए जा सकते हैं।
आज ग्रहों की स्थिति
वैदिक ज्योतिष के अनुसार 10 अप्रैल 2026 को ग्रहों की स्थिति इस प्रकार रहेगी—
- सूर्य – मीन राशि
- मंगल – मीन राशि
- शनि – मीन राशि
- चंद्रमा – धनु राशि
- बुध – कुंभ राशि
- गुरु – मिथुन राशि
- शुक्र – मेष राशि
- राहु – कुंभ राशि
- केतु – सिंह राशि
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज सूर्य, मंगल और शनि का मीन राशि में होना कुछ लोगों के लिए आत्मचिंतन और कार्यों में गंभीरता बढ़ाने वाला माना जा सकता है। वहीं धनु राशि में चंद्रमा होने से धार्मिक कार्यों, यात्रा और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है।
कालाष्टमी पर पूजा कैसे करें?
कालाष्टमी के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। यदि संभव हो तो व्रत का संकल्प लें। भगवान शिव और भगवान काल भैरव का स्मरण करते हुए पूजा प्रारंभ करें।
पूजा में निम्न सामग्री का उपयोग किया जा सकता है—
- सरसों के तेल का दीपक
- धूप और अगरबत्ती
- फूल
- अक्षत
- काले तिल
- नारियल
- फल एवं मिठाई
रात्रि के समय भगवान काल भैरव के समक्ष दीपक जलाकर भैरवाष्टक, काल भैरव अष्टकम अथवा “ॐ कालभैरवाय नमः” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करना शुभ माना जाता है।
आज का राशिफल
मेष राशि
आज भाग्य आपका साथ दे सकता है। लंबे समय से रुके कार्यों में गति आने की संभावना है। निवेश से जुड़े मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।
वृषभ राशि
मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए नई जिम्मेदारियां मिलने के संकेत हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हो सकता है।
मिथुन राशि
व्यापार से जुड़े लोगों के लिए दिन लाभदायक रह सकता है। नई योजनाओं पर कार्य शुरू करने का अवसर मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं।
कर्क राशि
आज वाणी पर संयम रखने की आवश्यकता है। किसी छोटी बात को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है। धैर्य और समझदारी से काम लेना लाभकारी रहेगा।
सिंह राशि
करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक समाचार मिलने की संभावना है। आत्मविश्वास बनाए रखें। किसी पुराने प्रयास का अच्छा परिणाम मिल सकता है।
कन्या राशि
आज लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य बनी रह सकती है।
तुला राशि
आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नए लोगों से संपर्क बन सकते हैं, जो भविष्य में लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।
वृश्चिक राशि
करियर में उन्नति के संकेत हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रह सकती है। परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा।
धनु राशि
समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है। धार्मिक यात्रा या किसी शुभ कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। सकारात्मक सोच बनाए रखें।
मकर राशि
आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है। किसी भी निवेश से पहले अच्छी तरह विचार करें।
कुंभ राशि
पुराने परिचितों और संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए बजट का ध्यान रखें।
मीन राशि
आज नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में व्यस्तता अधिक रहेगी। मेहनत का उचित परिणाम भविष्य में प्राप्त होने की संभावना है।
कालाष्टमी पर किए जाने वाले विशेष उपाय
धार्मिक मान्यता के अनुसार कालाष्टमी के दिन कुछ सरल उपाय करने से भगवान काल भैरव की कृपा प्राप्त होती है।
- भगवान काल भैरव के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
- भैरवाष्टक या काल भैरव अष्टकम का पाठ करें।
- “ॐ कालभैरवाय नमः” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करें।
- काले कुत्ते को रोटी, दूध या भोजन खिलाना शुभ माना जाता है।
- जरूरतमंद लोगों को भोजन या वस्त्र का दान करें।
- पूरे दिन संयमित व्यवहार रखें और क्रोध से बचें।
आज का शुभ रंग
शुक्रवार के दिन सफेद रंग धारण करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस रंग के वस्त्र पहनने से मन में शांति, सकारात्मकता और सौम्यता का संचार होता है।
महत्वपूर्ण धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कालाष्टमी का दिन आत्मिक उन्नति, भगवान काल भैरव की कृपा प्राप्त करने और जीवन की नकारात्मक परिस्थितियों से मुक्ति की कामना के लिए विशेष माना जाता है। हालांकि पूजा-पद्धति और मान्यताएं अलग-अलग क्षेत्रों एवं परंपराओं के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। श्रद्धालु अपनी परंपरा और विश्वास के अनुसार भगवान काल भैरव की पूजा-अर्चना कर सकते हैं।




