आज का पंचांग: सावन कालाष्टमी, बुधवार व्रत और रवि योग का विशेष संयोग, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का सही समय

आज का पंचांग: सावन कालाष्टमी, बुधवार व्रत और रवि योग का विशेष संयोग, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का सही समय

आज का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सावन मास के कृष्ण पक्ष में कालाष्टमी का पावन अवसर बुधवार के व्रत और भगवान गणेश की आराधना के साथ आया है। इस दिन भगवान कालभैरव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है, वहीं बुधवार होने के कारण गणपति बप्पा की उपासना भी शुभ फलदायी मानी जाती है। ज्योतिषीय दृष्टि से भी आज का दिन कई विशेष योगों से युक्त है। सुबह से लेकर रात्रि तक रवि योग का प्रभाव रहेगा, जबकि दिन की शुरुआत भद्रा काल से होगी। हालांकि भद्रा का निवास स्वर्ग लोक में होने के कारण इसका नकारात्मक प्रभाव पृथ्वी पर नहीं माना जाता, इसलिए सामान्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं। फिर भी चातुर्मास जारी होने की वजह से विवाह, सगाई और अन्य मांगलिक संस्कारों से परहेज किया जाता है।

आज की तिथि और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति

पंचांग के अनुसार आज सावन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रात्रि 8 बजकर 42 मिनट तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि का प्रारंभ होगा, जिसके कारण कालाष्टमी व्रत का विशेष महत्व बढ़ जाता है। चंद्रमा पूरे दिन मेष राशि में संचरण करेंगे। रात्रि 9 बजकर 18 मिनट तक अश्विनी नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद भरणी नक्षत्र का आरंभ हो जाएगा। आज पहले विष्टि करण, उसके बाद बव और अंत में बालव करण का संयोग बनेगा। वहीं शाम 5 बजकर 29 मिनट तक शूल योग रहेगा, जिसके बाद गण्ड योग प्रारंभ होगा।

कालाष्टमी पर कालभैरव की पूजा का विशेष महत्व

कालाष्टमी भगवान शिव के उग्र स्वरूप कालभैरव को समर्पित मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करने से जीवन के अनेक संकट दूर होते हैं। विशेष रूप से रात्रि में निशिता काल के दौरान कालभैरव की पूजा अत्यंत शुभ मानी जाती है। भक्त इस समय दीप जलाकर, मंत्रों का जाप कर तथा विधिपूर्वक पूजन कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कालभैरव की कृपा से अकाल मृत्यु का भय कम होता है, नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव समाप्त होता है तथा रोग, दोष और तंत्र-मंत्र संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिलती है। पूजा के दौरान उन्हें पान, मालपुआ, जलेबी, उड़द की दाल के पकौड़े, खीर, काले चने और अन्य प्रिय प्रसाद अर्पित किए जाते हैं।

बुधवार व्रत में करें गणेश जी की आराधना

बुधवार भगवान गणेश का प्रिय दिन माना जाता है। इस दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालु प्रातः स्नान के बाद गणपति की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाकर पूजा करें। दूर्वा, मोदक और हरे रंग के पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है। पूजा के बाद गणेश व्रत कथा का श्रवण करें और आरती के साथ भगवान से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार को गणेश पूजा करने से बुध ग्रह की अशुभता कम होती है। इससे शिक्षा, व्यापार, करियर और वाणी में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने की मान्यता है।

आज करें ये शुभ कार्य

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज हरे रंग के वस्त्र धारण करना लाभकारी माना गया है। इसके अलावा गाय को हरा चारा खिलाना भी पुण्यदायी माना जाता है। यदि संभव हो तो किसी योग्य ब्राह्मण को हरे रंग के फल, हरे वस्त्र या कांसे के पात्र का दान करें। ऐसा करने से बुध ग्रह की कृपा प्राप्त होती है और आर्थिक एवं व्यावसायिक उन्नति के मार्ग खुलते हैं।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय सुबह 5 बजकर 45 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 9 मिनट पर होगा। चंद्रमा का उदय रात्रि 11 बजकर 4 मिनट पर होगा और चंद्रास्त का समय भी 11 बजकर 4 मिनट बताया गया है।

दिनभर के प्रमुख शुभ मुहूर्त

आज का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 20 मिनट से 5 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। यह समय जप, तप, ध्यान और पूजा के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना जाता है।

रवि योग सुबह 5 बजकर 45 मिनट से रात्रि 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में किए गए अनेक शुभ कार्यों को सफलता मिलने की मान्यता है।

अमृत काल दोपहर 2 बजकर 16 मिनट से 3 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इसी प्रकार विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 41 मिनट से 3 बजकर 35 मिनट तक रहेगा, जो महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।

रात्रि में निशिता मुहूर्त 6 अगस्त को रात 12 बजकर 6 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। कालाष्टमी व्रत रखने वाले भक्त इसी समय भगवान कालभैरव की विशेष पूजा कर सकते हैं।

दिन के शुभ चौघड़िया

सुबह 5:45 से 7:25 बजे तक लाभ चौघड़िया रहेगा। इसके बाद 7:25 से 9:06 बजे तक अमृत चौघड़िया रहेगा। सुबह 10:46 से दोपहर 12:27 बजे तक शुभ चौघड़िया रहेगा। दोपहर 3:48 से शाम 5:29 बजे तक चर चौघड़िया रहेगा। वहीं शाम 5:29 से 7:09 बजे तक पुनः लाभ चौघड़िया का संयोग बनेगा।

रात्रि के शुभ चौघड़िया

रात्रि 8:29 से 9:48 बजे तक शुभ चौघड़िया रहेगा। इसके बाद 9:48 से 11:08 बजे तक अमृत चौघड़िया रहेगा। रात्रि 11:08 बजे से 6 अगस्त की रात 12:27 बजे तक चर चौघड़िया रहेगा। तड़के 3:06 बजे से 4:26 बजे तक लाभ चौघड़िया का समय रहेगा।

इन अशुभ समयों का रखें ध्यान

आज यमगण्ड सुबह 7:25 बजे से 9:06 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा। दोपहर 12 बजे से 12:54 बजे तक दुर्मुहूर्त रहेगा। राहुकाल दोपहर 12:27 बजे से 2:08 बजे तक रहेगा। इस दौरान नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

भद्रा और दिशाशूल

आज सुबह 5:45 बजे से 9:26 बजे तक भद्रा रहेगी। लेकिन इसका वास स्वर्ग लोक में होने के कारण इसे पृथ्वी पर अशुभ नहीं माना गया है। इसलिए सामान्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं। आज उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। यदि उस दिशा में यात्रा करना अत्यंत आवश्यक हो तो परंपरागत उपाय करने के बाद ही प्रस्थान करना उचित माना जाता है।

शिववास की स्थिति

धार्मिक गणना के अनुसार आज रात्रि 8 बजकर 42 मिनट तक भगवान शिव का वास श्मशान में माना गया है। इसके बाद शिवजी गौरी माता के साथ विराजमान रहेंगे। शिववास की यह स्थिति भी पूजा-पाठ और साधना करने वालों के लिए विशेष महत्व रखती है।

(Photo : AI Generated)