इस तारीख से शुरू होगी कांवड़ यात्रा, जानिए कब भरेंगे गंगाजल और कब होगा जलाभिषेक

भगवान शिव के भक्त पूरे वर्ष जिस पवित्र महीने का सबसे अधिक इंतजार करते हैं, वह है श्रावण मास, जिसे आमतौर पर सावन भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस महीने का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि सावन के दौरान भगवान शिव की पूजा, रुद्राभिषेक, व्रत और गंगाजल से जलाभिषेक करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी कारण इस पूरे महीने देशभर के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। सावन की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत में सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल कांवड़ यात्रा भी प्रारंभ हो…

Amarnath Yatra 2026: बाबा बर्फानी के दर्शन क्यों माने जाते हैं सौभाग्य की निशानी? जानिए अमरनाथ गुफा का धार्मिक रहस्य

अमरनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ होने जा रहा है और इसके लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पहला जत्था ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ रवाना हो चुका है। इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू होने वाली यह पवित्र यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी। करीब 57 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा पहुंचेंगे और बाबा बर्फानी के दर्शन का प्रयास करेंगे। अमरनाथ यात्रा को हिंदू धर्म की सबसे कठिन और पवित्र तीर्थ यात्राओं में गिना जाता है। ऊंचे पहाड़, बर्फ से ढके रास्ते, बदलता मौसम और…

4 जुलाई से फिर खुलेगा आस्था का मार्ग, कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 10 जत्थों की तैयारी पूरी

भगवान शिव के पवित्र धाम कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की यात्रा का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। वर्ष 2026 की कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ 4 जुलाई से होने जा रहा है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के समन्वय में आयोजित इस वर्ष की यात्रा के लिए तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN), जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, आईटीबीपी और अन्य संबंधित एजेंसियां यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियों में जुटी हैं। इस बार भी श्रद्धालु उत्तराखंड…

अधिक मास का विशेष शुक्र प्रदोष व्रत आज, शिव-आराधना से मिलेगा पुण्य फल; जानें शुभ समय, पूजा नियम और महत्वपूर्ण मंत्र

सनातन परंपरा में भगवान शिव की उपासना के लिए प्रदोष व्रत का विशेष स्थान माना गया है। प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाने वाला यह व्रत भक्तों को आध्यात्मिक शांति और शुभ फल प्रदान करने वाला माना जाता है। जब त्रयोदशी शुक्रवार के दिन पड़ती है, तब इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है। वर्ष 2026 में अधिक मास के दौरान आने वाला यह व्रत कई शुभ योगों के कारण और भी खास माना जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार अधिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 12 जून 2026 को सायं 7 बजकर 36 मिनट…

पूजा में परिक्रमा का नियम: हर देवी-देवता के लिए अलग है संख्या, जानिए सही विधि

सनातन धर्म में पूजा-पाठ केवल भगवान के सामने प्रार्थना करने तक सीमित नहीं माना जाता। मंदिर में प्रवेश करने से लेकर दर्शन, आरती, प्रसाद ग्रहण करने और परिक्रमा करने तक हर धार्मिक क्रिया का अपना अलग महत्व बताया गया है। इनमें परिक्रमा को विशेष स्थान प्राप्त है। श्रद्धालु जब किसी देवी-देवता या मंदिर के गर्भगृह के चारों ओर घूमते हैं, तो इसे भगवान के प्रति श्रद्धा, समर्पण और आस्था की अभिव्यक्ति माना जाता है। हिंदू धार्मिक परंपराओं में यह मान्यता प्रचलित है कि मंदिर में स्थापित देवता को जीवन का केंद्र मानकर उनके चारों ओर परिक्रमा करने से मन में…

गंगा सप्तमी 2026: जानिए मां गंगा के अवतरण की पौराणिक कथा और इस दिन का महत्व

भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में नदियों को केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि जीवन और आस्था का प्रतीक माना गया है। इनमें मां गंगा का स्थान सबसे ऊंचा है। गंगा को हिंदू धर्म में मोक्षदायिनी, पवित्र और जीवन प्रदान करने वाली नदी के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि मां गंगा के जल का स्पर्श व्यक्ति के तन और मन को शुद्ध करता है। हर वर्ष वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी का पवित्र पर्व मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह शुभ तिथि 23 अप्रैल, गुरुवार को पड़ रही है।…