बच्चों के टिफिन से लेकर घर की रसोई तक: ‘हेल्दी’ पैकेट के पीछे छिपी चीनी, नमक और प्रोसेस्ड फूड की हकीकत

आज के दौर में सुपरमार्केट की अलमारियां ऐसे खाद्य उत्पादों से भरी हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि वे हमारी सेहत का ख्याल रखने के लिए ही बनाए गए हैं। किसी पैकेट पर ‘मल्टीग्रेन’ लिखा है, किसी पर ‘नेचुरल’, तो कहीं ‘हाई फाइबर’, ‘बेक्ड’ या ‘जीरो मैदा’ जैसे दावे नजर आते हैं। आकर्षक पैकेजिंग और स्मार्ट विज्ञापन खासतौर पर बच्चों और अभिभावकों को यह भरोसा दिलाते हैं कि पैकेट में बंद चीज पारंपरिक भोजन का बेहतर और सुविधाजनक विकल्प है। लेकिन असली कहानी अक्सर पैकेट के सामने नहीं, बल्कि उसके पीछे लिखी सामग्री सूची और पोषण संबंधी जानकारी में छिपी…

पैकेज्ड फूड पर चेतावनी लेबल लगेगा? सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दी 2 हफ्ते की मोहलत, कहा- फैसला नहीं हुआ तो हम आदेश देंगे

पैकेट में मिलने वाले बिस्किट, चिप्स, नमकीन और दूसरे खाद्य उत्पादों पर अब चीनी, नमक और फैट की अधिक मात्रा को लेकर साफ चेतावनी दिखाई दे सकती है। पैकेज्ड फूड पर फ्रंट ऑफ पैक वॉर्निंग लेबल (FoPL) लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) को सख्त रुख दिखाया है। अदालत ने कहा है कि अगर सरकार इस मुद्दे पर खुद कोई ठोस फैसला नहीं लेती, तो कोर्ट को आदेश जारी करना पड़ेगा। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि…