गुरु प्रदोष और मासिक शिवरात्रि का महासंयोग आज, जानें पूजा के शुभ समय से लेकर व्रत कथा तक

8 अक्टूबर 2026, गुरुवार का दिन भगवान शिव की आराधना करने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष माना जा रहा है। आज गुरु प्रदोष व्रत और आश्विन मास की मासिक शिवरात्रि का संयोग बन रहा है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं में प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि दोनों ही भगवान शिव को समर्पित महत्वपूर्ण व्रत माने जाते हैं। ऐसे में एक ही दिन इन दोनों पर्वों के आने से शिव भक्तों के लिए पूजा-पाठ और उपासना का विशेष अवसर बन गया है। मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने और रात में शिवरात्रि के निशिता काल में महादेव का…

गुरु प्रदोष व्रत आज: प्रदोष काल में ऐसे करें शिव पूजा, जानें शुभ समय, मंत्र और पूरी विधि

भगवान शिव की आराधना के लिए प्रदोष व्रत को विशेष महत्व दिया जाता है। इस बार गुरुवार के दिन प्रदोष व्रत पड़ रहा है, इसलिए इसे गुरु प्रदोष व्रत या बृहस्पति प्रदोष के नाम से जाना जाता है। 24 सितंबर 2026, गुरुवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के अवसर पर यह व्रत रखा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। अगर आप आज गुरु प्रदोष व्रत रख रहे हैं या केवल शाम के समय भगवान शिव की पूजा करना चाहते हैं, तो पूजा…

भाद्रपद का पहला प्रदोष व्रत 8 सितंबर को या 9 को? जानें सही तारीख, पूजा का समय और भौम प्रदोष का महत्व

हिंदू धर्म में भगवान शिव की उपासना के लिए प्रदोष व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। प्रत्येक महीने में दो बार प्रदोष व्रत आता है। यह व्रत कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। हालांकि, प्रदोष व्रत की तारीख तय करने में केवल त्रयोदशी तिथि देखना पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि यह भी देखा जाता है कि प्रदोष काल के समय कौन सी तिथि चल रही है। इसी वजह से इस बार भाद्रपद महीने के पहले प्रदोष व्रत की तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बन रही है। कई लोगों के मन…

भौम प्रदोष व्रत 2026: सावन में शिव के साथ पार्वती पूजा का क्या महत्व है? जानें सही तिथि, पूजा विधि और धार्मिक लाभ

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस पवित्र महीने में आने वाला प्रदोष व्रत भी शिव भक्तों के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। जब प्रदोष तिथि मंगलवार के दिन पड़ती है, तो इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत और पूजा से भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के साथ-साथ जीवन में सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि की कामना की जाती है। खास बात यह है कि प्रदोष के दिन केवल भगवान शिव की पूजा ही नहीं, बल्कि माता पार्वती की आराधना को भी विशेष महत्व दिया…