दिल्ली में प्रदर्शन की जगह क्यों बदली? जंतर-मंतर का इतिहास, बोट क्लब से लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक पूरी कहानी
दिल्ली में अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए सड़कों पर उतरने वाले राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और दूसरे आंदोलनकारी समूहों के सामने अब प्रदर्शन स्थल को लेकर नई चुनौती खड़ी हो गई है। राजधानी में लंबे समय से धरना-प्रदर्शन की पहचान रहे जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल के रूप में मिली मान्यता खत्म करने के केंद्र सरकार के फैसले ने इस बहस को फिर से चर्चा में ला दिया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच यह निर्णय सामने आया है। विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन…
