जून में थोक महंगाई 44 महीने के उच्चतम स्तर पर, रोजमर्रा की चीजों के बढ़े दाम; खुदरा महंगाई भी लगातार छठे महीने चढ़ी

देश में महंगाई का दबाव एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। जून महीने में थोक स्तर पर महंगाई (Wholesale Price Index-WPI) बढ़कर 9.87 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो करीब 44 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। इससे पहले सितंबर 2022 में थोक महंगाई 10.70 प्रतिशत दर्ज की गई थी। मई महीने में यह दर 9.68 प्रतिशत थी, यानी एक महीने के भीतर इसमें और बढ़ोतरी देखने को मिली है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों से साफ संकेत मिलता है कि खाने-पीने की वस्तुओं और रोजाना इस्तेमाल होने वाले सामानों की कीमतों में लगातार…

मई में महंगाई ने पकड़ी रफ्तार, RBI की बढ़ी चिंता; खाने-पीने का सामान और ट्रांसपोर्ट हुआ महंगा

देश में खुदरा महंगाई दर एक बार फिर तेजी से बढ़ी है और मई 2026 के आंकड़ों ने नीति निर्माताओं की चिंताएं बढ़ा दी हैं। साल की शुरुआत में जहां महंगाई अपेक्षाकृत नियंत्रित नजर आ रही थी, वहीं अब लगातार बढ़ते दामों ने आम लोगों की जेब पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। मई में खुदरा महंगाई दर 3.93% दर्ज की गई, जो अप्रैल के 3.48% के मुकाबले काफी अधिक है। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि बाजार में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। जनवरी 2026 में खुदरा महंगाई केवल 2.74%…

रोजमर्रा के सामान की कीमतें फिर बढ़ने की तैयारी, कंपनियों पर लागत का बढ़ता बोझ

आने वाले महीनों में रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। खाने-पीने के उत्पाद, घरेलू उपयोग का सामान, पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स और पैकेज्ड उपभोक्ता वस्तुओं (FMCG) की लागत बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। उद्योग से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार कच्चे माल, पैकेजिंग सामग्री और ऊर्जा लागत में लगातार हो रही वृद्धि के कारण कई कंपनियां अपने उत्पादों की कीमतों में संशोधन करने पर विचार कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लागत का दबाव लंबे समय तक बना रहता है, तो कंपनियों के पास कीमतें बढ़ाने, पैक का आकार…