बांग्लादेश के राष्ट्रपति का इस्तीफा, बोले- बीमारी के कारण जिम्मेदारी निभाना अब संभव नहीं

बांग्लादेश की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा संसद (जातीय संसद) के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद को सौंप दिया। राष्ट्रपति ने अपने त्यागपत्र में साफ कहा कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अब वह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम नहीं हैं। हालांकि, उनके इस्तीफे को केवल स्वास्थ्य से जोड़कर नहीं देखा जा रहा है। पिछले कुछ सप्ताह से शेख हसीना से कथित संपर्क और देश के बदलते राजनीतिक माहौल को लेकर भी उन पर लगातार दबाव बढ़ रहा…

चीन की ओर बढ़ता बांग्लादेश, GDI में शामिल होने की तैयारी; तीस्ता प्रोजेक्ट और मोंगला पोर्ट पर भारत की नजर

बांग्लादेश और चीन के रिश्तों में एक नई रणनीतिक नजदीकी देखने को मिल रही है। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की प्रस्तावित चीन यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ढाका और बीजिंग के बीच इस दौरे में 12 से अधिक समझौते और सहमति पत्र (MoU) किए जा सकते हैं। इन समझौतों का फोकस आर्थिक सहयोग, बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं और चीनी निवेश को बढ़ाने पर रहेगा। सबसे ज्यादा चर्चा तीस्ता नदी परियोजना को लेकर है। माना जा रहा है कि चीन इस प्रोजेक्ट में अपनी भागीदारी बढ़ा…

बीजिंग में नेपाल ने उठाया सीमा विवाद का मुद्दा, चीन ने कहा- भारत से बातचीत कर सुलझाएं मतभेद

नेपाल ने एक बार फिर कालापानी, लिंपियाधुरा और लिपुलेख से जुड़े सीमा विवाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाते हुए चीन के सामने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। बीजिंग में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की और उन समझौतों पर सवाल खड़े किए, जो भारत और चीन के बीच लिपुलेख दर्रे के उपयोग को लेकर किए गए हैं। बैठक में खनाल ने स्पष्ट किया कि नेपाल लंबे समय से इन क्षेत्रों को अपना हिस्सा मानता रहा है। उन्होंने चीन से जानना चाहा कि भारत और चीन के…

भारत-नेपाल सीमा मुद्दे पर भारत का स्पष्ट रुख, बोला- विवाद सुलझाने के लिए तीसरे देश की जरूरत नहीं

भारत-नेपाल सीमा विवाद पर भारत का रुख साफ, कहा- समाधान के लिए द्विपक्षीय बातचीत ही सबसे बेहतर रास्ता भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद को लेकर एक बार फिर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। नेपाल की ओर से सीमा मुद्दे में ब्रिटेन की संभावित भूमिका को लेकर दिए गए बयान के बाद भारत ने अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट कर दिया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े मामलों के समाधान के लिए पहले से ही मजबूत और प्रभावी द्विपक्षीय तंत्र मौजूद हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने…

तीस्ता प्रोजेक्ट पर चीन की ओर झुका बांग्लादेश, भारत-बांग्लादेश रिश्तों में बढ़ सकती है नई चुनौती

बांग्लादेश की महत्वाकांक्षी तीस्ता नदी पुनर्वास और जल प्रबंधन परियोजना इन दिनों दक्षिण एशिया की कूटनीति में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। ढाका ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए चीन से सहयोग लेने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इससे क्षेत्रीय राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है और भारत-बांग्लादेश संबंधों के भविष्य को लेकर रणनीतिक विशेषज्ञों की नजर इस घटनाक्रम पर टिक गई है। तीस्ता नदी केवल एक जल स्रोत नहीं है, बल्कि यह भारत और बांग्लादेश दोनों के लिए कृषि, पर्यावरण और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। वर्षों से इस नदी के…

बंगाल-असम में बदली सियासी तस्वीर, बांग्लादेश में बढ़ी चिंता

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम सामने आने के बाद भारत की राजनीति में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। खासतौर पर पूर्वी भारत के राजनीतिक परिदृश्य में पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हुई है। इन दोनों राज्यों की भौगोलिक स्थिति और बांग्लादेश के साथ साझा सीमा को देखते हुए वहां होने वाले राजनीतिक बदलावों का असर केवल घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पड़ोसी देश के रणनीतिक और कूटनीतिक हलकों में भी उसकी चर्चा होती है। पश्चिम बंगाल और असम दोनों ही भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण राज्य हैं।…