योगिनी एकादशी आज: भगवान विष्णु को अर्पित करें पीले वस्त्र, लक्ष्मी जी को चढ़ाएं सुहाग सामग्री, शिव पूजा से भी मिलेगा शुभ फल

आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाने वाली योगिनी एकादशी का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है। इस वर्ष अधिकांश पंचांगों के अनुसार यह व्रत 10 जुलाई, शुक्रवार को रखा जा रहा है। हालांकि तिथियों के अंतर के कारण कुछ पंचांगों में इसे 11 जुलाई बताया गया है, लेकिन अधिकतर विद्वानों ने 10 जुलाई को ही व्रत और पूजा करने की सलाह दी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली अनेक बाधाएं दूर होती हैं और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।…

हरिद्वार में स्थापित हुआ विशाल पारद शिवलिंग, 10 वर्षों की साधना और शोध का परिणाम

उत्तराखंड की पवित्र धार्मिक नगरी हरिद्वार सदियों से आस्था, आध्यात्मिक साधना और भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र रही है। गंगा तट पर स्थित यह शहर देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का स्वागत करता है। यहां स्थित मंदिर, आश्रम और धार्मिक स्थल लोगों को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं। हाल ही में हरिद्वार में एक ऐसी धार्मिक उपलब्धि जुड़ी है जिसने संत समाज, श्रद्धालुओं और शोधकर्ताओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया है। यह उपलब्धि एक विशाल पारद शिवलिंग की स्थापना के रूप में सामने आई है। “पारद ध्यान लिंगम” नाम से स्थापित यह शिवलिंग अपने विशाल आकार, भारी वजन और…

आज करें अमावस्या के बाद पहले चंद्रमा के दर्शन, जानें क्यों माना जाता है शुभ और क्या है पूजा का सही समय

हिंदू धर्म में पंचांग और तिथियों का विशेष महत्व माना जाता है। प्रत्येक तिथि का अपना अलग धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व होता है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण अवसर है अमावस्या के बाद होने वाला प्रथम चंद्र दर्शन, जिसे कई श्रद्धालु शुभता, नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानते हैं। वर्ष 2026 में अमावस्या समाप्त होने के बाद 16 जून को प्रथम चंद्र दर्शन का विशेष संयोग बन रहा है। इस दिन श्रद्धालु शाम के समय चंद्रदेव के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, मानसिक शांति तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हैं। भारतीय परंपराओं…

सोमवती अमावस्या पर बना दुर्लभ योग, पितरों की कृपा और पुण्य फल प्राप्ति के लिए आज का दिन माना जा रहा है विशेष

सनातन परंपरा में अमावस्या तिथि को पूर्वजों के स्मरण, तर्पण और दान-पुण्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है, तब उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह तिथि पितृ तृप्ति, आध्यात्मिक साधना और शुभ कार्यों के लिए विशेष फलदायी मानी जाती है। इस वर्ष सोमवती अमावस्या का महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि इस अवसर पर सर्वार्थ सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत शुभ और सिद्धिदायक योग माना जाता है। मान्यता है कि इस शुभ संयोग में किए गए जप, तप,…

14-15 जून की अधिकमास अमावस्या विशेष: पूर्वजों की कृपा पाने का शुभ अवसर, जानें तर्पण और पूजा का महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या इस बार विशेष महत्व लेकर आई है। तिथियों के संयोग के कारण यह अमावस्या 14 और 15 जून, दोनों दिनों तक प्रभावी रहेगी। अधिकमास स्वयं में अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है और लगभग तीन वर्ष में एक बार आता है। ऐसे में इस महीने की अमावस्या को धार्मिक दृष्टि से बहुत फलदायी माना जा रहा है। धर्मग्रंथों में वर्णित मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए जप, तप, दान, तर्पण और पूजा-पाठ का पुण्य लंबे समय तक शुभ फल प्रदान करता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार अमावस्या तिथि 14 जून को दोपहर लगभग…

3 साल बाद आ रही पद्मिनी एकादशी: जानें व्रत की तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा का महत्व

हिंदू पंचांग में अधिकमास को बेहद पुण्यदायी माना जाता है। इस विशेष महीने में आने वाली पद्मिनी एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए रखा जाता है। खास बात यह है कि यह एकादशी हर साल नहीं आती, बल्कि लगभग तीन वर्ष में एक बार ही पड़ती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत और पूजा करने से घर में सुख-शांति, धन-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है। आखिर क्यों खास होती है पद्मिनी एकादशी? हिंदू कैलेंडर चंद्र और सौर गणना पर आधारित होता है। दोनों के बीच हर साल करीब 11 दिनों का अंतर…

पुरुषोत्तम मास का आज से आरंभ: क्यों खास माना जाता है अधिकमास, जानिए नियम, पूजा और दान का महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार आज से पवित्र अधिकमास की शुरुआत हो गई है, जिसका समापन 15 जून को होगा। इस बार यह दुर्लभ ज्येष्ठ अधिकमास माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं में इस महीने को “पुरुषोत्तम मास” कहा जाता है और इसे भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान पूजा-पाठ, दान और भक्ति करने से सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक पुण्य फल मिलता है। आखिर कैसे आता है अधिकमास? हिंदू कैलेंडर सूर्य और चंद्रमा दोनों की गणना पर आधारित होता है। चंद्र वर्ष लगभग 354 दिनों का माना जाता है, जबकि सूर्य…

पूजा में परिक्रमा का नियम: हर देवी-देवता के लिए अलग है संख्या, जानिए सही विधि

सनातन परंपरा में मंदिर जाकर भगवान के दर्शन करने के बाद परिक्रमा करना बेहद शुभ माना जाता है। इसे केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना का हिस्सा भी माना गया है। मान्यता है कि सही नियम से की गई परिक्रमा भक्त को पूर्ण पुण्य और मानसिक शांति प्रदान करती है। हालांकि कई लोग बिना जानकारी के कई बार चक्कर लगा लेते हैं, जबकि शास्त्रों में हर देवता के लिए परिक्रमा की निश्चित संख्या बताई गई है। परिक्रमा का आध्यात्मिक अर्थ धार्मिक ग्रंथों के अनुसार ‘परिक्रमा’ शब्द के हर अक्षर का विशेष महत्व है। यह मोक्ष, पापों के नाश, जन्म-मरण…

महाशिवरात्रि 2026: शिव पूजा में इन नियमों की अनदेखी पड़ सकती है भारी, नहीं मिलेगी पूजा का पूरा फल

महाशिवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक माना जाता है। यह दिन भगवान शिव की विशेष आराधना, ध्यान और भक्ति के लिए समर्पित होता है। इस पावन अवसर पर देशभर में लाखों श्रद्धालु व्रत रखते हैं, मंदिरों में दर्शन करते हैं, शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और भगवान भोलेनाथ से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भक्तों को मानसिक शांति प्राप्त होती है। मान्यता है कि इस दिन पूरी श्रद्धा और…