अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में ट्रम्प की राह मुश्किल: महंगाई और ईरान युद्ध से बिगड़ा माहौल, रिपब्लिकन उम्मीदवार भी बना रहे दूरी

अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक परीक्षा साबित हो सकते हैं। देश में बढ़ती महंगाई, ईरान के साथ जारी संघर्ष और राष्ट्रपति की गिरती लोकप्रियता ने पार्टी की चिंताएं बढ़ा दी हैं। चुनाव से पहले सामने आए जनमत सर्वेक्षणों में भी रिपब्लिकन पार्टी को राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही। 10 प्रमुख सर्वेक्षणों में से केवल एक में पार्टी को बढ़त मिली है, जबकि बाकी में उसकी स्थिति कमजोर नजर आ रही है। इन चुनावों का परिणाम केवल सांसदों की संख्या तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि…

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में मस्क का बड़ा दांव, रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए खोला खजाना; अब तक ₹3,500 करोड़ से ज्यादा दिए

अमेरिका में मध्यावधि चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों को आर्थिक मदद देने के लिए दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क ने बड़े पैमाने पर पैसा लगाया है। चुनावी चंदे के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मस्क जुलाई से अब तक रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े चुनावी अभियानों के लिए 276 मिलियन डॉलर यानी करीब 2,600 करोड़ रुपये दे चुके हैं। अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के इतिहास में किसी एक व्यक्ति की ओर से खर्च की गई यह सबसे बड़ी रकम बताई जा रही है। मस्क की ओर से दी गई इस…

ट्रंप के लिए बदल रहा है भारतीय-अमेरिकी वोटरों का रुख? मिडटर्म चुनाव से पहले वीजा नीति और भारत से रिश्तों पर उठे सवाल

अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को होने वाले मध्यावधि चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सामने अपनी नीतियों के समर्थन को बनाए रखने की चुनौती होगी। खास तौर पर भारतीय मूल के अमेरिकी मतदाताओं के रुख पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में इस समुदाय के एक हिस्से ने ट्रंप का समर्थन किया था। अब सवाल यह है कि क्या दो साल पहले रिपब्लिकन पार्टी के साथ खड़े होने वाले भारतीय-अमेरिकी मतदाता इस बार भी उसी राजनीतिक पसंद पर कायम रहेंगे या…