विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित कर दी है। सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को एकतरफा अंदाज में 8 विकेट से मात देकर टूर्नामेंट के फाइनल में जगह पक्की कर ली। यह ऑस्ट्रेलियाई टीम का विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में आठवां फाइनल होगा।
मुकाबला लंदन के द ओवल मैदान पर खेला गया, जहां वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 125 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए महज 13 ओवर में 2 विकेट गंवाकर जीत हासिल कर ली। टीम की जीत की सबसे बड़ी वजह बेथ मूनी की शानदार पारी रही, जिन्होंने नाबाद अर्धशतक लगाकर टीम को आसानी से फाइनल तक पहुंचाया।
अब खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया का सामना दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा। दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला साउथ अफ्रीका और मेजबान इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा। टूर्नामेंट का फाइनल 5 जुलाई को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर आयोजित होगा।
वेस्टइंडीज की शुरुआत रही धीमी, बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रही टीम
टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया की कप्तान ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। वेस्टइंडीज की सलामी जोड़ी ने पारी की शुरुआत तो संभलकर की, लेकिन टीम तेजी से रन नहीं बना सकी। पावरप्ले के छह ओवरों में वेस्टइंडीज बिना विकेट खोए सिर्फ 35 रन ही जोड़ पाई।
ओपनर हेली मैथ्यूज और कियाना जोसेफ ने शुरुआत में विकेट बचाने पर ध्यान दिया, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। नौवें ओवर में वेस्टइंडीज को पहला झटका लगा, जब हेली मैथ्यूज 30 रन बनाकर आउट हो गईं। उन्होंने 28 गेंदों का सामना किया और उनकी पारी का अंत जॉर्जिया वारेहम की गेंद पर हुआ।
पहला विकेट गिरने के बाद वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी लय में नहीं आ सकी। ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों ने लगातार अंतराल पर विकेट निकालकर विपक्षी टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया। 16वें ओवर तक वेस्टइंडीज का स्कोर 83 रन पर 6 विकेट हो चुका था और टीम मुश्किल स्थिति में पहुंच गई थी।
हालांकि आखिरी ओवरों में डेंड्रा डॉटिन ने तेज बल्लेबाजी करते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की। उन्होंने सिर्फ 16 गेंदों में 26 रन बनाए, जिसकी बदौलत वेस्टइंडीज 125 रन तक पहुंच सकी। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से गेंदबाजी में कप्तान सोफी मोलिन्यूक्स, एश्ले गार्डनर और जॉर्जिया वारेहम ने शानदार प्रदर्शन किया। तीनों गेंदबाजों ने 2-2 विकेट हासिल किए, जबकि एनाबेल सदरलैंड को एक सफलता मिली।
ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य का पीछा करते हुए दिखाई आक्रामक बल्लेबाजी
126 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआत से ही अपने इरादे साफ कर दिए। ओपनर जॉर्जिया वॉल और बेथ मूनी ने तेजी से रन बनाते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दी। ऑस्ट्रेलिया का स्कोर तीसरे ओवर में 29 रन तक पहुंच चुका था, लेकिन इसी दौरान टीम को पहला झटका लगा। जॉर्जिया वॉल 11 गेंदों में 16 रन बनाकर आउट हो गईं। उन्हें चिनेल हेनरी ने क्लीन बोल्ड किया।
इसके बाद पांचवें ओवर में ऑस्ट्रेलिया को दूसरा नुकसान उठाना पड़ा। फीबी लिचफील्ड ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सकीं और सिर्फ 4 रन बनाकर एलबीडब्ल्यू आउट हो गईं। शुरुआती दो विकेट गिरने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया पर दबाव नहीं आया क्योंकि दूसरे छोर पर बेथ मूनी लगातार रन बनाती रहीं।
एलिस पेरी को बीच पारी में मैदान छोड़ना पड़ा
ऑस्ट्रेलिया की अनुभवी बल्लेबाज एलिस पेरी नंबर-4 पर बल्लेबाजी करने आईं, लेकिन वह ज्यादा देर तक मैदान पर नहीं टिक पाईं। सिर्फ 2 रन बनाने के बाद उन्हें परेशानी महसूस हुई और उन्होंने रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ दिया। पेरी ने सात गेंदों का सामना किया था। उनकी जगह एश्ले गार्डनर को बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। हालांकि इस बदलाव का ऑस्ट्रेलिया की रन गति पर कोई असर नहीं पड़ा।
बेथ मूनी ने एक छोर संभाले रखा और शानदार शॉट्स लगाते हुए स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। उन्होंने अपनी पारी में धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया।
मूनी और गार्डनर की साझेदारी ने खत्म किया मुकाबला
मैच का सबसे अहम पल तब आया जब बेथ मूनी और एश्ले गार्डनर ने तीसरे विकेट के लिए शानदार साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 36 गेंदों में 63 रन जोड़ दिए और वेस्टइंडीज की वापसी की उम्मीदों को पूरी तरह खत्म कर दिया।
बेथ मूनी ने नाबाद 61 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने 36 गेंदों का सामना करते हुए अपनी टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। वहीं एश्ले गार्डनर ने भी तेजी से रन बनाए और 20 गेंदों में नाबाद 35 रन बनाकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया।
ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य को सिर्फ 13 ओवर में हासिल कर लिया, जिससे यह साफ हो गया कि टीम इस टूर्नामेंट में कितनी मजबूत स्थिति में है। वेस्टइंडीज की ओर से हेली मैथ्यूज और चिनेल हेनरी ने एक-एक विकेट लिया, लेकिन उनकी गेंदबाजी टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं रही।
फाइनल में फिर खिताब की दावेदारी मजबूत
ऑस्ट्रेलिया की टीम लगातार बड़े मुकाबलों में अपना दबदबा दिखाती रही है। सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली इस आसान जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि टीम दबाव वाले मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन करना जानती है। बेथ मूनी की बल्लेबाजी, गेंदबाजों का अनुशासन और टीम का संतुलित प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया की इस जीत की मुख्य वजह रहे। अब टीम की नजरें फाइनल मुकाबले पर हैं, जहां वह एक और विश्व खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी।
वहीं वेस्टइंडीज के लिए टूर्नामेंट का सफर सेमीफाइनल में खत्म हो गया, लेकिन टीम ने पूरे टूर्नामेंट में कई अच्छे प्रदर्शन किए। ऑस्ट्रेलिया अब खिताबी मुकाबले में अपनी जगह बना चुकी है और क्रिकेट फैंस को एक रोमांचक फाइनल का इंतजार रहेगा।




