फीफा वर्ल्ड कप 2026: अतिरिक्त समय में चमका अर्जेंटीना, स्विट्जरलैंड को हराकर सेमीफाइनल में इंग्लैंड से भिड़ंत तय

फीफा वर्ल्ड कप 2026: अतिरिक्त समय में चमका अर्जेंटीना, स्विट्जरलैंड को हराकर सेमीफाइनल में इंग्लैंड से भिड़ंत तय

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने एक बार फिर अपनी मजबूत दावेदारी पेश करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है। कंसास सिटी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली टीम ने स्विट्जरलैंड को 3-1 से मात दी। निर्धारित 90 मिनट और इंजरी टाइम तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर अटका रहा, लेकिन अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना ने शानदार खेल दिखाते हुए लगातार दो गोल दागे और जीत अपने नाम कर ली।

इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने वर्ल्ड कप इतिहास में छठी बार अंतिम चार में प्रवेश किया है। अब उसका सामना 15 जुलाई को इंग्लैंड से होगा। लगातार दूसरे विश्व कप में सेमीफाइनल तक पहुंचना भी अर्जेंटीना के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

मुकाबले की शुरुआत से ही अर्जेंटीना ने आक्रामक रणनीति अपनाई। शुरुआती मिनटों में गेंद पर नियंत्रण बनाते हुए टीम ने स्विस डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। इसका फायदा उसे मैच के 10वें मिनट में मिला, जब लियोनेल मेसी ने बेहतरीन विजन का परिचय देते हुए सटीक पास दिया और एलेक्सिस मैक एलिस्टर ने शानदार हेडर लगाकर गेंद को नेट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ अर्जेंटीना ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।

यह मौजूदा टूर्नामेंट में अर्जेंटीना का सबसे तेज गोल भी साबित हुआ। मेसी के लिए यह वर्ल्ड कप में उनका 10वां गोल असिस्ट रहा, जबकि मैक एलिस्टर ने लगातार दूसरे विश्व कप संस्करण में गोल करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कराया। इससे पहले उन्होंने 2022 विश्व कप में पोलैंड के खिलाफ गोल किया था।

शुरुआती झटके के बाद स्विट्जरलैंड ने खुद को संभाला और धीरे-धीरे मुकाबले में वापसी की कोशिश शुरू की। पहले हाफ में कई अवसर बने, लेकिन अर्जेंटीना की मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने विपक्षी खिलाड़ियों को सफलता नहीं मिलने दी। पहले 45 मिनट समाप्त होने तक अर्जेंटीना 1-0 से आगे रहा।

दूसरे हाफ में स्विस टीम बिल्कुल अलग अंदाज में मैदान पर उतरी। उसने तेज पासिंग और विंग अटैक के जरिए अर्जेंटीना की रक्षापंक्ति को चुनौती देना शुरू किया। लगातार हमलों का नतीजा 67वें मिनट में देखने को मिला, जब डैन एनड्यॉय ने शानदार मूव तैयार किया। उन्होंने बाईं ओर से तेजी से दौड़ लगाई, रिकार्डो रोड्रिग्ज के साथ बेहतरीन तालमेल दिखाया और फिर नियंत्रित शॉट लगाकर गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज को छकाते हुए स्कोर 1-1 कर दिया।

बराबरी का गोल होने के बाद मैच पूरी तरह रोमांचक हो गया। दोनों टीमों ने जीत हासिल करने के लिए लगातार प्रयास किए। अर्जेंटीना ने कई बार बढ़त बनाने की कोशिश की तो स्विट्जरलैंड ने भी जवाबी हमलों से दबाव बनाए रखा। निर्धारित 90 मिनट पूरे होने तक दोनों टीमों के बीच 1-1 की बराबरी बनी रही।

रेफरी ने मुकाबले में आठ मिनट का इंजरी टाइम जोड़ा। इस दौरान भी दोनों टीमों को अवसर मिले, लेकिन कोई भी खिलाड़ी निर्णायक गोल नहीं कर सका। इंजरी टाइम के अंतिम क्षणों में अर्जेंटीना को कॉर्नर मिला, जिस पर लिसेंड्रो मार्टिनेज ने शानदार प्रयास किया। हालांकि स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ग्रेगर कोबेल ने शानदार डाइव लगाते हुए बेहतरीन सेव किया और अपनी टीम को उस समय पीछे होने से बचा लिया।

निर्धारित समय और इंजरी टाइम में परिणाम नहीं निकलने के बाद मुकाबला अतिरिक्त समय में पहुंचा। यहां अर्जेंटीना का अनुभव और धैर्य साफ नज़र आया। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार आक्रमण करती रही। अतिरिक्त समय के दूसरे हिस्से में 112वें मिनट पर अर्जेंटीना को वह मौका मिला जिसका उसे इंतजार था।

जूलियन अल्वारेज ने विपक्षी डिफेंस की छोटी-सी गलती का फायदा उठाया और शानदार फिनिश के साथ गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल ने अर्जेंटीना को 2-1 की बढ़त दिला दी और स्विस टीम पर दबाव बढ़ गया।

इसके बाद स्विट्जरलैंड ने बराबरी की उम्मीद में अपने अधिकांश खिलाड़ियों को आक्रमण में झोंक दिया, लेकिन इससे उसकी रक्षापंक्ति खुल गई। अतिरिक्त समय के अंतिम क्षण यानी 121वें मिनट में अर्जेंटीना ने तेज काउंटर अटैक खेला और एमी मार्टिनेज ने तीसरा गोल दागकर मुकाबले का परिणाम पूरी तरह अपने पक्ष में कर लिया। इस गोल के साथ अर्जेंटीना ने 3-1 की शानदार जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया।

मैच के दौरान एक बड़ा विवाद भी देखने को मिला। दूसरे हाफ के 72वें मिनट में स्विट्जरलैंड के फॉरवर्ड ब्रील एम्बोलो को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया। वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की समीक्षा में पाया गया कि उन्होंने बिना किसी वास्तविक टैकल के गिरकर फाउल लेने की कोशिश की थी। निर्णय सुनते ही एम्बोलो काफी भावुक हो गए और मैदान पर ही रोते हुए नज़र आए। उनके बाहर होने से स्विट्जरलैंड की टीम को बड़ा झटका लगा।

इस मुकाबले के बाद अर्जेंटीना ने कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। विश्व कप इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी टीम ने एक ही संस्करण में दो अलग-अलग मुकाबलों के अतिरिक्त समय के एक ही हाफ में दो-दो गोल किए हों। इससे पहले अर्जेंटीना ने राउंड ऑफ-32 में केप वर्डे के खिलाफ भी अतिरिक्त समय में दो गोल दागे थे।

इसके अलावा अर्जेंटीना ने विश्व कप में लगातार 15वें मैच में गोल करने का कारनामा भी किया। इस सूची में अब उससे आगे केवल उरुग्वे, हंगरी, जर्मनी और ब्राजील जैसी टीमें हैं, जिन्होंने विश्व कप इतिहास में इससे लंबी गोल स्कोरिंग श्रृंखला बनाई है।

दूसरी ओर, स्विट्जरलैंड की एक शानदार उपलब्धि भी इस मुकाबले में समाप्त हो गई। स्विस टीम विश्व कप क्वालिफायर और 2026 विश्व कप के मुकाबलों को मिलाकर लगातार 1,030 मिनट यानी 17 घंटे 10 मिनट तक किसी भी मैच में पीछे नहीं हुई थी। लेकिन मैक एलिस्टर के शुरुआती गोल ने उस लंबे सिलसिले को खत्म कर दिया।

अर्जेंटीना के लिए यह जीत सिर्फ सेमीफाइनल में पहुंचने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने टीम के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी है। लियोनेल मेसी ने भले ही इस मुकाबले में गोल नहीं किया, लेकिन उनके अनुभव, पासिंग और नेतृत्व ने पूरी टीम को मजबूती दी। वहीं मैक एलिस्टर, जूलियन अल्वारेज और एमी मार्टिनेज ने अहम मौकों पर गोल कर यह साबित किया कि अर्जेंटीना केवल एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है।

अब सभी की नजरें 15 जुलाई को होने वाले सेमीफाइनल पर होंगी, जहां अर्जेंटीना का सामना इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम से होगा। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक माना जा रहा है। अगर अर्जेंटीना इसी लय को बरकरार रखता है तो लगातार दूसरे विश्व कप फाइनल में जगह बनाने का उसका सपना भी पूरा हो सकता है। दूसरी ओर इंग्लैंड भी शानदार फॉर्म में है, ऐसे में फुटबॉल प्रशंसकों को एक बेहद रोमांचक और यादगार सेमीफाइनल देखने की उम्मीद रहेगी।