फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में मेजबान अमेरिका ने इतिहास रच दिया है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2-0 की जीत के साथ अमेरिकी टीम ने लंबे इंतजार के बाद टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में जगह बना ली। करीब 32 साल बाद अमेरिका ने वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में पहुंचने में सफलता हासिल की है।
सिएटल स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-डी मुकाबले में अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर टूर्नामेंट में अपनी लगातार दूसरी जीत दर्ज की। खास बात यह रही कि टीम अपने स्टार खिलाड़ी क्रिश्चियन पुलिसिक के बिना मैदान पर उतरी थी। पिंडली की चोट के कारण पुलिसिक इस मुकाबले में हिस्सा नहीं ले सके, लेकिन अमेरिकी टीम ने उनकी कमी महसूस नहीं होने दी और एकजुट प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम की।
इस जीत के साथ अमेरिका ग्रुप-डी में 6 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। टीम ने अपने अभियान की शुरुआत भी शानदार अंदाज में की थी, जहां उसने पहले मुकाबले में पराग्वे को 4-1 से मात दी थी। वहीं ऑस्ट्रेलिया दूसरे स्थान पर मौजूद है। ग्रुप में तुर्किए और पराग्वे के खाते में फिलहाल एक-एक अंक है और दोनों टीमें आगे बढ़ने की उम्मीद बनाए हुए हैं।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरुआत से ही अमेरिका का दबदबा
मैच की शुरुआत से ही अमेरिकी खिलाड़ियों ने आक्रामक रुख अपनाया। टीम ने ऑस्ट्रेलिया के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया और इसका फायदा उसे 11वें मिनट में मिला। अमेरिका के लिए पहला गोल हालांकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी की गलती से आया। फोलारिन बालोगुन के खतरनाक क्रॉस को रोकने की कोशिश में ऑस्ट्रेलियाई डिफेंडर कैमरून बर्गेस से गेंद अपने ही गोल में चली गई। इस आत्मघाती गोल ने अमेरिका को शुरुआती बढ़त दिला दी।
1-0 की बढ़त मिलने के बाद अमेरिकी टीम का आत्मविश्वास और बढ़ गया। ऑस्ट्रेलिया ने बराबरी करने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन अमेरिकी डिफेंस ने उन्हें सफल नहीं होने दिया। पहले हाफ के आखिरी दौर में अमेरिका ने एक और बड़ा झटका दिया। 43वें मिनट में टीम ने अपनी बढ़त को दोगुना कर लिया। सिर्जिनो डेस्ट के प्रयास से निकली गेंद को एलेक्स फ्रीमैन ने शानदार हेडर के जरिए गोल में बदल दिया।
गोल को लेकर वीडियो रिव्यू किया गया, लेकिन जांच के बाद इसे सही करार दिया गया। 21 वर्षीय एलेक्स फ्रीमैन के लिए यह बेहद खास पल रहा क्योंकि यह उनका वर्ल्ड कप में पहला गोल था। दूसरे हाफ में ऑस्ट्रेलिया ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन अमेरिका की रक्षात्मक रणनीति के सामने उसे सफलता नहीं मिली। अमेरिकी खिलाड़ियों ने बढ़त को कायम रखा और मुकाबला 2-0 से जीतकर नॉकआउट दौर में अपनी जगह पक्की कर ली।
मोरक्को ने स्कॉटलैंड को हराया, साइबारी ने बनाया रिकॉर्ड
दूसरी ओर ग्रुप-सी में मोरक्को ने भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उसने स्कॉटलैंड को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। इस जीत के बाद मोरक्को ग्रुप-सी में 4 अंकों के साथ पहले स्थान पर पहुंच गया है। मोरक्को ने इससे पहले अपने शुरुआती मुकाबले में मजबूत टीम ब्राजील को ड्रॉ पर रोककर सभी को प्रभावित किया था। अब स्कॉटलैंड के खिलाफ जीत ने उसकी नॉकआउट दौर की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।
बूस्टन स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मोरक्को की जीत के हीरो इस्माइल साइबारी रहे। उन्होंने मैच का एकमात्र गोल किया और अपनी टीम को महत्वपूर्ण तीन अंक दिलाए। साइबारी का यह गोल कई मायनों में खास रहा। यह वर्ल्ड कप 2026 का अब तक का सबसे तेज गोल बन गया। साथ ही यह विश्व कप इतिहास में मोरक्को की ओर से किया गया सबसे जल्दी गोल भी है।
साइबारी ने शुरुआती मिनटों में ही बदली मैच की दिशा
मुकाबले में मोरक्को ने शुरुआत से ही तेज खेल दिखाया। टीम के आक्रमण ने स्कॉटलैंड के डिफेंस को दबाव में रखा। ब्राहिम डियाज के बेहतरीन पास पर इस्माइल साइबारी ने शानदार मूव बनाया। उन्होंने स्कॉटलैंड की रक्षापंक्ति को पीछे छोड़ते हुए गोलकीपर एंगस गन के सामने पहुंचकर बेहतरीन फिनिश किया। साइबारी की यह सफलता मोरक्को के लिए ऐतिहासिक साबित हुई। वह विश्व कप के शुरुआती दो मुकाबलों में गोल करने वाले केवल दूसरे अफ्रीकी खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले यह उपलब्धि मिस्र के मोहम्मद सलाह ने 2018 वर्ल्ड कप में हासिल की थी।
मोरक्को ने इसके बाद पूरे मैच में अपनी बढ़त को संभालकर रखा। स्कॉटलैंड ने बराबरी के लिए कई मौके बनाने की कोशिश की, लेकिन मोरक्को की मजबूत डिफेंस लाइन ने हर प्रयास को रोक दिया।
वर्ल्ड कप में मजबूत दावेदारी पेश कर रहे अमेरिका और मोरक्को
2026 वर्ल्ड कप में अमेरिका और मोरक्को दोनों ही टीमें अब तक प्रभावशाली नजर आई हैं। अमेरिका ने मेजबान होने के दबाव को शानदार तरीके से संभाला है और लगातार दो जीत के साथ अगले दौर में जगह बना ली है। वहीं मोरक्को ने भी अपने प्रदर्शन से साबित किया है कि वह सिर्फ भाग लेने नहीं बल्कि बड़ी टीमों को चुनौती देने के इरादे से उतरा है। ब्राजील जैसी मजबूत टीम को रोकने के बाद स्कॉटलैंड के खिलाफ जीत ने उसकी ताकत को दिखाया है।
अमेरिका के लिए सबसे बड़ी बात यह रही कि उसने अपने सबसे बड़े स्टार खिलाड़ी पुलिसिक की गैरमौजूदगी में भी शानदार टीम गेम दिखाया। दूसरी तरफ मोरक्को को साइबारी जैसे खिलाड़ियों से लगातार उम्मीदें बढ़ रही हैं। दोनों टीमों की नजर अब टूर्नामेंट के अगले चरण में बेहतर प्रदर्शन करने पर होगी। अमेरिका जहां घरेलू मैदान के फायदे का इस्तेमाल करना चाहेगा, वहीं मोरक्को अपनी ऐतिहासिक यात्रा को और आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।




