गुजरात में सोमवार को उस समय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हलचल बढ़ गई, जब एक धमकी भरे ईमेल में सोमनाथ मंदिर समेत भारतीय जनता पार्टी के कई कार्यालयों को बम से उड़ाने की बात कही गई। ईमेल सामने आने के बाद अहमदाबाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। खानपुर इलाके में स्थित बीजेपी कार्यालय में पुलिस, फायर ब्रिगेड और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) की टीमों ने पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उन स्थानों पर भी सुरक्षा जांच शुरू की गई, जिनका नाम धमकी वाले संदेश में लिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच के दौरान खानपुर स्थित बीजेपी कार्यालय से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग हैं।
सुबह सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां हुईं सक्रिय
पुलिस के मुताबिक, धमकी की जानकारी सोमवार सुबह करीब 9 बजे सामने आई। गांधीनगर स्थित राज्य खुफिया ब्यूरो की ओर से अहमदाबाद पुलिस को अलर्ट किया गया। सूचना मिलते ही खानपुर स्थित बीजेपी कार्यालय में सुरक्षा बढ़ाई गई और अलग-अलग टीमों को मौके पर भेजा गया।
एसीपी अद्वैत गांधी के अनुसार, सूचना मिलने के बाद BDDS ने कार्यालय परिसर की विस्तृत जांच की। स्थानीय स्तर पर भी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए। अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी के दौरान किसी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और मौके पर स्थिति सामान्य बनी हुई है।
पुलिस के साथ अहमदाबाद अग्निशमन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए परिसर और आसपास के हिस्सों की जांच की गई। सुरक्षा प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई कि कार्यालय में किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री मौजूद न हो।
धमकी में सोमनाथ मंदिर का भी नाम
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि धमकी वाले ईमेल में केवल बीजेपी कार्यालय का जिक्र नहीं किया गया था। संदेश में गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई थी। इसके अलावा बीजेपी के अन्य कार्यालयों का नाम भी ईमेल में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अहमदाबाद के खानपुर कार्यालय के साथ गांधीनगर के कोबा स्थित बीजेपी कार्यालय और पार्टी के प्रदेश मुख्यालय ‘कमलम’ का भी उल्लेख किया गया। कुछ रिपोर्टों में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, पुलिसकर्मियों और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी RAW को भी धमकी के संभावित निशाने के रूप में बताए जाने की जानकारी दी गई है।
धमकी के बाद संबंधित स्थानों पर सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी। हालांकि, अभी तक ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है कि धमकी में किए गए बम रखने के दावे के मुताबिक किसी स्थान से विस्फोटक बरामद हुआ हो।
ईमेल में कई आपत्तिजनक नारे लिखे होने की बात
पुलिस को मिले संदेश की सामग्री भी जांच का हिस्सा है। रिपोर्टों के अनुसार, ईमेल में भारत और बीजेपी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लिखे गए थे। संदेश में पाकिस्तान और खालिस्तान के समर्थन से जुड़े नारे भी शामिल होने की बात सामने आई है। इसके अलावा अलग-अलग जगहों पर बम रखे जाने का दावा किया गया।
जांच एजेंसियां फिलहाल इन दावों को सत्यापित करने में जुटी हैं। ऐसे मामलों में धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां दावे को सीधे सच मानने के बजाय संबंधित स्थानों की सुरक्षा जांच करती हैं और साथ ही संदेश के तकनीकी स्रोत की पड़ताल करती हैं।
पुलिस अब ईमेल के तकनीकी विवरण, उसके स्रोत और इसे भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
खानपुर बीजेपी कार्यालय में चला तलाशी अभियान
धमकी की जानकारी मिलते ही खानपुर स्थित बीजेपी कार्यालय में सुरक्षा अभियान शुरू किया गया। पुलिस और BDDS की टीमों ने परिसर के अलग-अलग हिस्सों की जांच की। फायर ब्रिगेड की टीम भी सुरक्षा व्यवस्था के तहत मौके पर मौजूद रही।
जांच के दौरान अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट और बीजेपी के नगर महासचिव उमंग नायक भी कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया।
पुलिस की प्राथमिक जांच में कार्यालय से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर जांच प्रक्रिया को गंभीरता से जारी रखा, क्योंकि धमकी में एक से अधिक संवेदनशील स्थानों का नाम लिया गया था।
सोमनाथ और कोबा में भी बढ़ाई गई सतर्कता
ईमेल में जिन दूसरे स्थानों का जिक्र किया गया था, वहां भी सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू की। सोमनाथ मंदिर को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई, जबकि कोबा स्थित बीजेपी कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
सोमनाथ मंदिर गुजरात का प्रमुख धार्मिक स्थल है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी धमकी की सूचना मिलने पर सुरक्षा एजेंसियों के लिए तत्काल जांच करना जरूरी हो जाता है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, धमकी के बाद सुरक्षा जांच की गई है और किसी विस्फोटक सामग्री की बरामदगी की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस कर रही है ईमेल भेजने वाले की तलाश
अब जांच का मुख्य फोकस धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने पर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदेश किस ईमेल आईडी से भेजा गया, उसका तकनीकी स्रोत क्या है और इसके पीछे कौन व्यक्ति या समूह हो सकता है।
अधिकारियों के सामने यह भी चुनौती है कि धमकी वास्तविक थी या केवल दहशत पैदा करने के उद्देश्य से भेजी गई थी। इसकी पुष्टि तकनीकी जांच और संबंधित स्थानों की सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
एसीपी अद्वैत गांधी ने बताया कि फिलहाल स्थानीय स्तर पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है और स्थिति सामान्य है। उन्होंने यह भी कहा कि ईमेल किसने भेजा और उसका स्रोत क्या है, इसकी जांच की जा रही है।
गुजरात में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब गुजरात में हाल के दिनों में अलग-अलग सरकारी संस्थानों, अदालतों और अन्य संवेदनशील स्थानों को लेकर धमकी भरे ईमेल के मामले सामने आए हैं। सितंबर में अहमदाबाद की अदालतों और राज्य के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों के संबंध में भी बम धमकी वाले संदेशों की जानकारी सामने आई थी।
इससे पहले गुजरात पुलिस की एक जांच में कथित अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क का भी खुलासा हुआ था। पुलिस के अनुसार, इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था और जांच के दौरान 5,13,847 ईमेल आईडी तथा पासवर्ड से जुड़ा डेटा बरामद होने की बात सामने आई थी। अधिकारियों ने इस नेटवर्क के इस्तेमाल से धमकी भरे ईमेल भेजे जाने की आशंका जताई थी।
हालांकि, मौजूदा मामले में इस पुराने नेटवर्क और सोमवार को मिले ईमेल के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां दोनों पहलुओं को अलग-अलग स्तर पर देख रही हैं।
अभी तक नहीं मिला कोई विस्फोटक
सबसे अहम जानकारी यह है कि खानपुर बीजेपी कार्यालय की तलाशी के दौरान पुलिस और BDDS को कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। अन्य स्थानों को लेकर भी धमकी की सत्यता की जांच जारी है।
पुलिस ने लोगों से किसी भी अफवाह पर भरोसा न करने और आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियां ईमेल की तकनीकी जांच के साथ-साथ उन सभी स्थानों की निगरानी कर रही हैं, जिनका नाम संदेश में आया है।
फिलहाल मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच ईमेल के स्रोत, भेजने वाले की पहचान और धमकी की वास्तविकता पर केंद्रित है। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था को जरूरत के अनुसार आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
इस तरह, सोमनाथ मंदिर, खानपुर बीजेपी कार्यालय और अन्य स्थानों को लेकर सामने आए धमकी भरे ईमेल ने गुजरात की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। तलाशी अभियान में अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने के बावजूद पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।




