आज से एशियन गेम्स का आगाज, मनु भाकर और पवन सहरावत संभालेंगे तिरंगा; भारत की नजर 107 मेडल के रिकॉर्ड से आगे निकलने पर

आज से एशियन गेम्स का आगाज, मनु भाकर और पवन सहरावत संभालेंगे तिरंगा; भारत की नजर 107 मेडल के रिकॉर्ड से आगे निकलने पर

जापान के नागोया में शनिवार से 20वें एशियन गेम्स का औपचारिक आगाज होने जा रहा है। एशिया के इस बड़े खेल आयोजन की ओपनिंग सेरेमनी आइची के नागोया स्थित पालोमा मिजुहो स्टेडियम में आयोजित की जाएगी। भारतीय समय के अनुसार समारोह दोपहर करीब 2:30 बजे शुरू होगा, जबकि जापान के स्थानीय समय के मुताबिक इसका आयोजन शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा। इसके साथ ही अगले कई दिनों तक चलने वाले मुकाबलों का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ हो जाएगा।

इस बार एशियन गेम्स में 45 देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिताओं का आयोजन 43 अलग-अलग खेलों में किया जाएगा। टूर्नामेंट 19 सितंबर से शुरू होकर 4 अक्टूबर तक चलेगा। भारत ने इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता के लिए 503 खिलाड़ियों का दल भेजा है। भारतीय दल में कई ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं, जिनसे अलग-अलग खेलों में पदक की उम्मीद की जा रही है।

मनु भाकर के साथ पवन सहरावत को मिली तिरंगा थामने की जिम्मेदारी

ओपनिंग सेरेमनी में भारत की ओर से तिरंगा थामने की जिम्मेदारी इस बार निशानेबाज मनु भाकर और कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत को दी गई है। दोनों भारतीय दल की अगुवाई करते हुए समारोह में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

पहले शॉटपुट खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर के भी ध्वजवाहक बनने की चर्चा थी, लेकिन उन्हें अब तक भारतीय टीम की आधिकारिक किट नहीं मिल सकी है। इसी वजह से तिरंगा थामने की जिम्मेदारी में बदलाव किया गया और पवन सहरावत को मनु भाकर के साथ चुना गया।

मनु भाकर हाल के वर्षों में भारतीय निशानेबाजी की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रही हैं। वहीं पवन सहरावत लंबे समय से कबड्डी में भारत का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं। दोनों के लिए एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय ध्वज के साथ उतरना एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।

नागोया में तीसरी बार एशियन गेम्स की मेजबानी कर रहा जापान

जापान के लिए भी यह आयोजन खास है, क्योंकि देश तीसरी बार एशियन गेम्स की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले 1958 में टोक्यो और 1994 में हिरोशिमा में एशियन गेम्स आयोजित किए जा चुके हैं। अब करीब तीन दशक से ज्यादा समय बाद जापान में एक बार फिर इस महाद्वीपीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है।

ओपनिंग सेरेमनी नागोया के पालोमा मिजुहो स्टेडियम में होगी। समारोह में विभिन्न देशों के खिलाड़ी और अधिकारी अपने-अपने दल के साथ शामिल होंगे। इसके बाद एशियन गेम्स के अलग-अलग खेलों में पदक के लिए मुकाबले जारी रहेंगे।

नागोया और आसपास के आइची क्षेत्र में इस आयोजन को लेकर काफी समय से तैयारियां चल रही थीं। खेलों के दौरान एथलीटों को अलग-अलग प्रतियोगिताओं में अपना प्रदर्शन दिखाने का मौका मिलेगा।

भारत ने पिछली बार रचा था इतिहास

भारतीय खिलाड़ियों के लिए पिछला एशियन गेम्स बेहद सफल रहा था। चीन के हांगझोउ में आयोजित पिछले संस्करण में भारत ने कुल 107 पदक अपने नाम किए थे। इनमें 28 स्वर्ण पदक शामिल थे। यह एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का अब तक का सबसे बड़ा पदक प्रदर्शन रहा।

इस बार भारतीय दल के सामने उसी प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती होगी। शूटिंग से भारत को एक बार फिर काफी उम्मीदें हैं। इसके अलावा बैडमिंटन, बॉक्सिंग, कुश्ती, क्रिकेट और वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी पदक की दौड़ में दिखाई दे सकते हैं।

भारतीय खेल प्रशंसकों की नजर खास तौर पर उन खिलाड़ियों पर रहेगी, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले भी देश के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है। अलग-अलग खेलों में मजबूत दावेदारों की मौजूदगी के कारण भारत के मुकाबले पूरे टूर्नामेंट के दौरान चर्चा में रहने की उम्मीद है।

इस बार पिछले संस्करण से छोटा है भारतीय दल

भारत ने हांगझोउ एशियन गेम्स की तुलना में इस बार कम खिलाड़ियों को भेजा है। चीन में आयोजित पिछले संस्करण में भारत की ओर से 661 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। उस दल में 333 पुरुष और 328 महिला खिलाड़ी शामिल थे।

इस बार भारतीय दल में कुल 503 खिलाड़ी हैं। यानी पिछले एशियन गेम्स की तुलना में खिलाड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। इसके बावजूद भारतीय दल में कई अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का मिश्रण देखने को मिलेगा।

खिलाड़ियों की संख्या कम होने के बावजूद अलग-अलग खेलों में भारत की भागीदारी बनी हुई है। अब प्रतियोगिता शुरू होने के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सबकी नजर रहेगी।

पहले दिन ही क्विंसी डिसूजा का पदक पक्का, लेकिन फाइनल से चूकीं

एशियन गेम्स के शुरुआती मुकाबलों में भारत के लिए टेकबॉल से क्विंसी डिसूजा ने अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि महिला एकल के सेमीफाइनल में उन्हें इंडोनेशिया की सुमाया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और उनका फाइनल में पहुंचने का मौका खत्म हो गया।

मुंबई की 24 वर्षीय क्विंसी ने मुकाबले की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी। उन्होंने पहला गेम 12-7 के अंतर से अपने नाम कर लिया। इसके बाद ऐसा लग रहा था कि वह फाइनल में जगह बना सकती हैं।

हालांकि इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने अगले गेम में वापसी की। सुमाया ने दूसरा गेम 12-9 से जीतकर मुकाबला बराबरी की ओर पहुंचा दिया। निर्णायक तीसरे गेम में भी उन्होंने क्विंसी को 12-7 से हराया और फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

क्विंसी अब कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगी। उनका अगला मैच 20 सितंबर को जापान की यूइना साकामोटो के खिलाफ होगा। साकामोटो महिला एकल रैंकिंग में सातवें स्थान पर हैं। ऐसे में क्विंसी के सामने अब पदक जीतने के लिए एक और महत्वपूर्ण मुकाबला होगा।

ऋषभ पंत ने भारतीय खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला

भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत ने भी एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाले देश के खिलाड़ियों के लिए अपना समर्थन जताया है। पंत ने कहा कि वह एशियन गेम्स को देखने के लिए उत्साहित है।

उन्होंने भारतीय प्रशंसकों से भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने और उनके साथ खड़े रहने की अपील की। एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर खिलाड़ियों को देशवासियों के समर्थन से अतिरिक्त ऊर्जा मिलती है।

भारतीय टीम के कई खिलाड़ी पहली बार इस स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं, जबकि कुछ एथलीट पहले भी एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। ऐसे में अनुभव और युवा जोश का मिश्रण भारतीय दल में देखने को मिलेगा।

43 खेलों में होगी पदक की जंग

नागोया एशियन गेम्स में कुल 43 खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन खेलों में एशिया के अलग-अलग देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी पदकों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे।

भारत की चुनौती कई खेलों में होगी। शूटिंग में अनुभवी खिलाड़ियों के अलावा नए चेहरे भी अपनी दावेदारी पेश करेंगे। बॉक्सिंग और कुश्ती जैसे खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदगी महत्वपूर्ण रहेगी। बैडमिंटन और वेटलिफ्टिंग में भी भारतीय खिलाड़ी पदक की उम्मीद के साथ उतरेंगे। क्रिकेट की मौजूदगी भी इन एशियन गेम्स को भारतीय दर्शकों के लिए खास बनाएगी।

अब जबकि ओपनिंग सेरेमनी के साथ प्रतियोगिता का औपचारिक आगाज हो रहा है, भारतीय खेल प्रेमियों की नजर अगले दो सप्ताह से ज्यादा समय तक नागोया पर रहेगी। 4 अक्टूबर को टूर्नामेंट के समापन तक भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग खेलों में पदक के लिए मुकाबला करेंगे।

पिछले संस्करण में 107 पदकों के ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद इस बार भारतीय दल एक नए अभियान के साथ जापान पहुंचा है। खिलाड़ियों की संख्या पिछली बार से कम जरूर है, लेकिन प्रतियोगिता में शामिल भारतीय एथलीट अलग-अलग खेलों में देश के लिए पदक हासिल करने की कोशिश करेंगे। अब शुरुआती मुकाबलों के साथ यह साफ होगा कि भारत के खिलाड़ी नागोया में अपने प्रदर्शन को किस स्तर तक ले जा पाते हैं।