एशियन गेम्स क्रिकेट में भारत-पाकिस्तान की खिताबी भिड़ंत, गोल्ड मेडल पर होगी दोनों टीमों की नजर

एशियन गेम्स क्रिकेट में भारत-पाकिस्तान की खिताबी भिड़ंत, गोल्ड मेडल पर होगी दोनों टीमों की नजर

एशियन गेम्स के मेंस क्रिकेट टूर्नामेंट में इस बार फाइनल मुकाबला बेहद खास होने जा रहा है। पहली बार एशियन गेम्स के इतिहास में भारत और पाकिस्तान की पुरुष क्रिकेट टीमें गोल्ड मेडल के लिए आमने-सामने होंगी। टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को एकतरफा मुकाबले में 124 रन से मात देकर फाइनल का टिकट कटाया, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने बारिश से प्रभावित मुकाबले में बांग्लादेश को 6 विकेट से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। अब दोनों पड़ोसी देशों के बीच गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला 3 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से खेला जाएगा।

भारत और श्रीलंका के बीच सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट गंवाकर 169 रन का स्कोर खड़ा किया। टॉस श्रीलंका के पक्ष में गया था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने परिस्थितियों के मुताबिक आक्रामक क्रिकेट खेलते हुए स्कोरबोर्ड पर चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा कर दिया। भारत की ओर से सबसे बड़ी पारी ईशान किशन ने खेली। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 80 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। ईशान ने पारी के अंतिम हिस्से में तेजी से रन बटोरे और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

भारत की पारी में वैभव सूर्यवंशी ने भी तेजतर्रार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने महज 21 गेंदों में 38 रन ठोक दिए। वैभव की इस पारी में 6 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। उनकी आक्रामक शुरुआत ने भारतीय पारी को गति देने का काम किया। कप्तान श्रेयस अय्यर हालांकि बड़ी पारी नहीं खेल सके और उनके बल्ले से 13 रन निकले। इसके बावजूद ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी की पारियों के दम पर भारत 169 रन तक पहुंचने में सफल रहा।

169 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह दबाव में नजर आई। टीम की बल्लेबाजी भारतीय आक्रमण का सामना नहीं कर सकी और पूरी पारी सिर्फ 45 रन पर सिमट गई। श्रीलंका ने 9.5 ओवर में अपने सभी विकेट गंवा दिए। उसकी पारी की सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि उसके छह बल्लेबाज अपना खाता तक नहीं खोल सके। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा और विकेटों का सिलसिला लगातार जारी रहा।

भारत की गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और अभिषेक शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो-दो विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा श्रीलंका के तीन बल्लेबाज रन आउट हुए। भारतीय टीम की फील्डिंग भी प्रभावी रही और रन आउट के जरिए मिले तीन विकेटों ने श्रीलंका की पारी को और ज्यादा कमजोर कर दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई बल्लेबाज साझेदारी बनाने में नाकाम रहे और पूरी टीम 45 रन पर पवेलियन लौट गई।

मुकाबले का आखिरी चरण बेहद नाटकीय रहा। श्रीलंका की पारी के 10वें ओवर में लगातार विकेट गिरने से उसकी पारी पूरी तरह समाप्त हो गई। 9.3 ओवर पर तिलक वर्मा की फील्डिंग के जरिए थारिंदु रत्नायके रन आउट हुए। उन्होंने 5 रन बनाए। इसके बाद 9.4 ओवर पर अभिषेक शर्मा ने चमिका करुणारत्ने को 4 रन के निजी स्कोर पर स्टंपिंग के जरिए आउट कराया। अगली ही गेंद पर अभिषेक ने बिनुरा फर्नांडो को बोल्ड कर दिया। इस विकेट के साथ अभिषेक शर्मा ने मुकाबले में अपना दूसरा विकेट पूरा किया और श्रीलंका की पारी का अंत हो गया।

भारतीय टीम की इस जीत में बल्लेबाजों के साथ गेंदबाजों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही। 169 रन का स्कोर बनाने के बाद भारत ने जिस तरह श्रीलंका को सिर्फ 45 रन पर रोक दिया, उससे मुकाबले में भारतीय टीम का दबदबा साफ नजर आया। श्रीलंका के छह बल्लेबाजों का बिना खाता खोले आउट होना इस बात को दर्शाता है कि भारतीय गेंदबाजों ने विपक्षी टीम को किसी भी चरण में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। बुमराह और अक्षर ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि अभिषेक ने भी गेंद से उपयोगी योगदान दिया।

दूसरी तरफ टूर्नामेंट के दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच मुकाबला बारिश की वजह से प्रभावित हुआ। खराब मौसम के कारण मैच को छोटा करना पड़ा और दोनों टीमों को 13-13 ओवर खेलने का मौका मिला। बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 13 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 111 रन बनाए। पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 112 रन का संशोधित लक्ष्य था।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने बांग्लादेश के गेंदबाजों का सामना करते हुए 11.3 ओवर में 4 विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस तरह टूर्नामेंट के दोनों सेमीफाइनल के नतीजे सामने आने के बाद अब गोल्ड मेडल की जंग भारत और पाकिस्तान के बीच तय हो गई है।

भारत-पाकिस्तान का यह फाइनल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एशियन गेम्स के इतिहास में पहली बार दोनों देशों की पुरुष क्रिकेट टीमें खिताबी मुकाबले में आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच क्रिकेट मुकाबले को लेकर हमेशा से काफी दिलचस्पी रही है और इस बार एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल का दांव भी लगा होगा। फाइनल में दोनों टीमों के खिलाड़ी अपने-अपने सेमीफाइनल प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए खिताब पर कब्जा करने की कोशिश करेंगे।

भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल में सबसे बड़ी सकारात्मक बात उसकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी का संतुलित प्रदर्शन रहा। ईशान किशन ने नाबाद 80 रन बनाकर पारी को संभाला और तेजी भी दी। वैभव सूर्यवंशी ने 38 रन की आक्रामक पारी खेलकर रन रेट को बढ़ाया। इसके बाद गेंदबाजों ने श्रीलंका को बड़े स्कोर से दूर रखने के साथ-साथ उसकी पूरी पारी को महज 45 रन पर समेट दिया। इस तरह भारत ने मुकाबले को शुरुआत से अंत तक अपने नियंत्रण में रखा।

श्रीलंका की पारी के दौरान भारतीय फील्डरों ने भी अहम योगदान दिया। तीन रन आउट ने श्रीलंकाई बल्लेबाजी क्रम पर अतिरिक्त दबाव बनाया। जब कोई टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए लगातार विकेट गंवाती है, तो उसके लिए जरूरी रन रेट के साथ-साथ साझेदारी बनाना भी मुश्किल हो जाता है। श्रीलंका के मामले में भी यही देखने को मिला और उसके बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ टिक नहीं पाए।

अब निगाहें 3 अक्टूबर के फाइनल पर रहेंगी। भारत और पाकिस्तान दोनों ही टीमें सेमीफाइनल जीतकर आत्मविश्वास के साथ खिताबी मुकाबले में उतरेंगी। भारत के पास श्रीलंका के खिलाफ मिली बड़ी जीत के बाद अपनी लय बनाए रखने की चुनौती होगी, जबकि पाकिस्तान बांग्लादेश के खिलाफ हासिल की गई जीत के बाद गोल्ड मेडल के लिए मैदान में उतरेगा। मुकाबला सुबह 10 बजे से खेला जाना है और इस ऐतिहासिक फाइनल के नतीजे से एशियन गेम्स के क्रिकेट टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल विजेता तय होगा।

भारत के लिए फाइनल से पहले ईशान किशन की फॉर्म, वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी और बुमराह, अक्षर पटेल तथा अभिषेक शर्मा की गेंदबाजी अहम पहलू होंगे। वहीं पाकिस्तान की टीम भी अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर भारत के सामने चुनौती पेश करेगी। एशियन गेम्स में पहली बार पुरुष क्रिकेट का फाइनल भारत और पाकिस्तान के बीच होने के कारण यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे चर्चित मैचों में शामिल हो गया है।