करवा चौथ का त्योहार नजदीक आते ही महिलाओं के बीच व्रत की तारीख, पूजा के शुभ मुहूर्त और चांद निकलने के समय को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। इस साल खास तौर पर 28 और 29 अक्टूबर की तारीख को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अगर आप भी इसी उलझन में हैं, तो जान लें कि उत्तर भारत में प्रचलित पंचांग के अनुसार करवा चौथ का व्रत गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन की खुशहाली की कामना के साथ व्रत रखेंगी।
नई दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग गणना के मुताबिक, चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर की रात 1 बजकर 6 मिनट पर शुरू होगी और रात 10 बजकर 9 मिनट तक रहेगी। वहीं, दिल्ली में चांद निकलने का अनुमानित समय रात 8 बजकर 17 मिनट है। पूजा के लिए शाम 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक का समय बताया गया है। हालांकि, दूसरे शहरों में चंद्रोदय और पूजा के समय में अंतर हो सकता है। इसलिए व्रत रखने वाली महिलाओं को अपने शहर के पंचांग के अनुसार तैयारी करनी चाहिए।
28 अक्टूबर या 29 अक्टूबर, किस दिन है करवा चौथ?
करवा चौथ की तारीख तय करते समय केवल अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख देखना पर्याप्त नहीं होता। इस पर्व के लिए हिंदू पंचांग में चतुर्थी तिथि और चंद्रोदय के समय का विशेष महत्व माना जाता है। उत्तर भारतीय परंपरा के अनुसार यह व्रत कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है।
साल 2026 में चतुर्थी तिथि 28 अक्टूबर की शाम के बजाय आधी रात के बाद शुरू हो रही है। पंचांग के मुताबिक, इसका आरंभ 29 अक्टूबर को रात 1 बजकर 6 मिनट पर होगा। इसी दिन शाम को चंद्रमा के दर्शन के समय भी चतुर्थी तिथि मौजूद रहेगी। इस वजह से भारत में करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा।
द्रिक पंचांग में भी नई दिल्ली के लिए 29 अक्टूबर को ही करवा चौथ की तारीख दर्ज है। इसलिए व्रत की तैयारी करने वाली महिलाओं को तारीख को लेकर भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। हालांकि, विदेशों में रहने वाले लोगों के लिए स्थानीय समय और पंचांग के कारण तारीख अलग हो सकती है। व्रत रखने से पहले संबंधित स्थान की गणना देखना जरूरी है।
करवा चौथ 2026 की प्रमुख तारीखें और समय इस प्रकार हैं:
- करवा चौथ: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
- चतुर्थी तिथि का आरंभ: 29 अक्टूबर, रात 1:06 बजे
- चतुर्थी तिथि का समापन: 29 अक्टूबर, रात 10:09 बजे
- नई दिल्ली में पूजा का मुहूर्त: शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक
- नई दिल्ली में अनुमानित चंद्रोदय: रात 8:17 बजे
ये समय नई दिल्ली के पंचांग पर आधारित हैं। दूसरे शहरों में स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा की स्थिति के कारण समय अलग हो सकता है।
दिल्ली-NCR में किस समय करें करवा चौथ की पूजा?
करवा चौथ के दिन शाम की पूजा का विशेष महत्व होता है। नई दिल्ली में पूजा के लिए शुभ समय शाम 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक निर्धारित किया गया है। इस अवधि में महिलाएं अपनी पारिवारिक और धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा कर सकती हैं।
पूजा के दौरान भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की आराधना की जाती है। कई परिवारों में करवा चौथ की कथा सुनने और सुनाने की परंपरा भी निभाई जाती है। पूजा में करवा यानी मिट्टी या अन्य सामग्री से बने पात्र का विशेष स्थान होता है। महिलाएं पूजा की थाली सजाती हैं, दीपक जलाती हैं और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं।
ध्यान रखने वाली बात यह है कि दिल्ली के लिए बताया गया मुहूर्त पूरे देश में समान रूप से लागू नहीं होता। नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद जैसे आसपास के क्षेत्रों में समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। दूसरे राज्यों के शहरों में अंतर और अधिक हो सकता है। ऐसे में स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।
दिल्ली से मुंबई तक, आपके शहर में कब निकलेगा चांद?
करवा चौथ पर व्रत रखने वाली महिलाएं दिनभर उपवास करने के बाद चंद्रमा के दर्शन का इंतजार करती हैं। चंद्रमा को अर्घ्य देने और धार्मिक रीति पूरी करने के बाद व्रत खोला जाता है। इसी कारण चंद्रोदय का समय इस पर्व की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
29 अक्टूबर 2026 को अलग-अलग शहरों के लिए उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार चंद्रमा निकलने का अनुमानित समय इस प्रकार है:
- कोलकाता: शाम 7:47 बजे
- पटना: शाम 7:52 बजे
- लखनऊ: रात 8:06 बजे
- नोएडा: रात 8:16 बजे
- नई दिल्ली: रात 8:17 बजे
- जयपुर: रात 8:28 बजे
- मुंबई: रात 9:00 बजे
ये समय द्रिक पंचांग पर आधारित शहरवार विवरण में दिए गए अनुमानों के अनुरूप हैं। करवा चौथ 2026 के शहरवार चंद्रोदय समय में भी प्रमुख शहरों के लिए समय की जानकारी दी गई है।
इस सूची से स्पष्ट है कि देश के सभी शहरों में चांद एक ही समय पर नहीं दिखाई देगा। उदाहरण के लिए, कोलकाता में चंद्रोदय दिल्ली के मुकाबले पहले होने का अनुमान है, जबकि मुंबई में महिलाओं को अपेक्षाकृत देर तक इंतजार करना पड़ सकता है। दिल्ली और मुंबई के अनुमानित समय में करीब 43 मिनट का अंतर है।
चंद्रोदय का समय जानने के लिए अपने शहर का नाम चुनना जरूरी है। केवल राष्ट्रीय राजधानी के समय को देखकर दूसरे शहरों में व्रत खोलने की तैयारी नहीं करनी चाहिए। स्थानीय मौसम, आसपास की इमारतों और क्षितिज की स्थिति के कारण चंद्रमा के वास्तविक दर्शन में भी कुछ देर हो सकती है।
सरगी से चंद्रदर्शन तक, कैसे निभाई जाती है करवा चौथ की परंपरा?
करवा चौथ की शुरुआत कई परिवारों में सूर्योदय से पहले सरगी खाने के साथ होती है। सरगी में आम तौर पर फल, मेवे, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं। यह भोजन पारिवारिक परंपरा के अनुसार तैयार किया जाता है। कई समुदायों में सास अपनी बहू को सरगी देती हैं, हालांकि अलग-अलग परिवारों में रीति-रिवाज भिन्न हो सकते हैं।
सरगी के बाद महिलाएं व्रत शुरू करती हैं। पारंपरिक रूप से यह निर्जला व्रत होता है, जिसमें भोजन और पानी दोनों का सेवन नहीं किया जाता। दिनभर महिलाएं घर के काम, पूजा की तैयारी और परिवार के साथ त्योहार मनाने में समय बिताती हैं। कई महिलाएं हाथों में मेहंदी लगाती हैं और पारंपरिक कपड़े तथा आभूषण पहनती हैं।
शाम को पूजा के लिए थाली तैयार की जाती है। इसमें दीपक, रोली, चावल, मिठाई, करवा और पूजा की अन्य सामग्री रखी जाती है। इसके बाद परिवार की परंपरा के अनुसार करवा चौथ की कथा सुनी जाती है और देवी-देवताओं की आराधना की जाती है।
चांद निकलने पर महिलाएं उसके दर्शन करती हैं और अर्घ्य अर्पित करती हैं। कई परिवारों में चंद्रमा को छलनी से देखने और फिर उसी छलनी से पति का चेहरा देखने की परंपरा है। इसके बाद पति के हाथों से पानी पीकर या परिवार की रीति के अनुसार भोजन करके व्रत खोला जाता है। इन परंपराओं का स्वरूप अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में बदल सकता है।
क्या चांद निकलने के निर्धारित समय पर ही दर्शन हो जाएंगे?
पंचांग में दर्ज चंद्रोदय का समय खगोलीय गणना पर आधारित होता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि ठीक उसी मिनट चंद्रमा हर स्थान से साफ दिखाई देने लगेगा। आसमान में बादल, धुंध, प्रदूषण, पहाड़ियां या आसपास की ऊंची इमारतें चंद्रदर्शन में बाधा बन सकती हैं।
इसलिए यदि आपके शहर में चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 17 मिनट बताया गया है, लेकिन उस समय चांद नजर नहीं आता, तो कुछ देर प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है। चंद्रमा की वास्तविक दृश्यता स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करती है। ऐसे में जल्दबाजी करने के बजाय आसमान की स्थिति देखना और परिवार की धार्मिक परंपरा का पालन करना उचित है।
एक और जरूरी बात यह है कि अलग-अलग पंचांग या वेबसाइटों पर चंद्रोदय के समय में कुछ मिनटों का अंतर दिखाई दे सकता है। गणना की पद्धति, स्थान के सटीक निर्देशांक और समय को प्रदर्शित करने के तरीके के कारण ऐसा हो सकता है। इसलिए एक विश्वसनीय स्थानीय पंचांग को आधार बनाएं और उसी के अनुसार पूजा की तैयारी करें।
व्रत रखने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
करवा चौथ की तैयारी करते समय केवल पूजा का मुहूर्त और चांद निकलने का समय ही नहीं, बल्कि अपनी सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए। दिनभर बिना भोजन और पानी के रहने से कुछ लोगों को कमजोरी, चक्कर या सिरदर्द हो सकता है। यदि किसी को कोई बीमारी है, नियमित दवा लेनी पड़ती है या चिकित्सकीय कारणों से उपवास रखना उचित नहीं है, तो व्रत के संबंध में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
व्रत रखने वाली महिलाएं अपनी क्षमता और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर तैयारी करें। सरगी में संतुलित भोजन लेना, पर्याप्त आराम करना और पूजा की सामग्री पहले से तैयार रखना उपयोगी हो सकता है। किसी भी तरह की अस्वस्थता महसूस होने पर स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
भारत में करवा चौथ 2026 का व्रत गुरुवार, 29 अक्टूबर को रखा जाएगा। नई दिल्ली में शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक पूजा का मुहूर्त है और रात 8:17 बजे चंद्रोदय का अनुमान है। दूसरे शहरों में समय अलग हो सकता है, इसलिए व्रत खोलने से पहले अपने स्थानीय पंचांग से चंद्रदर्शन का समय जरूर जांच लें।




