केंद्र से जुड़े मामलों पर सुक्खू की दिल्ली में पैरवी, गडकरी-पाटिल और भूपेंद्र यादव से करेंगे मुलाकात

केंद्र से जुड़े मामलों पर सुक्खू की दिल्ली में पैरवी, गडकरी-पाटिल और भूपेंद्र यादव से करेंगे मुलाकात

शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सोमवार को दिल्ली रवाना होंगे। केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के लिए समय मिलने के बाद मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दिल्ली दौरे के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। पहले उनका दिल्ली दौरा 10 सितंबर से प्रस्तावित था, लेकिन अब वे सोमवार को ही राजधानी पहुंचकर केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे।

मुख्यमंत्री के इस दौरे में हिमाचल प्रदेश से जुड़े कई लंबित मुद्दों को केंद्र के समक्ष उठाए जाने की संभावना है। सुक्खू केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में प्रदेश की विकास परियोजनाओं, केंद्र से संबंधित मंजूरियों और विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित मामलों को जल्द आगे बढ़ाने का आग्रह किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रशासनिक और राजनीतिक, दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर जहां वह केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल के विकास से जुड़े मुद्दे रखेंगे, वहीं दूसरी ओर दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से संभावित मुलाकात के कारण प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।

गडकरी के सामने सड़क परियोजनाओं का मुद्दा

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ होने वाली बैठक को हिमाचल के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पहाड़ी राज्य होने के कारण सड़क और राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार हिमाचल की विकास व्यवस्था का प्रमुख आधार है।

बैठक में प्रदेश में चल रही विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति, राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े प्रस्तावों और केंद्र के स्तर पर लंबित स्वीकृतियों को लेकर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा जिन परियोजनाओं के लिए वित्तीय मंजूरी अथवा अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता है, उनके मामलों को भी मुख्यमंत्री केंद्रीय मंत्री के समक्ष रख सकते हैं।

हिमाचल में कई इलाकों के लिए बेहतर सड़क संपर्क पर्यटन, कृषि, बागवानी और स्थानीय कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में सड़क परियोजनाओं को गति देने के लिए केंद्र से सहयोग हासिल करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।

मुख्यमंत्री गडकरी के समक्ष उन परियोजनाओं का भी मुद्दा उठा सकते हैं, जिनमें प्रशासनिक अथवा वित्तीय स्तर पर मंजूरी की प्रक्रिया लंबित है। प्रदेश सरकार की कोशिश रहेगी कि केंद्रीय स्तर पर लंबित मामलों को जल्द निपटाकर जमीन पर काम को आगे बढ़ाया जा सके।

जल शक्ति मंत्री से भी होगी अहम बातचीत

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से भी मुलाकात करेंगे। इस बैठक में हिमाचल से संबंधित जल संसाधन और पेयजल से जुड़े मामलों पर चर्चा संभव है।

पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल में जल संसाधनों का प्रबंधन कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है। राज्य में जल संरक्षण, पेयजल आपूर्ति, सिंचाई और विभिन्न जल परियोजनाओं से जुड़े मामलों को केंद्र से सहयोग की आवश्यकता रहती है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री प्रदेश की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को केंद्र से समर्थन और आवश्यक मंजूरी दिलाने का आग्रह कर सकते हैं। इसके साथ ही केंद्र और राज्य के बीच लंबित मामलों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की जा सकती है।

पर्यावरणीय मंजूरियों पर भी नजर

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ प्रस्तावित मुलाकात भी हिमाचल के लिए महत्वपूर्ण होगी। राज्य में सड़क, जलविद्युत, पर्यटन और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं से जुड़े कई मामलों में पर्यावरण एवं वन संबंधी मंजूरियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री इस बैठक में हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न परियोजनाओं के लिए आवश्यक मंजूरियों और प्रक्रियाओं को गति देने का मुद्दा उठा सकते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण संरक्षण और परियोजनाओं की जरूरत के बीच संतुलन बनाना राज्य सरकार के सामने लगातार चुनौती रहा है।

सुक्खू केंद्र से संबंधित ऐसे मामलों को जल्द आगे बढ़ाने का आग्रह कर सकते हैं, जिनका प्रदेश के विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ता है।

राजनीतिक मुलाकातों को लेकर भी अटकलें

मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से संभावित मुलाकात है। हालांकि इस संबंध में औपचारिक कार्यक्रम सामने नहीं आया है, लेकिन दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री के पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मिलने की संभावना जताई जा रही है।

यदि कांग्रेस नेतृत्व के साथ बैठक होती है तो इसमें हिमाचल प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। प्रदेश में सरकार के कामकाज, संगठन और आगामी राजनीतिक रणनीति से संबंधित विषयों को लेकर पार्टी स्तर पर विचार-विमर्श संभव है।

मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा ऐसे समय हो रहा है जब प्रदेश की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी लगातार चर्चा बनी हुई है। लंबे समय से संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग कयास लगाए जाते रहे हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार पर आलाकमान की मंजूरी की चर्चा

सुक्खू के दिल्ली दौरे के साथ मंत्रिमंडल विस्तार का मुद्दा भी फिर चर्चा में आ गया है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री कांग्रेस हाईकमान के साथ इस विषय पर चर्चा कर सकते हैं।

राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल या नए चेहरों को शामिल करने को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श के बाद ही होने की संभावना है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री की संभावित राजनीतिक मुलाकातों को इस दृष्टि से भी देखा जा रहा है।

राजनीतिक सूत्रों के बीच यह चर्चा है कि मुख्यमंत्री दिल्ली से लौटने से पहले मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पार्टी नेतृत्व की सहमति हासिल कर सकते हैं। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

पिछला दिल्ली दौरा भी रहा था चर्चा में

मुख्यमंत्री सुक्खू का पिछला दिल्ली दौरा भी राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा में रहा था। ऐसे में इस बार फिर केंद्रीय मंत्रियों और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ संभावित मुलाकातों ने राजनीतिक हलकों में दिलचस्पी बढ़ा दी है।

सरकार की ओर से जहां इस दौरे को मुख्य रूप से हिमाचल के लंबित मामलों को केंद्र के सामने रखने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है, वहीं राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे प्रदेश संगठन और सरकार से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों के संदर्भ में भी देख रहे हैं।

केंद्र से सहयोग बढ़ाने की कोशिश

हिमाचल सरकार लगातार केंद्र के समक्ष राज्य से जुड़े विकास और वित्तीय मामलों को उठाती रही है। प्राकृतिक आपदाओं, पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के कारण राज्य सरकार के लिए केंद्र से वित्तीय और प्रशासनिक सहयोग महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री की केंद्रीय मंत्रियों के साथ होने वाली बैठकों में इसी सहयोग को और मजबूत करने पर जोर रहने की संभावना है। विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी दिलाने और पहले से लंबित प्रस्तावों को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय बढ़ाने का प्रयास कर सकते हैं।

विशेषकर सड़क संपर्क, जल संसाधन और पर्यावरणीय मंजूरियों से जुड़े मामले हिमाचल के लिए सीधे तौर पर विकास से जुड़े हुए हैं। इसलिए सोमवार की बैठकों के परिणाम राज्य सरकार के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

दिल्ली दौरे से कई मोर्चों पर साधेंगे निशाना

कुल मिलाकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का दिल्ली दौरा कई स्तरों पर अहम रहने वाला है। केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठकों में हिमाचल के लंबित विकास कार्यों और केंद्र से संबंधित मुद्दों पर चर्चा होगी, जबकि कांग्रेस नेतृत्व से संभावित मुलाकात प्रदेश की राजनीतिक दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है।

गडकरी के साथ सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं, सीआर पाटिल के साथ जल क्षेत्र से जुड़े मामले और भूपेंद्र यादव के साथ पर्यावरण एवं वन मंजूरियों से संबंधित विषय प्रमुख एजेंडे में रह सकते हैं। इसके अलावा पार्टी नेतृत्व के साथ बैठक होने की स्थिति में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं।

ऐसे में सोमवार से शुरू होने वाला मुख्यमंत्री का दिल्ली प्रवास केवल केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठकों तक सीमित नहीं रहने वाला है। प्रशासनिक मुद्दों के साथ प्रदेश की राजनीति से जुड़े संभावित फैसलों पर भी इस दौरे के दौरान नजर रहेगी।