चंडीगढ़ के डड्डूमाजरा स्थित कचरा डंपिंग साइट को लेकर नगर निगम ने अब सख्त रुख अपना लिया है। सोमवार को चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने डंपिंग ग्राउंड का निरीक्षण किया और वहां चल रहे सफाई एवं बायो-माइनिंग कार्य की प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि साइट पर जमा पुराने कचरे को 30 अप्रैल 2026 तक पूरी तरह हटाया जाए।
मेयर के साथ नगर निगम के चीफ इंजीनियर संजय अरोड़ा समेत कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उन्हें डंपिंग साइट पर चल रहे कार्यों की स्थिति के बारे में जानकारी दी। मेयर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से काम की गति, मशीनों की उपलब्धता और कचरा निस्तारण प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड लंबे समय से चंडीगढ़ के लिए एक बड़ी पर्यावरणीय चुनौती बना हुआ है। यहां जमा पुराने कचरे के कारण आसपास रहने वाले लोगों को बदबू, प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए नगर निगम पुराने कचरे के निपटारे के लिए बायो-माइनिंग प्रक्रिया पर काम कर रहा है।
बायो-माइनिंग कार्य की धीमी गति पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान मेयर सौरभ जोशी ने डंपिंग साइट पर चल रहे बायो-माइनिंग कार्य की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि काम की रफ्तार अपेक्षित स्तर पर नहीं है। इस पर उन्होंने अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए कहा कि सफाई कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि डड्डूमाजरा क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से कचरे के कारण होने वाली परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में नगर निगम की जिम्मेदारी है कि इस समस्या का स्थायी समाधान जल्द से जल्द किया जाए।
मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बायो-माइनिंग कार्य को तेज गति से पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार निगरानी जरूरी है।
30 अप्रैल 2026 तक पुराने कचरे को हटाने का लक्ष्य
नगर निगम ने डड्डूमाजरा डंपिंग साइट से पुराने कचरे को हटाने के लिए समय सीमा तय की है। मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर हाल में 30 अप्रैल 2026 तक पुराने कचरे का निपटारा पूरा किया जाए।
पुराना कचरा यानी लिगेसी वेस्ट लंबे समय से जमा हुआ कचरा होता है, जिसे सामान्य तरीके से हटाना संभव नहीं होता। इसके लिए वैज्ञानिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। बायो-माइनिंग प्रक्रिया के माध्यम से कचरे को अलग-अलग हिस्सों में बांटा जाता है और उपयोगी सामग्री को अलग करके बाकी अवशेषों का सुरक्षित निपटान किया जाता है।
मेयर ने कहा कि इस प्रक्रिया को तय समय के अनुसार पूरा करना जरूरी है ताकि शहर को लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से राहत मिल सके।
24 घंटे काम करने और संसाधन बढ़ाने के निर्देश
मेयर ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई कार्य में तेजी लाने के लिए जरूरत के अनुसार अतिरिक्त मशीनरी और कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि काम की गति बढ़ाने के लिए 24 घंटे कार्य करने की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल काम पूरा करना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पूरा कार्य वैज्ञानिक तरीके और पर्यावरणीय मानकों के अनुसार हो।
डंपिंग साइट की सफाई के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना भी जरूरी है। मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर्मचारियों की सुरक्षा, मशीनों का सही उपयोग और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी मानकों को ध्यान में रखा जाए।
डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड क्यों बना बड़ी समस्या?
डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड चंडीगढ़ की प्रमुख कचरा प्रबंधन चुनौतियों में से एक रहा है। वर्षों से यहां बड़ी मात्रा में कचरा जमा होता रहा, जिसके कारण आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।
कचरे के ढेर से निकलने वाली दुर्गंध, हवा की गुणवत्ता पर असर और संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर स्थानीय निवासी कई बार चिंता जता चुके हैं। मानसून के दौरान भी यहां जमा कचरे के कारण समस्याएं बढ़ने की संभावना रहती है।
इसी वजह से नगर निगम ने पुराने कचरे को हटाने और क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए बायो-माइनिंग परियोजना शुरू की है।
पर्यावरण संरक्षण पर नगर निगम का जोर
मेयर सौरभ जोशी ने निरीक्षण के दौरान साफ किया कि डड्डूमाजरा डंपिंग साइट की सफाई केवल कचरा हटाने का कार्य नहीं है, बल्कि यह शहर के पर्यावरण और नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई कार्य में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कचरे के निपटारे से पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन करने से न केवल डंपिंग साइट का बोझ कम होगा, बल्कि भविष्य में शहर में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।
अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने के निर्देश
मेयर ने अधिकारियों से कहा कि परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और काम में आने वाली किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कार्य की स्थिति की लगातार रिपोर्ट तैयार की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बायो-माइनिंग कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।
डड्डूमाजरा की सफाई नगर निगम की प्राथमिकता
चंडीगढ़ नगर निगम ने डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड की समस्या को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है। मेयर ने दोहराया कि इस परियोजना में किसी भी प्रकार की देरी शहर के हित में नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि शहरवासियों को बेहतर और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना नगर निगम की जिम्मेदारी है। इसलिए पुराने कचरे को हटाने और डंपिंग साइट को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड की सफाई पूरी होने से आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम अब तय समय सीमा के अनुसार काम पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की तैयारी में है।




