डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड पर खर्च का पूरा हिसाब आज सदन में, बायोरेमेडिएशन पर 101 करोड़ रुपये से अधिक व्यय का ब्योरा होगा पेश

डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड पर खर्च का पूरा हिसाब आज सदन में, बायोरेमेडिएशन पर 101 करोड़ रुपये से अधिक व्यय का ब्योरा होगा पेश

चंडीगढ़: शहर के डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड में वर्षों से जमा पुराने कचरे के निस्तारण पर हुए खर्च को लेकर उठे सवालों के बीच नगर निगम सोमवार को होने वाली जनरल हाउस बैठक में विस्तृत जानकारी साझा करेगा। निगम प्रशासन सदन के समक्ष बायोरेमेडिएशन परियोजना पर पिछले पांच वर्षों में किए गए व्यय का पूरा विवरण रखेगा, ताकि पार्षदों द्वारा उठाए गए सवालों का औपचारिक जवाब दिया जा सके।

नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड से पुराने कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और बायोरेमेडिएशन कार्य पर अब तक 101 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है। यह जानकारी अप्रैल में हुई निगम सदन की बैठक के दौरान पार्षदों द्वारा मांगे गए खर्च के ब्यौरे के जवाब में तैयार की गई है, जिसे अब सोमवार की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।

निगम प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस परियोजना के तहत विभिन्न एजेंसियों को भुगतान किया गया है। इनमें एम/एस एसएमबी लिमिटेड को 33.98 करोड़ रुपये, एम/एस आकांक्षा एंटरप्राइजेज को 64 करोड़ रुपये, एम/एस ब्रेथवेट बर्न एंड जेसप कंस्ट्रक्शन लिमिटेड को 2.11 करोड़ रुपये तथा एम/एस हिंदुस्तान स्टील वर्क्स कंस्ट्रक्शन लिमिटेड को 1.44 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इन सभी भुगतानों को मिलाकर कुल खर्च 101 करोड़ रुपये से अधिक पहुंचता है।

डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड का मुद्दा पिछले कई वर्षों से शहर की सबसे बड़ी पर्यावरणीय और नागरिक समस्याओं में शामिल रहा है। यहां जमा लाखों टन पुराने कचरे को हटाने और उसका वैज्ञानिक निस्तारण करने के लिए नगर निगम ने बायोरेमेडिएशन प्रक्रिया अपनाई है। इस तकनीक के माध्यम से पुराने कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर उसके पुनर्चक्रण और सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया अपनाई जाती है। निगम का दावा है कि इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है, हालांकि परियोजना की गति और परिणामों को लेकर समय-समय पर सवाल भी उठते रहे हैं।

दरअसल, 30 अप्रैल को हुई नगर निगम की जनरल हाउस बैठक के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से उठा था। बैठक में आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने डंपिंग ग्राउंड पर किए जा रहे कार्यों और उस पर हुए खर्च को लेकर निगम प्रशासन को घेरा था। विपक्ष का आरोप था कि कचरा हटाने के नाम पर बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद डंपिंग ग्राउंड में अभी भी भारी मात्रा में पुराना कचरा मौजूद है, जिससे परियोजना की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े होते हैं।

आप पार्षदों ने दावा किया था कि डंपिंग ग्राउंड से कचरा हटाने की प्रक्रिया पर अब तक 200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। उनका कहना था कि यदि इतनी बड़ी राशि खर्च हो चुकी है तो जमीनी स्तर पर उसके अनुरूप परिणाम दिखाई देने चाहिए थे। पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि परियोजना की प्रगति अपेक्षित स्तर की नहीं है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

पूर्व मेयर कुलदीप कुमार सहित आम आदमी पार्टी के कई पार्षदों ने निगम सदन में इस विषय पर विस्तृत चर्चा की मांग की थी। उन्होंने कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कराने और पूरे प्रोजेक्ट का स्वतंत्र ऑडिट कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया था। विपक्ष का कहना था कि सार्वजनिक धन के उपयोग में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और परियोजना से जुड़े सभी खर्चों का स्पष्ट विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

इसी बहस के दौरान पार्षदों ने निगम प्रशासन से बायोरेमेडिएशन परियोजना पर अब तक हुए कुल व्यय का विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसके बाद नगर निगम ने विभिन्न एजेंसियों को किए गए भुगतान और परियोजना पर हुए कुल खर्च का संकलित विवरण तैयार किया, जिसे अब सोमवार को होने वाली जनरल हाउस बैठक में सदन के समक्ष रखा जाएगा।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि सदन में प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज में परियोजना के तहत विभिन्न कंपनियों को किए गए भुगतानों का स्पष्ट विवरण होगा। इससे पार्षदों को यह जानकारी मिलेगी कि बायोरेमेडिएशन कार्य के लिए किन एजेंसियों को कितनी राशि जारी की गई और कुल मिलाकर परियोजना पर कितना व्यय हुआ।

माना जा रहा है कि सोमवार की बैठक में यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन सकता है। विपक्षी पार्षद खर्च के साथ-साथ परियोजना की प्रगति, कार्य की गुणवत्ता और डंपिंग ग्राउंड में अब तक हटाए गए कचरे की वास्तविक मात्रा जैसे मुद्दों पर भी निगम प्रशासन से जवाब मांग सकते हैं। वहीं निगम प्रशासन अपने रिकॉर्ड और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर परियोजना की प्रगति तथा खर्च का पक्ष सदन के सामने रखने की तैयारी में है।

डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड से जुड़े इस मामले पर नगर निगम की बैठक में होने वाली चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह शहर के पर्यावरण, स्वच्छता और सार्वजनिक धन के उपयोग से जुड़ा एक बड़ा विषय है। ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि निगम प्रशासन सदन में किस प्रकार का विस्तृत जवाब देता है और पार्षदों की ओर से उठाए गए सवालों पर क्या स्थिति स्पष्ट की जाती है।