पंजाब के लुधियाना में पुलिस ने एक पुराने मामले की जांच को फिर से सक्रिय कर दिया है। यह मामला सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को कथित धमकी देने से जुड़ा हुआ है। पुलिस अब इस मामले में इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी हत्याकांड से जुड़े मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों को प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमृतपाल सिंह मेहरों फिलहाल बठिंडा में मौजूद है। लुधियाना पुलिस अदालत की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे अपने कब्जे में लेकर पूछताछ करना चाहती है। पुलिस का उद्देश्य पुराने मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करना और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करना है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आरोपी का नाम पहले से ही एक चर्चित हत्याकांड से जुड़ा हुआ है। ऐसे में पुलिस अब उसके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों की भी जांच कर रही है, ताकि सभी मामलों में तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।
2022 में दर्ज हुआ था धमकी और हथियार प्रदर्शन का मामला
जानकारी के अनुसार, यह केस साल 2022 में थाना डिवीजन नंबर-5 में दर्ज एफआईआर से संबंधित है। पुलिस ने यह मामला एक ऑनलाइन इंटरव्यू और सोशल मीडिया पर सामने आई वीडियो सामग्री के आधार पर दर्ज किया था।
पुलिस जांच में यह सामने आया था कि कुछ ऑनलाइन गतिविधियों और वीडियो बयानों में कथित रूप से आपत्तिजनक बातें कही गई थीं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन को लेकर भी शिकायत दर्ज की गई थी।
उस समय पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी और संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई थी। अब आरोपी के एक अन्य गंभीर मामले में नाम सामने आने के बाद पुलिस ने इस पुराने केस की जांच को दोबारा आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
राजा वड़िंग को कथित धमकी देने से जुड़ा मामला
पुलिस के अनुसार, यह मामला पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को कथित धमकी देने से जुड़ा हुआ है। शिकायत के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सामग्री और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू की थी।
आज के समय में सोशल मीडिया पर दिए गए बयान भी कानूनी जांच का हिस्सा बन सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति द्वारा इंटरनेट मीडिया के माध्यम से धमकी, डराने या कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधि की जाती है, तो पुलिस डिजिटल सबूतों के आधार पर कार्रवाई कर सकती है।
इस मामले में भी पुलिस ने ऑनलाइन वीडियो, इंटरव्यू और अन्य सामग्री को जांच का हिस्सा बनाया है। अब आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस मामले से जुड़े नए तथ्यों को सामने लाने की कोशिश करेगी।
प्रोडक्शन वारंट के जरिए लाया जाएगा आरोपी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अमृतपाल सिंह मेहरों को लुधियाना लाने के लिए प्रोडक्शन वारंट की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। प्रोडक्शन वारंट एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसके तहत किसी अन्य मामले में पहले से हिरासत में मौजूद आरोपी को दूसरे केस की जांच के लिए अदालत की अनुमति से लाया जाता है।
इस प्रक्रिया के तहत पुलिस को न्यायालय से अनुमति लेनी होती है और सभी कानूनी नियमों का पालन करना पड़ता है। लुधियाना पुलिस भी इसी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है।
पुलिस आरोपी से पुराने केस से जुड़े सवालों के जवाब हासिल करने, डिजिटल रिकॉर्ड की पुष्टि करने और मामले के अन्य पहलुओं को समझने का प्रयास करेगी।
अदालत पहले ही जारी कर चुकी है गिरफ्तारी वारंट
मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में अदालत की ओर से पहले ही गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा चुके हैं। पुलिस अब अदालत के आदेशों के अनुसार आरोपी को पेश करने और आगे की जांच की तैयारी कर रही है।
किसी भी आपराधिक मामले में पुलिस कार्रवाई के लिए न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होता है। जांच एजेंसी को आरोपी से पूछताछ, सबूतों की जांच और आगे की कार्रवाई के लिए कानूनी अनुमति लेनी होती है।
इस मामले में भी पुलिस सभी जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही आगे कदम उठा रही है।
कमल कौर भाभी हत्याकांड से जुड़ा आरोपी
अमृतपाल सिंह मेहरों का नाम इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी हत्याकांड में मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था। इस मामले के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया था।
अब पुलिस उसके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों को भी खंगाल रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पुराने मामलों और वर्तमान जांच के बीच कोई अन्य महत्वपूर्ण तथ्य जुड़े हुए हैं।
पुलिस अलग-अलग मामलों में आरोपी की भूमिका, संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।
सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन को लेकर पुलिस सख्त
पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन के मामले बढ़े हैं। पुलिस ऐसे मामलों को गंभीरता से लेती है क्योंकि इस तरह की गतिविधियां समाज में भय का माहौल पैदा कर सकती हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो और पोस्ट को पुलिस डिजिटल सबूत के रूप में इस्तेमाल करती है। जांच के दौरान वीडियो की प्रमाणिकता, उसे पोस्ट करने वाले व्यक्ति और उसके उद्देश्य की जांच की जाती है।
लुधियाना पुलिस भी इस मामले में सोशल मीडिया सामग्री की जांच कर रही है और आरोपी से संबंधित सभी डिजिटल रिकॉर्ड को खंगाल रही है।
जांच के दौरान सामने आ सकते हैं नए तथ्य
अमृतपाल सिंह मेहरों को लुधियाना लाने के बाद पुलिस उससे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ कर सकती है। इसमें सोशल मीडिया गतिविधियां, पुराने बयान, वीडियो सामग्री और शिकायत से जुड़े अन्य पहलू शामिल हो सकते हैं।
पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई तय करेगी। यदि जांच में कोई नए तथ्य सामने आते हैं तो पुलिस उसके आधार पर संबंधित कदम उठा सकती है।
इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।
लुधियाना पुलिस की जांच पर टिकी नजर
पुराने धमकी मामले में पुलिस की नई कार्रवाई के बाद अब इस केस पर लोगों की नजर बनी हुई है। पुलिस एक ओर अदालत की प्रक्रिया का पालन कर रही है, वहीं दूसरी ओर उपलब्ध सबूतों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।
अमृतपाल सिंह मेहरों से पूछताछ के बाद ही इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच को गंभीरता से आगे बढ़ा रही है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए कार्रवाई कर रही है।




