नर्सों की यूनिफॉर्म पर कंगना रनौत की राय, बोलीं- वक्त के साथ भारतीय पहचान भी झलकनी चाहिए

नर्सों की यूनिफॉर्म पर कंगना रनौत की राय, बोलीं- वक्त के साथ भारतीय पहचान भी झलकनी चाहिए

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने नर्सों की यूनिफॉर्म और उसके डिजाइन को लेकर अपनी राय साझा की है, जिसके बाद सोशल मीडिया और आम चर्चा में एक नई बहस शुरू हो गई है।

कंगना रनौत इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं, जिसमें वह एक स्टाफ नर्स की भूमिका निभा रही हैं। फिल्म से जुड़े एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने नर्सों के ड्रेस कोड, उनके पेशे की भूमिका और यूनिफॉर्म के ऐतिहासिक पहलुओं पर विस्तार से बात की।

नर्सों की यूनिफॉर्म को लेकर क्या कहा कंगना ने?

कंगना रनौत ने अपने बयान में कहा कि भारत में नर्सों की यूनिफॉर्म आज भी काफी हद तक ब्रिटिश काल की परंपराओं से प्रभावित दिखाई देती है। उनके अनुसार, समय के साथ इसमें बदलाव की आवश्यकता पर विचार किया जा सकता है ताकि इसमें भारतीय संस्कृति और स्थानीय परिस्थितियों की झलक शामिल हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टरों के पास कई मामलों में ड्रेस को लेकर विकल्प होते हैं, जबकि नर्सों की यूनिफॉर्म लंबे समय से लगभग एक जैसी बनी हुई है। कंगना के अनुसार, जलवायु और कार्य परिस्थितियों को देखते हुए यूनिफॉर्म में सुधार की संभावनाएं हो सकती हैं।

सेवा भावना को बताया सबसे महत्वपूर्ण

हालांकि, कंगना रनौत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी पेशे की पहचान केवल उसकी यूनिफॉर्म नहीं होती, बल्कि उस पेशे से जुड़ी जिम्मेदारी और सेवा भावना सबसे महत्वपूर्ण होती है।

उन्होंने कहा कि नर्सें स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ होती हैं और मरीजों की देखभाल में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका समर्पण और सेवा भाव ही उन्हें समाज में एक विशेष स्थान दिलाता है।

फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ से जुड़ा संदर्भ

कंगना की यह टिप्पणी उनकी आने वाली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ से जुड़ी है, जिसमें वे एक नर्स का किरदार निभा रही हैं। यह फिल्म उन लोगों की कहानी पर आधारित बताई जा रही है, जो समाज की सेवा में पर्दे के पीछे रहकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है और इसके प्रमोशन के दौरान कंगना लगातार अपने किरदार और उससे जुड़े सामाजिक पहलुओं पर चर्चा कर रही हैं।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

कंगना रनौत के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग उनके विचारों से सहमत हैं और मानते हैं कि स्थानीय संस्कृति और जलवायु के अनुसार यूनिफॉर्म में बदलाव पर चर्चा होनी चाहिए।

वहीं, कई यूजर्स का कहना है कि नर्सों की यूनिफॉर्म एक वैश्विक मानक का हिस्सा है और इसे बदलने की बहस जरूरी नहीं है। उनका मानना है कि इस मुद्दे से ज्यादा ध्यान स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सुविधाओं पर होना चाहिए।

विशेषज्ञों की राय

स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी यूनिफॉर्म का उद्देश्य कार्य में सुविधा, स्वच्छता और पहचान सुनिश्चित करना होता है। ऐसे में किसी भी बदलाव पर निर्णय लेते समय व्यावहारिक जरूरतों और अंतरराष्ट्रीय मानकों को भी ध्यान में रखना आवश्यक होता है।

कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यूनिफॉर्म में छोटे बदलाव किए जा सकते हैं, लेकिन इसकी मूल पहचान और कार्यात्मकता को बनाए रखना जरूरी है।